युवाओं को अब ‘जॉब क्रिएटर’ बनना होगा: वीएसएसडी कॉलेज में ‘लर्न, लॉन्च एंड लीड’ कार्यक्रम, कुलपति प्रो. शुक्ल ने बताया सफलता का मंत्र – Kanpur News h3>
दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर28 मिनट पहले
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नवाबगंज स्थित वीएसएसडी कॉलेज में ‘भविष्य की शिक्षा और रोजगार की चुनौतियां’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। उत्तर-पूर्वी पहाड़ी विश्वविद्यालय (NEHU), शिलांग के कुलपति प्रो. प्रभा शंकर शुक्ल ने युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सिर्फ किताबी ज्ञान से करियर नहीं बनेगा, शिक्षा को स्टार्टअप और उद्यमिता से जोड़ना होगा।
यह व्याख्यान अंग्रेजी विभाग और प्लेसमेंट सेल की ओर से मूट कोर्ट हॉल में ‘लर्न, लॉन्च एंड लीड’ विषय पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और कॉलेज की प्रार्थना के साथ हुआ। अंग्रेजी विभाग के राजेश कुमार यादव ने स्वागत भाषण दिया और शिक्षा के पारंपरिक तरीकों में बदलाव की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता प्रो. प्रभा शंकर शुक्ल ने अपने संबोधन में शिक्षा, उद्यमिता और रोजगार के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने नई शिक्षा नीति और बदलते वैश्विक परिवेश में छात्रों के लिए ‘क्रिटिकल थिंकिंग’ यानी आलोचनात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया। प्रो. शुक्ल ने चिंता व्यक्त की कि कई युवा किताबी ज्ञान में तो निपुण होते हैं, लेकिन व्यावहारिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने में पीछे रह जाते हैं।
उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना (Adaptability) सीखना होगा। प्रो. शुक्ल ने बताया कि यदि युवा नवाचार और जोखिम लेने की क्षमता विकसित कर लें, तो वे न केवल अपने लिए रोजगार पैदा करेंगे, बल्कि दूसरों को भी काम देने में सक्षम बनेंगे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज की प्राचार्या प्रो. नीरू टंडन ने संस्थान की दूरदर्शिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कॉलेज का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं है, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व में ऐसा बदलाव लाना है जिससे वे उद्योग की मांगों को समझ सकें। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन क्लासरूम की थ्योरी और फील्ड के व्यावहारिक अनुभव के बीच की खाई को पाटने के लिए किए जा रहे हैं।
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दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर28 मिनट पहले
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नवाबगंज स्थित वीएसएसडी कॉलेज में ‘भविष्य की शिक्षा और रोजगार की चुनौतियां’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। उत्तर-पूर्वी पहाड़ी विश्वविद्यालय (NEHU), शिलांग के कुलपति प्रो. प्रभा शंकर शुक्ल ने युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सिर्फ किताबी ज्ञान से करियर नहीं बनेगा, शिक्षा को स्टार्टअप और उद्यमिता से जोड़ना होगा।
यह व्याख्यान अंग्रेजी विभाग और प्लेसमेंट सेल की ओर से मूट कोर्ट हॉल में ‘लर्न, लॉन्च एंड लीड’ विषय पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और कॉलेज की प्रार्थना के साथ हुआ। अंग्रेजी विभाग के राजेश कुमार यादव ने स्वागत भाषण दिया और शिक्षा के पारंपरिक तरीकों में बदलाव की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता प्रो. प्रभा शंकर शुक्ल ने अपने संबोधन में शिक्षा, उद्यमिता और रोजगार के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने नई शिक्षा नीति और बदलते वैश्विक परिवेश में छात्रों के लिए ‘क्रिटिकल थिंकिंग’ यानी आलोचनात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया। प्रो. शुक्ल ने चिंता व्यक्त की कि कई युवा किताबी ज्ञान में तो निपुण होते हैं, लेकिन व्यावहारिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने में पीछे रह जाते हैं।
उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना (Adaptability) सीखना होगा। प्रो. शुक्ल ने बताया कि यदि युवा नवाचार और जोखिम लेने की क्षमता विकसित कर लें, तो वे न केवल अपने लिए रोजगार पैदा करेंगे, बल्कि दूसरों को भी काम देने में सक्षम बनेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज की प्राचार्या प्रो. नीरू टंडन ने संस्थान की दूरदर्शिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कॉलेज का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं है, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व में ऐसा बदलाव लाना है जिससे वे उद्योग की मांगों को समझ सकें। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन क्लासरूम की थ्योरी और फील्ड के व्यावहारिक अनुभव के बीच की खाई को पाटने के लिए किए जा रहे हैं।
