लखीमपुर से आकर लखनऊ में चोरी करने वाला गैंग पकड़ा: 4 चोर दबोचे गए, इंस्टाग्राम पर 99 ग्रुप के जरिए जुड़े थे, नेपाल में गहने बेचने की योजना थी – Lucknow News h3>
लखनऊ12 मिनट पहले
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आशियाना पुलिस ने बंद घरों की रेकी कर चोरी करने वाले शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी के लाखों रुपए के गहने बरामद किए हैं। चोर गहनों को नेपाल जाकर बेचने के फिराक में थे। चोर लखीमपुर से लखनऊ आकर चोरी करते थे।
सभी चोर इंस्टाग्राम पर 99 ग्रुप के जरिए एक-दूसरे से जुड़े थे। पुलिस ग्रुप के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है। डीसीपी ने पुलिस टीम को 25,000 रुपए का नगद इनाम देने की घोषणा की है।
डीसीपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मधुरिमा तिवारी निवासी सेक्टर एम, थाना आशियाना की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने अपने मकान का ताला तोड़कर चोरी होने की सूचना दी थी। थाना आशियाना के प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम औरंगाबाद ओवर ब्रिज के पास चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान मुखबिर ने बताया कि घरों का ताला तोड़कर चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य बीबीएयू विश्वविद्यालय की दीवार के किनारे खड़े हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम बीबीएयू विश्वविद्यालय पहुंची। वहां दीवार के पास काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल के पास 4 व्यक्ति आपस में बातचीत कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें दबिश देकर पकड़ लिया।
पूछताछ में पता चला कि ये सभी एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं। ये लखनऊ शहर के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर घरों का ताला तोड़कर चोरी करते थे। चोरी का माल अवैध रूप से बेचते थे। आरोपियों ने अपना नाम सुधीर कश्यप, गौरव सिंह, मोहम्मद जीशान और नमित मिश्रा बताया। सुधीर लखीमपुर का रहने वाला है। इनकी गिरफ्तारी से चोरी की तीन घटनाओं का खुलासा हुआ है।
आरोपियों से लाखों रुपए के गहने बरामद हुए।
गैंग के सरगना पर एक दर्जन मुकदमे दर्ज
इंस्पेक्टर आशियाना ने बताया कि गैंग का सरगना सुधीर कश्यप है। इस पर 2017 में पहला मुकदमा लखीमपुर के कोतवाली सदर में दर्ज हुआ। इसके बाद 10 मुकदमे लखीमपुर के अलग-अलग थानों सहित लखनऊ के आशियाना में दो और एक जानकीपुरम में मुकदमा दर्ज हैं। इनको पकड़ने के लिए करीब तीन दर्जन से अधिक CCTV फुटेज खंगालने के बाद पुलिस टीम को सफलता मिल सकी हैं
फोन कर सरगना को सूचना देते, बाइक से आते चोरी करने
पुलिस को पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आरोपी नमित लखनऊ में काम करता था। दिन में अपना काम निपटा कर रात में बंद घरों की रेकी कर अपने लीडर सुधीर कश्यप को फोन कर सूचना देता था। इसके बाद सुधीर, गौरव सिंह, और मो. जीशान लखीमपुर से बाइक से दो से ढाई घंटे में लखनऊ आकर चोरी की वारदात को अंजाम देकर भाग जाते थे। आशियाना और गोमती नगर में गैंग ने चोरी की थी। चोरी किए गहनों को नेपाल में बेचने की फिराक में थे।
इंस्टग्राम पर 99 ग्रुप के जरिए मिले थे
डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इंस्टाग्राम पर 99 के नाम से एक ग्रुप चला रहे थे, जिसमें कई लोग जुड़े हैं। जांच की जा रही है कि इनमें अपराधी किस्म के युवक या फिर कोई अन्य युवक जुड़े हैं।
उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही हैं। चारों की दोस्ती इसी ग्रुप के माध्यम से हुई थी। सुधीर ताला तोड़ने का एक्सपर्ट है और वह सरिया से ही ताला तोड़ने का काम करता है। सुधीर ने बताया कि गोमती नगर थाना क्षेत्र में विदेश में रहने वाले प्रत्येक बंद कर का ताला तोड़कर चोरी कर फरार हो गए थे।
इसमें वह बाइक से लखनऊ से पहुंचा था और आधे घंटे में चोरी की वारदात कर फरार हो गए थे। यह सभी रात एक से साढ़े चार बजे के बीच ही ज्यादातर चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।
