मुजफ्फरपुर में दो और बच्चों में AES की पुष्टि: चमकी बुखार के पीड़ितों की संख्या पहुंची 30, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग – Muzaffarpur News

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मुजफ्फरपुर में दो और बच्चों में AES की पुष्टि:  चमकी बुखार के पीड़ितों की संख्या पहुंची 30, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग – Muzaffarpur News

मुजफ्फरपुर में दो और बच्चों में AES की पुष्टि: चमकी बुखार के पीड़ितों की संख्या पहुंची 30, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग – Muzaffarpur News

मौसम में बदलाव होते ही मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। बुधवार को दो और बच्चें में AES की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अबतक जिले में कुल 30 बच्चों में AES की पुष्टि हो चुकी है। जिसमें 24 बच्चे मुजफ्फरपु

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तीन बच्चा सीतामढ़ी और दो शिवहर और एक बच्चा गोपालगंज का है। इसके साथ ही पीलिया,डायरिया,जुकाम खांसी से भी बच्चे पीड़ित हो रहे है। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है।

मीनापुर और सीतामढ़ी के बच्चे में हुई पुष्टि

बता दे कि जिले के मीनापुर प्रखंड के मुकेश कुमार के बेटे कार्तिक कुमार (3) को अचानक चमकी बुखार हुआ। उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन, कोई सुधार नहीं हुआ। उसे SKMCH रेफर कर दिया गया। यहां पीकू वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज शुरू हुआ।

ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया। जिसके बाद AES की पुष्टि हुई है। सीतामढ़ी के एक बच्चा को भी अचानक चमकी बुखार हुआ। आनन फानन में उसे भी भर्ती कराया गया। इलाज के बाद दोनों बच्चों को डिसचार्ज कर दिया गया है।

सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार ने बताया कि दो बच्चों में AES की पुष्टि हुई है। एक बच्चा मुजफ्फरपुर का है। दूसरा सीतामढ़ी का है। कुल बच्चों की संख्या 30 हो गई है। 24 बच्चे मुजफ्फरपुर के है। छह बच्चे दूसरे जिले के है।

AES को लेकर तैयारी मुकम्मल

गर्मी लगातार बढ़ रही है। जागरूकता अभियान निरंतर चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की सारी व्यवस्था चल रही है। सीएस ने कहा कि AES को लेकर हमलोगों की तैयारी मुकम्मल है। सभी दवाइयां उपलब्ध है।

स्वास्थ्यकर्मी तत्परता के साथ अपना काम कर रहे है। बचाओ के लिए शहर से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। वाहन टैगिंग भी की जा चुकी है। एम्बुलेंस भी उपलब्ध है। आशा, आंगनवाड़ी और जीविका का पूरा सहयोग मिल रहा है।

सदर अस्पताल में खुला कंट्रोल रूम

एईएस को लेकर जिले के सदर अस्पताल में कंट्रोल रूम खोला गया है। कंट्रोल रूम 24 घंटे खुला रहेगा। कंट्रोल रूम में स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। किसी तरह की कोई परेशानी आने पर कंट्रोल रूम से इसका निदान किया जाएगा।

डॉक्टरों के मुताबिक, छोटे बच्चे हर चीज नहीं मांग सकते। ऐसे में बड़ों को ही उनका ख्याल रखना होता है। गर्मी में उन्हें उबालकर पानी दें। जिससे वह डायरिया से बचेंगे। इसके साथ ही यदि डायरिया या दस्त की शिकायत है, तो ओआरएस दिया जा सकता है। अधिक से अधिक पानी पिलाते रहे। घर में साफ सफाई भी बेहद जरूरी है। इन दिनों में मच्छर भी पनप जाते हैं। ऐसे में बच्चों का बचाव जरूरी है।

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