राजस्व अधिकारी वाहन जमा करेंगे, व्हाट्सएप ग्रुप भी छोड़ेंगे: न्यायिक और गैर-न्यायिक कार्यों के विभाजन का विरोध, केवल आपदा प्रबंधन कार्य करेंगे – Ashoknagar News h3>
अशोकनगर जिले में राजस्व अधिकारियों ने न्यायिक और गैर-न्यायिक कार्यों के विभाजन के विरोध में 6 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारी अब केवल आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य करेंगे। बुधवार को सभी तहसीलदारों ने अपर कलेक्टर मुकेश कुमार शर्मा क
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ज्ञापन में अधिकारियों ने बताया कि पहले 16 और 17 जुलाई को जिला और प्रांतीय स्तर पर सरकार को विभाजन से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया गया था। तब मौखिक आश्वासन मिला था कि योजना केवल 12 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगी। साथ ही, राजस्व न्यायालयों को मर्ज नहीं किया जाएगा।
बिना संसाधन के मजिस्ट्रेटों पर जिम्मेदारी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने धार, भिंड, खरगौन, बालाघाट, मंदसौर, देवास, कटनी, मंडला और रौवा सहित 9 और जिलों में योजना लागू कर दी। इन जिलों में न सिर्फ न्यायालयों का विलय कर दिया गया, बल्कि कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों को पर्याप्त संसाधन भी नहीं दिए गए। इससे कामकाज और अधिक प्रभावित हुआ।
राजस्व मंत्री से भी की थी शिकायत संवर्ग ने 26 जुलाई को राजस्व मंत्री को ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया था। मंत्री ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया था, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ। इससे नाराज होकर राजस्व अधिकारियों ने 6 अगस्त से हड़ताल शुरू कर दी है।
अधिकारी करेंगे वाहन जमा, व्हाट्सएप ग्रुप भी छोड़ेंगे विरोध के तहत सभी राजस्व अधिकारी अपने शासकीय वाहन कार्यालय में जमा करेंगे। डिजिटल सिग्नेचर डोंगल को सीलबंद कर जिला अध्यक्ष को सौंपेंगे। वे सभी आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर हो जाएंगे और प्रतिदिन शाम 6 बजे जिला स्थापना शाखा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
राजस्व अधिकारी करें मूल कार्य संवर्ग ने सुझाव दिया है कि कार्यपालिक दंडाधिकारी की शक्तियां अन्य विभागों को दी जाएं ताकि राजस्व अधिकारी अपने मूल न्यायिक और राजस्व कार्यों पर ध्यान दे सकें। उन्होंने शासन से मांग की है कि विभाजनकारी योजना को तत्काल निरस्त किया जाए ताकि प्रशासनिक व्यवस्था सामान्य बनी रहे। हड़ताल में केवल परिवीक्षाधीन अधिकारी शामिल नहीं होंगे।
