विधानसभा में ‘दादी’ शब्द विवाद पर बोले हरीश चौधरी: बोले- ‘नागपुर से यही संस्कार मिले हैं इनको, चुनाव के दौरान जनता जवाब देगी’ – Jaisalmer News h3>
जैसलमेर। हरीश चौधरी के साथ एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ व पूर्व मंत्री शाले मोहम्मद।
विधानसभा में इन्दिरा गांधी को मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा आपकी दादी शब्द बोलने के मामले में कांग्रेस नेता हरीश चौधरी का बयान सामने आया है। हरीश चौधरी ने इस तरह के शब्द बोलने वालों पर तंज़ कसते हुए कहा कि ये संस्कार और शब्दावली है इनकी। ये संस्कार इनको
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ये बायोलॉजिकल और नॉन बायोलॉजिकल शब्द इनकी ही डिक्शनरी के हैं। किसी के भी परिवार के सदस्य पर इस तरह के शब्द व भाषा का प्रयोग कहां तक उचित है। हरीश चौधरी ने बताया कि जब मतदान होंगे तब जनता इनकी शब्दावली का जवाब वहां देगी।
जैसलमेर में हरीश चौधरी का स्वागत करते समर्थक।
गौरतलब है कि विधानसभा में शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के नाम पर टिप्पणी पर जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल में सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत एक प्रश्न का जवाब देते हुए बोले कि 2023-24 या पिछले बजटों में हर बार आपकी दादी इंदिरा गांधी के नाम योजनाएं रखी गईं। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भड़क गए और कहा कि आपकी दादी क्या होता है? मंत्री हैं या कोई बवाल। ऐसे पूर्व प्रधानमंत्री के लिए कैसे बोल सकते हैं? गोविंदसिंह डोटासरा बोले कि सदन चलाना है तो इस शब्द को कार्यवाही से हटाना पड़ेगा। लेकिन, स्पीकर वासुदेव देवनानी ने यह कहते मना कर दिया कि यह कोई असंसदीय शब्द नहीं है।
कांग्रेसियों को किया निलंबित
इस दौरान कई विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और हंगामा किया। डोटासरा सहित अन्य विधायक स्पीकर आसन की तरफ आ गए। इस पर स्पीकर ने सदन में मार्शल बुला लिए। कांग्रेस विधायक और मार्शलों में जोरदार भिड़ंत हुई। तीन बार सदन स्थगित हुआ। हंगामा नहीं रुका तो मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कांग्रेसी सदस्यों के निलंबन का प्रस्ताव रखा। इस पर स्पीकर ने डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन गैसावत, हाकम अली खान और संजय कुमार को बजट सत्र की बची हुई अवधि के लिए निलंबित कर दिया। इसके बाद कांग्रेसी विधायक धरने पर बैठ गए हैं।
जनता चुनावों में जवाब देगी
इस विवाद में बायतु विधायक व कांग्रेसी नेता हरीश चौधरी ने कहा कि निलंबन आदि करना उनका अधिकार है मगर इस तरह कि भाषा का विधानसभा में प्रयोग करना बेहद ही गलत है। जनता इसका जवाब देगी और चुनावों में मतदान के द्वारा जनता इनको सही जवाब देगी। विधानसभा में इस तरह कि भाषा का प्रयोग करके ये लोग अपने संस्कार बता रहे हैं। ऐसे शब्द किसी के भी परिवार के बारे में बोलना सरासर गलत है।