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विपक्ष का पॉल्यूशन पर प्रदर्शन, बैनर पर मोदी की तस्वीर: लिखा- मौसम का मजा लीजिए;विपक्षी सांसदों की मांग- प्रदूषण पर चर्चा हो

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विपक्ष का पॉल्यूशन पर प्रदर्शन, बैनर पर मोदी की तस्वीर:  लिखा- मौसम का मजा लीजिए;विपक्षी सांसदों की मांग- प्रदूषण पर चर्चा हो

विपक्ष का पॉल्यूशन पर प्रदर्शन, बैनर पर मोदी की तस्वीर: लिखा- मौसम का मजा लीजिए;विपक्षी सांसदों की मांग- प्रदूषण पर चर्चा हो

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नई दिल्ली1 मिनट पहले

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शीतकालीन सत्र के चौथे दिन विपक्षी नेताओं ने दिल्ली के एयर पॉल्यूशन को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

संसद के शीतकालीन सत्र का गुरुवार को चौथा दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद के मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों ने दिल्ली के एयर पॉल्यूशन के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। कई विपक्षी सांसद गैस मास्क पहनकर पहुंचे। सांसदों ने एयर पॉल्यूशन के मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग की है।

आज सदनों में कर सुधार, एक्साइज संशोधन, परमाणु ऊर्जा, आर्थिक सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। बुधवार को लोकसभा ने तंबाकू प्रोडक्ट और उनकी मैन्युफैक्चरिंग पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से जुड़े सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 को चर्चा के बाद पारित किया था

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वैष्णव बोले- फेक न्यूज और AI डीपफेक लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- लोकसभा में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि फेक न्यूज और एआई डीपफेक लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। सरकार फर्जी सूचना पर कार्रवाई के लिए नए कड़े नियम बना रही है। 36 घंटे में कंटेंट ‘टेकडाउन’ का नया नियम भी लागू किया गया है। संसदीय समिति की सिफारिशों के आधार पर नियमों को और मजबूत किया जाएगा। फ्रीडम ऑफ स्पीच और लोकतंत्र की सुरक्षा के बीच संतुलन रखते हुए कार्रवाई जारी रहेगी।

शीतकालीन सत्र में 10 नए बिल पेश होंगे

संसद के शीतकालीन सत्र में 10 नए बिल पेश होंगे। लोकसभा बुलेटिन में शनिवार (22 नवंबर) को इसकी जानकारी दी गई थी। इनमें सबसे अहम एटॉमिक एनर्जी बिल है, जिसके तहत पहली बार निजी कंपनियों (भारतीय और विदेशी) को न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है।

फिलहाल देश में सभी परमाणु संयंत्र सरकार के नियंत्रण वाली कंपनियां जैसे NPCIL ही बनाती और चलाती हैं। बिल पास होने पर निजी क्षेत्र को भी न्यूक्लियर पावर प्रोडक्शन में प्रवेश मिलेगा।

सत्र में आने वाला दूसरा बड़ा बिल ‘हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया’ बिल होगा। इसमें UGC, AICTE और NCTE जैसे अलग-अलग रेगुलेटरी संस्थानों को खत्म करके एक ही राष्ट्रीय कमीशन बनाने की योजना है। सरकार का कहना है कि इससे उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुगम और प्रभावी होगी।

