मुस्लिम महिलाओं की मस्जिद में एंट्री, लड़कियों का खतना: ऐसे 66 मामलों पर असर डालेगा सबरीमाला का फैसला; शिव-विष्णु से जन्मे अयप्पा की कहानी h3>
भारत की सभी मस्जिदों में महिलाएं बिना रुकावट नमाज पढ़ने जा सकेंगी या नहीं? दाऊदी बोहरा समाज की लड़कियों का खतना क्या गैर-कानूनी हो जाएगा? क्या दूसरे धर्म में शादी करने के बाद भी पारसी महिलाएं अग्नि मंदिर में जा पाएंगी? इन सभी सवालों के जवाब तय होंगे सबरीमाला पर फैसले से। सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की संवैधानिक पीठ सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश मामले पर सुनवाई कर रही है। इसके साथ धार्मिक आस्था से जुड़े 66 मामले और जुड़े हैं। इसी महीने फैसला आने की उम्मीद है। भगवान अयप्पा के जन्म से लेकर सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के व्यापक असर की पूरी कहानी; जानेंगे मंडे मेगा स्टोरी में… ***** ग्राफिक्स: दृगचंद भुर्जी और अजीत सिंह —— यह खबर भी पढ़िए… गजनवी ने सोमनाथ शिवलिंग के टुकड़े मस्जिद में लगवाए:6 टन सोना लूटा; नेहरू मंदिर बनवाने के इतने खिलाफ क्यों थे 6 जनवरी 1026 यानी आज से करीब 1 हजार साल पहले। कश्मीर, मथुरा और ग्वालियर में लूटपाट कर चुका महमूद गजनवी भारत पर अपने आखिरी हमले के लिए सोमनाथ पहुंचा। सोमनाथ के ब्राह्मणों ने कहा, ‘शक्तिशाली सोमेश्वर ने भारत के देवताओं के अपमान का बदला लेने इन मुसलमानों को अपने पास बुलाया है।’ पूरी खबर पढ़िए