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लालकुर्ती पैंठ में करोड़ों का कारोबार, सुरक्षा भगवान भरोसे: नगर निगम की 850, कैंट बोर्ड की 200 से ज्यादा दुकान, बड़े हादसे का इंतजार – Meerut News

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लालकुर्ती पैंठ में करोड़ों का कारोबार, सुरक्षा भगवान भरोसे:  नगर निगम की 850, कैंट बोर्ड की 200 से ज्यादा दुकान, बड़े हादसे का इंतजार – Meerut News

लालकुर्ती पैंठ में करोड़ों का कारोबार, सुरक्षा भगवान भरोसे: नगर निगम की 850, कैंट बोर्ड की 200 से ज्यादा दुकान, बड़े हादसे का इंतजार – Meerut News


करोड़ों का कारोबार देने वाले लालकुर्ती पैंठ बाजार की सुरक्षा भगवान भरोसे है। सोमवार को हुए हादसे ने फिर पूरे बाजार की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। यह पहला मौका नहीं है कि जब हादसा हुआ हो पहले भी कई हादसे यहां हो चुके हैं लेकिन शायद प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है। दो तस्वीरें देखें… पहले एक नजर हादसे पर
लालकुर्ती पैंठ एरिया में गली नंबर 3 है, जहां सोमवार शाम साड़ी की दुकान में भीषण आग लग गई। आग से लाखों का माल जलकर खाक हो गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। दैनिक NEWS4SOCIALने मंगलवार को हादसे वाले स्थल का जायजा लिया तो कई चौंकाने वाली चीजें देखने को मिलीं। छोटे से चबूतरे पर तीन मंजिला तक दुकाने खड़ी थी। अब एक नजर डालते हैं बाजार पर
लालकुर्ती पैंठ बाजार शहर के प्रमुख बाजारों में से एक है। यहां नगर निगम और कैंटोनमेंट बोर्ड की सीमा लगती हैं। दुकानों की बात करें तो अकेले नगर निगम की यहां 850 दुकानें हैं। कैंटोनमेंट भी यहां पर्ची काटता है। उसकी यहां 200 से ज्यादा दुकानें हैं। दो मुख्य, 10 संपर्क मार्ग से घिरी पैठ
लालकुर्ती पैठ बाजार के दायरे की बात करें तो यह बेगमपुल से मेट्रो हॉस्पिटल तक फैला हुआ है। यहां आने की दो मुख्य मार्ग हैं। पहला बेगमपुल और दूसरा मेट्रो हॉस्पिटल वाला रास्ता। इसके अलावा 10 संपर्क मार्ग हैं जो अंदर ही अंदर बाजार को एक दूसरे से जोड़ते हैं। 25 करोड़ रूपए महीने का कारोबार
राजस्व के लिहाज से भी लालकुर्ती पैंठ बाजार बहुत बड़ा है। यहां के 80% दुकानदारों पर जीएसटी नंबर हैं। इस लिहाज से यह कारोबारी सरकार को बड़ा राजस्व भी देते हैं। जिस तरह की सुरक्षा व्यवस्था इस बाजार को मिलनी चाहिए, उस तरह की व्यवस्था यहां बिल्कुल नहीं है। चबूतरों पर खड़ा कर दिया स्ट्रक्चर
लालकुर्ती पैंठ में दुकान के नाम पर दुकानदारों को चबूतरे दिए गए थे। इन चबूतरों को दुकानदारों ने विकसित किया। हालत यह है कि 40 प्रतिशत से ज्यादा दुकानें यहां खतरे को न्यौता देती हैं। टीन शेड पर ही तीन मंजिल तक विस्तार कर दिया गया है। सोमवार को ऐसी ही एक दुकान में आग लगी थी। सकरी गलियां, हादसे की संभावना प्रबल
लालकुर्ती पैंठ बाजार की मुख्य सड़क को छोड़कर शेष सभी गालियां बहुत सकरी हैं। हर रोज सैकड़ो की संख्या में लोग यहां खरीदारी के लिए आते हैं। इसके बाद इन गलियों से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। जितनी बार यहां हादसे हुए हैं, बाजार बंद ही रहा है। अगर कहीं बाजार के दौरान हादसा हो जाता है तो बच पाना मुश्किल होगा। अब जानिए क्या बोले व्यापारी
लालकुर्ती पेंठ बाजार व्यापार संघ के अध्यक्ष लकी सेठी बताते हैं कि यह बाजार बहुत पुराना है। एक आम नागरिक की जरूरत का हर सामान इस बाजार में उपलब्ध है। इसलिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। जहां तक अग्नि सुरक्षा की बात है तो काफी दुकानों पर अग्नि सुरक्षा उपकरण लगवाए गए हैं। बाजार और बेहतर हो सकता है, अगर प्रशासन अग्नि सुरक्षा के स्थाई इंतजाम कर दे। पूरे बाजार को किया गया अलर्ट
व्यापारी नेता अजय ओबेरॉय हादसे को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार की घटना के बाद पूरे बाजार को अलर्ट किया गया है। गर्मी में इस तरह की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में प्रत्येक व्यापारी को निजीतौर पर आग से निपटने के इंतजाम करने के लिए बोला गया है। व्यापारियों ने भी इस और सकारात्मक नजरिया दिखाया है। सीएफओ बोले- लालकुर्ती पैंठ आग का गोला लालकुर्ती पैंठ को देखकर मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि जिस तरह पूरा इलाका कंजस्टिड है, उसके बाद यह किसी आग के गोले से कम नहीं दिखता। चौकाने वाली बात यह है कि हादसों को लेकर यहां कोई गंभीरता नहीं दिखती। जल्द उच्चाधिकारियों से मिलकर इस संबंध में बात की जाएगी। ताकि व्यवस्था सुनिश्चित हो।

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