लुधियाना में मूसलाधार बारिश: सड़कों पर जलभराव, सतलुज खतरे ओवरफ्लो,बुड्डा दरिया का जल स्तर – Ludhiana News h3>
बुड्डा दरिया में डिस्पोजल पंप से पानी की निकासी का चल रहा काम।
पंजाब के लुधियाना में बीती रात से मूसलाधार बारिश जारी है। आज सुबह करीब कुछ समय के लिए बारिश रुकी लेकिन फिर से बूंदा-बांदी अब शुरू हो गई है। शहर के सभी बाजारों में जलभराव हो गया है। वहीं सतलुज दरिया भी बीते कल से ओवरफ्लो चल रहा है।
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धुस्सी बांध और ससराली कालोनी के लोग पिछले 4 दिनों से बांध पर ही रात बिता रहे है। ससराली बांध भी काफी नाजुक हो चुका है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार शहर के सभी बांधों पर नजर जमाए है।
पावरकाम की बात की जाए तो बारिश के कारण 15 से अधिक फीडर खराब है जिनकी मरम्मत की जा रही है। 150 से अधिक ट्रांसफॉर्मर जल चुके है। बिजली विभाग का भी करोड़ों का नुकसान हो चुका है।
गांव ससराली में सतलुज दरिया के बांध पर खड़े ग्रामीण।
निगम की लापरवाही के कारण डूबा शहर
मॉनसून के आगमन की जानकारी होने के बावजूद नगर निगम गंदा नाला और सीवर लाइनों की सफाई करने में विफल रहा है। अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है कि आज पूरा शहर पानी में डूबा हुआ है। पिछले दो दिनों की लगातार बारिश ने कई इलाकों में भारी जलभराव और लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं।
बुड्डा नाला के आस-पास की गलियों में भरा पानी।
बुड्डा नाला और गंदा नाला के ओवरफ्लो होने से कई निचले इलाकों में घरों में पानी भर गया, जिससे फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान खराब हो गए। ढोक्का मोहल्ला, महाराजा रणजीत पार्क, कोट मंगल सिंह नगर और धर्मपुरा जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है।
खासतौर पर गंदा नाले से निकलने वाला काला और बदबूदार पानी, जिसमें औद्योगिक कचरा मिला हुआ है, लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।
शिवा जी नगर नाले के नजदीक गलियों में भरा पानी।
निवासियों का दर्द: वादे अधूरे, समस्याएं बरकरार
महाराजा रणजीत पार्क के निवासी अनिल कुमार ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा-2 साल पहले गंदा नाले के ओवरफ्लो से हमें करीब ₹1.5 लाख का नुकसान हुआ था। उस समय हमारे क्षेत्र के विधायक अशोक प्रशार पप्पी ने मुआवजे और स्थायी समाधान का वादा किया था। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
इस साल फिर वही समस्या हो रही है। काले और चिपचिपे पानी ने हमारे घरों को रहने लायक नहीं छोड़ा है। फर्नीचर खराब हो गया है, और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण काम नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों ने मॉनसून के पहले कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए।
कोट मंगल सिंह नगर में सीवर जाम की समस्या
कोट मंगल सिंह नगर के निवासी अनिकेत वर्मा ने खराब सीवर व्यवस्था को जलभराव का कारण बताया। उन्होंने कहा कि सीवर लाइन महीनों से जाम है। हर मॉनसून में हमें यह समस्या झेलनी पड़ती है, लेकिन इस बार हालात और खराब हैं। मेरा फ्रिज और वॉशिंग मशीन खराब हो गए हैं। अधिकारी सिर्फ निरीक्षण के लिए आते हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाते। यह सिर्फ बारिश का पानी नहीं है, बल्कि सीवर का गंदा पानी हमारे घरों में घुस रहा है।
स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि जलभराव के दौरान नगर निगम के अधिकारियों की प्रतिक्रिया बेहद धीमी है । कई कॉल और शिकायतों के बावजूद मदद नहीं पहुंची। लोगों को बाल्टियों से पानी निकालकर रात गुजारनी पड़ी।
हर साल मॉनसून में बुड्डा नाला और गंदा नाला के ओवरफ्लो की समस्या अब एक नियमित समस्या बन गई है। स्थानीय निवासी अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
नगर निगम का दावा
वहीं, नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने प्रभावित इलाकों में टीमें तैनात की हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं और नालों की सफाई का काम जारी है। लेकिन निवासियों का कहना है कि यह दावे हर साल किए जाते हैं, पर समस्या जस की तस बनी रहती है।