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लखनऊ12 मिनट पहले
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आशियाना पुलिस ने बंद घरों की रेकी कर चोरी करने वाले शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी के लाखों रुपए के गहने बरामद किए हैं। चोर गहनों को नेपाल जाकर बेचने के फिराक में थे। चोर लखीमपुर से लखनऊ आकर चोरी करते थे।
सभी चोर इंस्टाग्राम पर 99 ग्रुप के जरिए एक-दूसरे से जुड़े थे। पुलिस ग्रुप के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है। डीसीपी ने पुलिस टीम को 25,000 रुपए का नगद इनाम देने की घोषणा की है।
डीसीपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मधुरिमा तिवारी निवासी सेक्टर एम, थाना आशियाना की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने अपने मकान का ताला तोड़कर चोरी होने की सूचना दी थी। थाना आशियाना के प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम औरंगाबाद ओवर ब्रिज के पास चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान मुखबिर ने बताया कि घरों का ताला तोड़कर चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य बीबीएयू विश्वविद्यालय की दीवार के किनारे खड़े हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम बीबीएयू विश्वविद्यालय पहुंची। वहां दीवार के पास काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल के पास 4 व्यक्ति आपस में बातचीत कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें दबिश देकर पकड़ लिया।
पूछताछ में पता चला कि ये सभी एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं। ये लखनऊ शहर के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर घरों का ताला तोड़कर चोरी करते थे। चोरी का माल अवैध रूप से बेचते थे। आरोपियों ने अपना नाम सुधीर कश्यप, गौरव सिंह, मोहम्मद जीशान और नमित मिश्रा बताया। सुधीर लखीमपुर का रहने वाला है। इनकी गिरफ्तारी से चोरी की तीन घटनाओं का खुलासा हुआ है।
आरोपियों से लाखों रुपए के गहने बरामद हुए।
गैंग के सरगना पर एक दर्जन मुकदमे दर्ज
इंस्पेक्टर आशियाना ने बताया कि गैंग का सरगना सुधीर कश्यप है। इस पर 2017 में पहला मुकदमा लखीमपुर के कोतवाली सदर में दर्ज हुआ। इसके बाद 10 मुकदमे लखीमपुर के अलग-अलग थानों सहित लखनऊ के आशियाना में दो और एक जानकीपुरम में मुकदमा दर्ज हैं। इनको पकड़ने के लिए करीब तीन दर्जन से अधिक CCTV फुटेज खंगालने के बाद पुलिस टीम को सफलता मिल सकी हैं
फोन कर सरगना को सूचना देते, बाइक से आते चोरी करने
पुलिस को पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आरोपी नमित लखनऊ में काम करता था। दिन में अपना काम निपटा कर रात में बंद घरों की रेकी कर अपने लीडर सुधीर कश्यप को फोन कर सूचना देता था। इसके बाद सुधीर, गौरव सिंह, और मो. जीशान लखीमपुर से बाइक से दो से ढाई घंटे में लखनऊ आकर चोरी की वारदात को अंजाम देकर भाग जाते थे। आशियाना और गोमती नगर में गैंग ने चोरी की थी। चोरी किए गहनों को नेपाल में बेचने की फिराक में थे।
इंस्टग्राम पर 99 ग्रुप के जरिए मिले थे
डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इंस्टाग्राम पर 99 के नाम से एक ग्रुप चला रहे थे, जिसमें कई लोग जुड़े हैं। जांच की जा रही है कि इनमें अपराधी किस्म के युवक या फिर कोई अन्य युवक जुड़े हैं।
उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही हैं। चारों की दोस्ती इसी ग्रुप के माध्यम से हुई थी। सुधीर ताला तोड़ने का एक्सपर्ट है और वह सरिया से ही ताला तोड़ने का काम करता है। सुधीर ने बताया कि गोमती नगर थाना क्षेत्र में विदेश में रहने वाले प्रत्येक बंद कर का ताला तोड़कर चोरी कर फरार हो गए थे।
इसमें वह बाइक से लखनऊ से पहुंचा था और आधे घंटे में चोरी की वारदात कर फरार हो गए थे। यह सभी रात एक से साढ़े चार बजे के बीच ही ज्यादातर चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।
