मेट्रो तक पहुंचना होगा आसान: कानपुर-लखनऊ में अब घर के पास से मिलेगा ऑटो, स्टेशनों पर पार्किंग का झंझट खत्म; 114 नए स्पॉट तय – Kanpur News h3>
दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर1 मिनट पहले
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यूपी के बड़े शहरों में मेट्रो का सफर अब और भी ज्यादा सुगम होने वाला है। मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने और वहां गाड़ी खड़ी करने की टेंशन अब खत्म होगी। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में यात्रियों की संख्या बढ़ाने और ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ यानी घर से स्टेशन तक की दूरी को पाटने के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं।
कानपुर, लखनऊ और आगरा में इसके लिए नए ऑटो रूट और पार्किंग स्थलों को मंजूरी दे दी गई है।
कानपुर में 50 और लखनऊ में 29 नए ऑटो रूट, अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार
मेट्रो स्टेशनों के बाहर यात्रियों को घंटों ऑटो या टेम्पो का इंतजार न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन ने नए सर्कुलर रूट तय किए हैं। कानपुर में सबसे ज्यादा 50 नए रूटों की पहचान की गई है, जबकि लखनऊ में 29 और आगरा में 27 नए रूट तय हुए हैं। इन रूटों पर बकायदा स्टॉपेज भी बनाए जाएंगे, ताकि यात्री उतरकर सीधे मेट्रो स्टेशन में प्रवेश कर सकें। इससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि डग्गामार वाहनों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी।
24 नए पार्किंग स्थल,सुरक्षित खड़ी होगी आपकी गाड़ी
स्टेशन तक अपने निजी वाहन से आने वाले यात्रियों के लिए पार्किंग सबसे बड़ी चुनौती थी। इसे हल करने के लिए लखनऊ में 71, कानपुर में 24 और आगरा में 19 नए पार्किंग स्थल विकसित किए जा रहे हैं। नगर निगम ने इसके लिए निविदा (टेंडर) प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इन पार्किंग स्थलों के बनने से सड़क पर लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी और यात्रियों की गाड़ियां भी सुरक्षित रहेंगी।
सरकारी कॉलोनी और दफ्तरों के लिए चलेंगी शटल बसें
नौकरीपेशा लोगों को मेट्रो से जोड़ने के लिए प्रशासन ने खास योजना बनाई है। प्रमुख सरकारी आवासीय कॉलोनियों और बड़े कार्यालयों को नजदीकी मेट्रो स्टेशनों से जोड़ने के लिए चरणबद्ध तरीके से शटल बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जो फिलहाल पार्किंग या कनेक्टिविटी की कमी के कारण मेट्रो के बजाय निजी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऐप से बुक होगी राइड, ओला-उबर के साथ भी तालमेल यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) यात्रियों को डिजिटल सुविधा देने पर भी काम कर रहा है। ‘UTU Mobility’ जैसे ऐप के जरिए कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, ओला, उबर और रैपिडो जैसी बड़ी मोबिलिटी सेवाओं के साथ भी समन्वय बढ़ाया जा रहा है ताकि स्टेशन से निकलते ही यात्रियों को तुरंत सवारी मिल सके। शहर में दिखेगी नई चमक, चलेंगे जागरूकता अभियान मेट्रो को बढ़ावा देने के लिए पूरे शहर में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और सोशल मीडिया के जरिए कैंपेन चलाया जाएगा। यूपी मेट्रो के एमडी सुशील कुमार ने साफ किया कि पार्किंग और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी ही मेट्रो की सफलता की कुंजी है। मंडलायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आपसी तालमेल बैठाकर इन फैसलों को तय समय सीमा के भीतर जमीन पर उतारें।
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दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर1 मिनट पहले
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यूपी के बड़े शहरों में मेट्रो का सफर अब और भी ज्यादा सुगम होने वाला है। मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने और वहां गाड़ी खड़ी करने की टेंशन अब खत्म होगी। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में यात्रियों की संख्या बढ़ाने और ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ यानी घर से स्टेशन तक की दूरी को पाटने के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं।
कानपुर, लखनऊ और आगरा में इसके लिए नए ऑटो रूट और पार्किंग स्थलों को मंजूरी दे दी गई है।
कानपुर में 50 और लखनऊ में 29 नए ऑटो रूट, अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार
मेट्रो स्टेशनों के बाहर यात्रियों को घंटों ऑटो या टेम्पो का इंतजार न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन ने नए सर्कुलर रूट तय किए हैं। कानपुर में सबसे ज्यादा 50 नए रूटों की पहचान की गई है, जबकि लखनऊ में 29 और आगरा में 27 नए रूट तय हुए हैं। इन रूटों पर बकायदा स्टॉपेज भी बनाए जाएंगे, ताकि यात्री उतरकर सीधे मेट्रो स्टेशन में प्रवेश कर सकें। इससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि डग्गामार वाहनों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी।
24 नए पार्किंग स्थल,सुरक्षित खड़ी होगी आपकी गाड़ी
स्टेशन तक अपने निजी वाहन से आने वाले यात्रियों के लिए पार्किंग सबसे बड़ी चुनौती थी। इसे हल करने के लिए लखनऊ में 71, कानपुर में 24 और आगरा में 19 नए पार्किंग स्थल विकसित किए जा रहे हैं। नगर निगम ने इसके लिए निविदा (टेंडर) प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इन पार्किंग स्थलों के बनने से सड़क पर लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी और यात्रियों की गाड़ियां भी सुरक्षित रहेंगी।
सरकारी कॉलोनी और दफ्तरों के लिए चलेंगी शटल बसें
नौकरीपेशा लोगों को मेट्रो से जोड़ने के लिए प्रशासन ने खास योजना बनाई है। प्रमुख सरकारी आवासीय कॉलोनियों और बड़े कार्यालयों को नजदीकी मेट्रो स्टेशनों से जोड़ने के लिए चरणबद्ध तरीके से शटल बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जो फिलहाल पार्किंग या कनेक्टिविटी की कमी के कारण मेट्रो के बजाय निजी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऐप से बुक होगी राइड, ओला-उबर के साथ भी तालमेल यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) यात्रियों को डिजिटल सुविधा देने पर भी काम कर रहा है। ‘UTU Mobility’ जैसे ऐप के जरिए कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, ओला, उबर और रैपिडो जैसी बड़ी मोबिलिटी सेवाओं के साथ भी समन्वय बढ़ाया जा रहा है ताकि स्टेशन से निकलते ही यात्रियों को तुरंत सवारी मिल सके। शहर में दिखेगी नई चमक, चलेंगे जागरूकता अभियान मेट्रो को बढ़ावा देने के लिए पूरे शहर में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और सोशल मीडिया के जरिए कैंपेन चलाया जाएगा। यूपी मेट्रो के एमडी सुशील कुमार ने साफ किया कि पार्किंग और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी ही मेट्रो की सफलता की कुंजी है। मंडलायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आपसी तालमेल बैठाकर इन फैसलों को तय समय सीमा के भीतर जमीन पर उतारें।
