रतलाम शहरकाजी के पत्र पर मंत्री सारंग की आपत्ति: विश्वास बोले-रंग से डर लगता है तो घर से ना निकलें; शहरकाजी ने कहा-मेरा एक ही लेटर है – Ratlam News

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रतलाम शहरकाजी के पत्र पर मंत्री सारंग की आपत्ति:  विश्वास बोले-रंग से डर लगता है तो घर से ना निकलें; शहरकाजी ने कहा-मेरा एक ही लेटर है – Ratlam News

रतलाम शहरकाजी के पत्र पर मंत्री सारंग की आपत्ति: विश्वास बोले-रंग से डर लगता है तो घर से ना निकलें; शहरकाजी ने कहा-मेरा एक ही लेटर है – Ratlam News

धुलेंडी व रमजान माह का जुम्मा 14 मार्च को एक दिन होने को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट है। रतलाम शहर काजी अहमद अली ने भी मुस्लिम समाजजनों से अपील की है अगर गलती से कोई हिंदू भाई रंग डाल दे तो बगैर बुरा माने मुस्कराकर आगे बढ़ जाएं। रमजान माह का ध्यान रखते ह

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शहर काजी ने बताया कि ऐसा पहली बार नहीं है कि होली व जुम्मा एक दिन आया है। पूर्व में कई बार एक साथ त्यौहार मनाया है। वतर्मान हालात को देखते हुए लेटर जारी कर हिंदू व मुस्लिम समाजजनों से अपील की है। ताकि शांति व भाईचारे के साथ सभी त्यौहार मना सके।

शहर काजी का यह लेटर जिसे उनके द्वारा जारी करना बताया गया।

घर से न निकलें- मंत्री सारंग

रतलाम शहर काजी के लेटर को लेकर मंत्री विश्वास सारंग का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि होली केवल हिंदुओं का त्योहार नहीं है, होली हमारी संस्कृति से जुड़ा वो पर्व है जो सदियों से हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस तरह से उद्वेलित करने की बात होगी तो यह ठीक नहीं है। हमें ऐसे किसी भी त्योहार को लेकर संवेदनशीलता और संयम रखना चाहिए। इससे किसी बहुसंख्यक समाज की भावनाएं आहत तो नहीं हो रही। यदि रंग से भेद है या रंग से डर लगता है तो घर से ना निकले। इस प्रकार से समाज और देश का माहौल खराब ना करें। देश में कुछ तत्व सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं

मंत्री विश्वास सारंग ने भोपाल में रतलाम शहर काजी के वायरल लेटर पर जताई आपत्ति।

दो-दो अलग लेटर, एक में अपील, दूसरे से विवाद

  1. नए लेटर में यह अपील: मुबारक महीना रमजान चल रहा है। आने वाली 14 मार्च को जुम्मा और होली एक ही दिन है। लिहाजा आप मुस्लिम आवाम से खास अपील है कि अगर आप पर गलती से किसी हिंदू भाई से रंग पड़ जाए तो बगैर बुरा माने मुस्कराकर अखलाख एहसन का मुजाहेरा (खुशी से) करते हुए आगे बढ़ जाए। आका के अच्छे उम्मती होने के नाते सब्र और अखलाख एहसन का मुजाहेरा करके आगे बढ़ जाए। रमजान के माहे मुबारक का ख्याल करते हुए ज्यादा से ज्यादा नमाज पढ़े मस्जिदों को आबाद करे। फितनो फसाद से बचे। शहर में शांत और भाईचारे के रिवाज को बनाए रखे।
  2. वायरल लेटर में गंदे कचरे से तुलना: जैसा कि आप जानते है ये मुबारक महीना रमजान का चल रहा है। आने वाली 14 मार्च को जुमा और होली एक ही दिन है। लिहाजा आप मुस्लिम अवाम से खास अपील है कि अगर आप पर गलती से किसी हिन्दू भाई से रंग पड़ जाए तो बगैर बुरा मानें मुस्कुराकर अखलाक ए एहसन का मुजाहेरा करते हुए आगे बढ़ जाए। अगर जानबूझकर भी आप पर कोई रंग डाल दे तो आप अपनें आका के एक मशहूर वाकये को याद करे। जब आप जब मदीने की गलियों से गुजरा करते थे तो एक बूढ़ी आप पर गंदा कचरा फेंका करती थी। जब आका का ईमान गंदे कचरे से खराब नही हुआ और अपने (आपने) बुरा नही माना तो आप उनके उम्मती होने के नाते सब्र और अखलाक ए एहसन का मुजाहेरा करके आगे बढ़ जाए। रमजान के माहे मुबारक का ख्याल करते हुए ज्यादा से ज्यादा नमाजजे पढ़े मस्जिदों को आबाद करें। फितनों फसाद से बचें। शहर में शांति और भाईचारे के रिवाज को बनाये रखें।

रतलाम शहर काजी के नाम से जारी यह पत्र तेजी से वायरल हो रहा है।

शहर काजी बोले- मेरा एक लेटर है

शहरकाजी अहमद अली ने बताया उन्होंने हिंदू व मुस्लिम भाई के लिए अपील जारी की है। अगर गलती से भी कोई हिंदू भाई रंग डाल दे तो मुस्करा कर आगे बढ़ जाए। किसी को बुरा ना लगे। खासकर बच्चों से भी उन्होंने अपील की है इधर-उधर ना घूमे। नमाज पढ़ कर सीधे अपने घर चले जाए। रतलाम एक सोने की चिढ़िया है। भाईचारा के साथ त्यौहार मनाना है। वायरल लेटर के बारे में कहना था कि मैने ऐसा कुछ नहीं लिखा है। एक लब्ज में संशोधन किया है। एक लेटर जो रतलाम शहर में चल रहा है। वहीं मेरा लेटर है। शांति व भाईचारे के साथ मुस्लमान व हिंदू त्यौहार मनाए। हमें मिलजुल कर काम करना है।

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