रहुई डेंटल कॉलेज : डेढ़ साल बाद भी सामान्य रोगियों का इलाज नहीं हुआ शुरू

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रहुई डेंटल कॉलेज : डेढ़ साल बाद भी सामान्य रोगियों का इलाज नहीं हुआ शुरू

रहुई डेंटल कॉलेज : डेढ़ साल बाद भी सामान्य रोगियों का इलाज नहीं हुआ शुरू


अनदेखी :
रहुई डेंटल कॉलेज : डेढ़ साल बाद भी सामान्य रोगियों का इलाज नहीं हुआ शुरू

अस्पताल भवन बनकर तैयार, उपकरणों से है लैस फिर भी लोगों को नहीं मिल रहा फायदा

100 बेड क्षमता का बनाया गया है अस्पताल, 10 बेड का इमरजेंसी वार्ड भी

सीएम ने दिसंबर 2022 में ओपीडी सेवा की शुरुआत की थी

डेंटल में 80 तो 70 सामान्य रोगों के मरीज रोजाना पहुंच रहे अस्पताल

फोटो :

रहुई डेंटल : रहुई डेंटल कॉलेज का अस्पताल भवन।

बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान संवाददाता।

सूबे का दूसरा सबसे बड़ा व अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस पैठना-भागनबिगहा-रहुई डेंटल कॉलेज सह अस्पताल का भवन बनकर तैयार है। अस्पताल को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया जा चुका है। कर्मचारियों व चिकित्सकों के लिए पांच प्रकार के भवन बनाएं गये हैं। टाइप एक में कॉलेज के चर्तुथवर्गीय कर्मचारी, टाइप-टू में तृतीय वर्ग के कर्मचारी, टाइप-तीन में तकनीकी कर्मी, टाइप-पांच में अध्यापक तो टाइप-चार भवन अन्य कर्मचारियों व चिकित्सकों को आवंटित किया गया है। 100 बेड का मेडिकल अस्पताल बनाया गया है। खास बात यह कि अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 10 बेड का इमरजेंसी वार्ड भी बनाया गया है। सभी बेडों के पास ऑक्सीजन की सुविधाएं उपलब्ध रखने की योजना है। ताकि, मरीजों को बेहतर इलाज हो सके।

लेकिन, एक साल से भवन बनकर पूरी तरह से तैयार है। वार्डों को कई अत्याधुनिक उपकरणों से भी लैस किया जा चुका है। बावजूद, अस्पताल में इलाज शुरू नहीं कराया जा सका है। सीएम नीतीश कुमार ने दिसंबर 2022 में डेंटल कॉलेज का शुभारंभ किया था। सामान्य रोगों व दांत से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए ओपीडी सेवा की शुरुआत की गयी थी। लोगों को ओपीडी में इलाज भी किया जा रहा है। लेकिन, मेडिकल अस्पताल शुरू नहीं होने से लोगों का समुचित इलाज कराने में परेशानी हो रही है।

10 बेड का इमरजेंसी वार्ड :

अस्पताल भवन में 10 बेड का आधुनिक इमरजेंसी वार्ड बनाया गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं के लैस प्रसव कक्ष, मॉडल ऑपरेशन थिएटर, एक्स-रे, अल्ट्रासोनोग्राफी, सीटी-स्कैन व अन्य जांच की सुविधाएं होंगी। पैथोलॉजी व ब्लड बैंक की सुविधा भी रहेगी। लॉण्ड्री, रसोईघर, मेडिकल स्टोर व दवा वितरण की बेहतर व्यवस्था होगी। साथ ही, एम्बुलेंस की भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीण इलाकों के लोगों को दांत से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए मोबाइल वैन चलायी जाएगी। इस वैन पर बैठे डॉक्टर व कर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को दातों की बीमारियों के बारे में जानकारी देने के साथ ही इलाज करेंगे। क्रिटिकल केस रहने पर अस्पताल में इलाज किया जाएगा।

वर्ष 2019 में सीएम ने रखी थी अधारशिला :

सीएम ने 27 फरवरी 2019 को भवन निर्माण की आधारशिला रखी थी। मुख्य बिल्डिंग के अलावा 24 खंडों में भवनों को निर्माण कराया गया है। शुरुआत में 383 करोड़ रुपये की लागत तय की गयी थी। बाद में इसे बढ़ाकर 404 करोड़ किया गया। अभी और लागत बढ़ने का अनुमान है। सभी भवन भूकंपरोधी बनाये गये हैं। प्रशासनिक भवन, विभिन्न विभागों के भवन, लेक्चर थिएटर, केन्द्रीय पुस्तकालय, परीक्षा भवन, प्रयोगशाला व ऑडिटोरियम का निर्माण हो चुका है।

डेंटल एकेडमिक भवन एक नजर में :

1. अभिलेख रूम

2. प्रतीक्षालय

3. एएचयू रूम

4. सर्जन कक्ष

5. सार्वजनिक स्वास्थ्य दंत चिकित्सा नैदानिक लैब

6. रिसेप्शन

7. दवा वितरण भंडार कक्ष

8. रेडियोलॉजिस्ट

9. ओरल मेडिसीन नैदानिक लैब

10. उपकरण कक्ष

11. रसोईघर

12. छात्र जलपान गृह

13. लिफ्ट लॉबी

14. प्रदर्शन कक्ष

15. पाठक कक्ष

16. कॉमन रूम

17. ओरल मेडिसीन व लैब

18. महाविद्यालय परिषद कक्ष

19. प्राचार्य कक्ष

20. अन्य कक्ष

अन्य सुविधाएं :

1. नर्स हॉस्टल : (जी 2) 60 सीट

2. गर्ल्स हॉस्टल : (जी 5) 200 सीट

3. ब्यॉज हॉस्टल : 300 सीट

4. डॉक्टर आवास : जी-1

5. टाइप एक : 52 यूनिट

6. टाइप दो : 44 यूनिट

7. टाइप तीन : 52 यूनिट

8. टाइप चार : 36 यूनिट के दो

9. टाइप पांच : 24 यूनिट

10. अधीक्षक आवास : जी-1

बोले अधिकारी :

डेंटल कॉलेज स्थित मेडिकल अस्पताल में इलाज शुरू कराने की विभागीय कागजी प्रक्रिया शुरू की गयी है। आदर्श आचार संहिता खत्म होने के बाद जल्द ही अस्पताल में इलाज शुरू होने की उम्मीद है। वरीय अधिकारियों को अस्पताल में की गयी व्यवस्था की जानकारी उपलब्ध करा दी गयी है।

डॉ. विकास वैभव, प्राचार्य डेंटल कॉलेज रहुई

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