अहम बिल जो पेश होंगे, उनसे क्या बदलाव

  • न्यूक्लियर सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव: लोकसभा बुलेटिन के अनुसार एटॉमिक एनर्जी बिल भारत में परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल, कंट्रोल एंड रेगुलेशन से जुड़े प्रावधानों को नया फ्रेमवर्क देगा। यह पहली बार होगा जब प्राइवेट कंपनियों को न्यूक्लियर क्षेत्र में एंट्री मिल सकेगी। अब प्राइवेट कंपनियां भी न्यूक्लियर पॉवर प्लांट लगा सकेंगी।
  • हॉयर एजुकेशन कमीशन बनाने वाला बिल भी तैयार: सरकार हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल भी पेश करेगी। इसका उद्देश्य कॉलेज और यूनिवर्सिटी को अधिक फ्रीडम देना और सिस्टम को पारदर्शी बनाना है। (UGC, AICTE, NCTE) को खत्म कर उन्हें एक ही कमीशन में जोड़ दिया जाएगा।
  • हाईवे भूमि अधिग्रहण तेज होगा: नेशनल हाईवे (संशोधन) बिल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज और अधिक पारदर्शी बनाएगा, ताकि नेशनल हाईवे प्रोजक्ट्स में देरी कम हो सके।
  • कंपनी कानून और LLP कानून में बदलाव: सरकार कॉर्पोरेट लॉ (संशोधन) बिल, 2025 लाने की तैयारी कर रही है। जो कंपनी अधिनियम 2013 और LLP अधिनियम 2008 में बदलाव कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और सरल करेगा।
  • सभी बाजार कानून एक बिल में: सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल, 2025 का उद्देश्य सेबी एक्ट, डिपॉजिटरीज एक्ट और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स एक्ट को मिलाकर एक सरल कानून तैयार करना है।
  • संविधान में संशोधन से जुड़ा बिल: संविधान में 131वां संशोधन करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इस बिल के तहत खासकर चंडीगढ़ यूनियन टेरेटरी को संविधान के आर्टिकल 240 के दायरे में लाया जाएगा। आर्टिकल 240 के तहत केंद्र सरकार केंद्रशासित प्रदेशों के लिए रेगुलेशन बना सकती है, जिन्हें कानून का दर्जा प्राप्त होता है।
  • कंपनियों के खिलाफ विवाद का जल्द निपटारा: कंपनियों और व्यक्तियों के बीच झगड़े अक्सर सालों कोर्ट में लटकते रहते हैं। ऑर्बिट्रेशन एंड कॉन्सीलिएशन (अमेंडमेंट) बिल, 2025 का उद्देश्य है कि मध्यस्थता फैसलों को चुनौती देने की प्रक्रिया सरल हो और झगड़ों का समाधान तेजी से हो सके।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग ला सकता है विपक्ष

संसद के शीतकालीन सत्र में I.N.D.I.A. ब्लॉक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग ला सकता है। मानसून सत्र के दौरान 18 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक हुई थी।

बैठक के बाद कांग्रेस, TMC, सपा, DMK, राजद समेत 8 विपक्षी दलों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा था- संसद के मौजूदा सत्र (मानसून सत्र) में 3 दिन बाकी हैं। महाभियोग लाने के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी है। CEC के रवैये को देखते हुए हम अगले सत्र (शीतकालीन सत्र) में नोटिस देंगे।

दरअसल राहुल गांधी चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप में अब तक तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस (4 नवंबर, 18 सितंबर, 7 अगस्त) कर चुके हैं। उन्होंने आयोग को मोदी सरकार की “B टीम” भी कहा था। भाजपा के साथ वोट चोरी करने का आरोप लगाया था।

जस्टिस वर्मा महाभियोग के तहत हटाए जा सकते हैं

कैश कांड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ संसद के इस सत्र में महाभियोग की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। मानसून सत्र में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश हुआ था, फिर सत्र के दौरान ही 12 अगस्त को लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने महाभियोग प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

स्पीकर ने जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी का ऐलान किया था। इसमें सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के 1-1 जज और 1 कानूनविद शामिल हैं। शीतकालीन सत्र में जांच समिति की अपनी रिपोर्ट रखेगी। अगर जस्टिस वर्मा पर आरोप साबित होते हैं तो संसद में वोटिंग के लिए महाभियोग प्रस्ताव पेश होगा।

प्रस्ताव के समर्थन में अगर दो तिहाई वोट पड़ेंगे तो प्रस्ताव पास हो जाएगा और राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए जाएगा। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि जांच समिति की रिपोर्ट में आरोप तय हुए तो जस्टिस वर्मा खुद इस्तीफा दे सकते हैं।

