राहुल के विदेश दौरे पर सिंधिया का हमला: बोले- विपक्ष के नेता भारत को नीचा दिखाने में कसर नहीं छोड़ रहे, इसलिए जनता ने नकारा – Bhopal News

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राहुल के विदेश दौरे पर सिंधिया का हमला:  बोले- विपक्ष के नेता भारत को नीचा दिखाने में कसर नहीं छोड़ रहे, इसलिए जनता ने नकारा – Bhopal News

राहुल के विदेश दौरे पर सिंधिया का हमला: बोले- विपक्ष के नेता भारत को नीचा दिखाने में कसर नहीं छोड़ रहे, इसलिए जनता ने नकारा – Bhopal News

भोपाल में एमपी के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के बंगले पर पहुंचे केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राहुल गांधी के संसद सत्र के दौरान विदेश यात्रा पर कहा- एक तरफ प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत विश्वपटल पर एक नक्षत्र की तरह उभर रहा है। द

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भारत आगे बढ़ रहा, विपक्ष को जनता ने सबक सिखा दिया सिंधिया ने कहा- संसद का सत्र चल रहा है, महत्वपूर्ण विधेयक भारत के विकास और प्रगति के लिए पारित हुए, चाहे न्यूक्लियर के विषय में हो ग्रीन एनर्जी की भारत में जरूरत है। जी राम जी बिल की बात हो, इससे 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा। इतने महत्वपूर्ण विधेयक के साथ भारत आगे बढ़ रहा है। आर्थिक दर के आधार पर भी 8.2% हमारी GDP ग्रोथ रही है। लेकिन, विपक्ष को अपनी रोटी पकाने के लिए कुछ न कुछ टिप्पणी करने होती है, इसलिए देश की जनता ने उन्हें सबक सिखा दिया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया।

राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर क्या विवाद है लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की संसद के शीतकालीन सत्र के बीच की गई विदेश यात्रा ने देश में राजनीतिक बहस छेड़ दी है। राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर 2025 तक जर्मनी के दौरे पर रहे, जहाँ उन्होंने कई उच्च-स्तरीय मुलाकातें और कार्यक्रम किए।

क्या हुआ विदेश दौरे में? राहुल गांधी ने अपनी जर्मनी यात्रा के दौरान कई वरिष्ठ व्यक्तियों और समूहों से मुलाकातें कीं। इनमें प्रमुख है कॉर्नेलिया वॉल (Cornelia Woll), जो बर्लिन की Hertie School की अध्यक्ष हैं और जिन पर भाजपा का कहना है कि वह विश्वविद्यालय से जुड़ी हैं जिसे अमेरिकी दानदाता जॉर्ज सोरोस के फंड से समर्थन प्राप्त है। भाजपा इसे “भारत विरोधी ताकतों” से जोड़कर दिखाने का प्रयास कर रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया पहले ही कह चुके हैं कि राहुल गांधी ने संसद सत्र के दौरान विदेश यात्रा चुनी और वहां “भारत के दुश्मनों से मुलाकात” की, जिससे भारत की छवि को क्षति पहुंचने का खतरा है। भाजपा ने यह भी दावा किया कि गांधी जी की गतिविधियां “भारत के विभिन्न हितों के विपरीत” हैं और उन्होंने पारंपरिक “लोकसभा के नेता विपक्ष की भूमिका” से हटकर काम किया।

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