संसद के पहले दिन सरकार ने ये जानकारियां दी

केंद्र बोला- ईडी ने 12 साल में 6,312 केस दर्ज किए; लेकिन सजा 120 केस में हुई

  • केंद्र बोला- ईडी ने 12 साल में 6,312 केस दर्ज किए; लेकिन सजा 120 केस में हुईकेंद्र सरकार ने सोमवार को संसद को बताया गया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले 11 साल और 7 महीनों में कुल 6,312 मामले दर्ज किए हैं, लेकिन इनमें दोषसिद्धि केवल 120 मामलों में हुई है। यह दर्ज किए गए कुल मामलों का लगभग 0.01 प्रतिशत है।वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि 1 अगस्त, 2019 को पीएमएलए में संशोधन के बाद, ईडी उन मामलों में विशेष अदालत (पीएमएलए) के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करती है, जहां मनी-लॉन्ड्रिंग का अपराध नहीं बनता है।इस संशोधन के बाद 93 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। एक अन्य सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि विजय माल्या और नीरव मोदी समेत 15 लोगों को फरार आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है, जिन पर कुल मिलाकर बैंकों का 58,000 करोड़ रु. से ज्यादा बकाया है।
  • अदाणी समूह में एलआईसी का निवेश डेढ़ दशक में 24 गुना बढ़ासरकार ने सोमवार को संसद में एलआईसी के अदाणी समूह में निवेश समेत पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर में उसकी हिस्सेदारी का ब्यौरा पेश किया। सरकार ने लोकसभा में बताया कि 2007 तक 2,041 करोड़ रु. था जो सितंबर 2025 तक बढ़कर 48,294 करोड़ पर पहुंच गया।तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा और कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से लोकसभा में यह मुद्दा उठाया था। नियमों के मुताबिक इस पर सदन में भी सवाल पूछे जाने थे लेकिन व्यवधान के कारण ऐसा नहीं हो सका।लिखित उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि एलआईसी ने मई 2025 में अदाणी पोर्ट्स स्पेशल इकॉनोमिक जोन में 5,000 करोड़ रु का निवेश किया। यह बोर्ड की स्वीकृत नीतियों के तहत किया। वित्त मंत्री ने साफ किया कि एलआईसी के निवेश के मामले में वित्त मंत्रालय ने कोई निर्देश जारी नहीं किया। एलआईसी ने अपने फैसले मानकों के आधार पर खुद ही लिए हैं।
  • वित्त मंत्रालय के जवाब के अनुसार एलआईसी ने अकेले अदाणी पोर्ट्स एंड सेज में इक्विटी और डेट मिलाकर 2007 में निवेश 192 करोड़ रु. था जो 2025 में 15,306 करोड़ रु. तक पहुंच गया। यह करीब 8 गुना वृद्धि है।
  • पिछले 5 वर्षों में 2 लाख प्राइवेट कंपनियां बंद हुईं

सरकार ने लोकसभा को बताया है कि 5 साल में 2,04,268 प्राइवेट कंपनियां बंद हो गई हैं। कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक कंपनियां 2022-23 में (83,452) बंद हुईं, इसके बाद 2021-22 में 64,054 और 2023-24 में 21,181 कंपनियां बंद हुईं।

  • पराली जलाने की घटनाएं इस साल 90% कम हुई

पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा को बताया कि पंजाब और हरियाणा में 2025 के धान कटाई के मौसम के दौरान पराली जलाने की घटनाओं में 2022 की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है।

लाइव अपडेट्स

1 मिनट पहले

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संसद के दूसरे दिन संचार साथी एप पर विपक्षी सांसद का स्थगन प्रस्ताव

दूरसंचार विभाग का यह आदेश कि मोबाइल कंपनियां और आयातक ‘संचार साथी’ एप को फोन में पहले से इंस्टॉल करें और उसे हटाया भी न जा सके। यह लोगों की गोपनीयता पर सीधा हमला है।

रेणुका चौधरी ने आरोप लगाया कि ऐसा कदम निगरानी बढ़ाने का रास्ता खोलता है और इससे लोगों की हर गतिविधि, बातचीत और फैसले लगातार निगरानी में रहने का खतरा पैदा हो जाता है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए न पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं और न ही कोई संसदीय निगरानी।

15 मिनट पहले

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शीतकालीन सत्र के पहले और दूसरे दिन की कार्यवाही

1 दिसंबर- वित्त मंत्री ने 3 बिल पेश किए, मणिपुर GST बिल पास

संसद के शीतकालीन सत्र में पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में तीन बिल पेश किए, जिसमें से मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स बिल (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 बिल पास हुआ। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 और स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025 भी लोकसभा में पेश किए थे। पूरी खबर पढ़ें…

2 दिसंबर- सरकार ने SIR पर बहस के लिए अड़े विपक्ष को मनाया

चुनाव सुधार यानी SIR पर लोकसभा में 9 दिसंबर को चर्चा होगी। संसद में दो दिन से फौरन चर्चा पर अड़ा विपक्ष बहस के लिए मान गया है। मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता के. सुरेश ने बताया- 9 दिसंबर को इलेक्टोरल रिफॉर्म्स यानी चुनावी सुधारों पर 10 घंटे बहस होगी। साथ ही उन्होंने कहा- एक दिन पहले 8 दिसंबर को वंदे मातरम् पर चर्चा होगी। इसके लिए भी 10 घंटे का समय तय किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

3 दिसंबर- PM मोदी बंगाल के भाजपा सांसदों से मिले, कहा- विधानसभा चुनाव जीतना है

संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 11 बजे दोनों सदनों की कार्यवाही से पहले संसद परिसर में पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों से मुलाकात की। उन्होंने सांसदों से कहा कि राज्य के मौजूदा हालात को लेकर जनता से बातचीत की जरूरत है। PM ने कहा- जमीनी स्तर पर जो कुछ हो रहा है, उसका कड़ा विरोध करना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…

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