महिला कल्याण मंत्री से बदसलूकी करने वाला चौकी इंचार्ज लाइनहाजिर: विधायक निधि से सड़क निर्माण में हंगामा, बोला- कार्रवाई चाहिए तो लिखित आदेश दीजिए, फर्जी मुकदमा – Kanpur Dehat News h3>
अवनिश कुमार। कानपुर देहात17 मिनट पहले
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बाल विकास, पुष्टाहार एवं महिला कल्याण राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के 6 घंटे के धरने के बाद कानपुर देहात में अकबरपुर थाना क्षेत्र के लालपुर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मंत्री और उनके पति पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी की मांग पर एसपी अरविंद मिश्रा की ओर से गुरुवार रात यह कार्रवाई की गई।
मंत्री और उनके पति ने बताया- बुधवार को बदलापुर गांव में विधायक निधि से रोड निर्माण के दौरान कुछ लोग निर्माण का विरोध कर रहे थे। काम रुकवा दिया था। सूचना पर मंत्री मौके पर पहुंचीं थीं। लोगों को समझाने का प्रयास किया था, पर वे नहीं मानें। उन्होंने पुलिस को सूचना दी तो लालपुर चौकी प्रभारी अतेंद्र सिंह पहुंचे थे। कार्रवाई करने की बजाय वे मंत्री से ही उलझ गए। कहा- अगर कार्रवाई करवानी है तो लिखित में अपील कीजिए। बिना कार्रवाई किए ही लौट गए।
वहीं गुरुवार को आरोपी पक्ष ने मंत्री और उनके पति के खिलाफ अकबरपुर थाने में एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसके खिलाफ मंत्री और उनके पूर्व सांसद पति अकबरपुर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे। अकबरपुर थाना प्रभारी सतीश सिंह पर फर्जी मुकदमा लिखने का आरोप लगाया था। ड्यूटी से हटाने की मांग की थी। अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद 6 घंटे बाद धरना समाप्त हुआ था।
इस मामले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा था- DCM साहब पहले अपने लोगों पर दें ध्यान, उसके बाद दें दूसरों को ज्ञान। पहले दो DCM में केवल एक डपट खाने वाले ‘डपटी सीएम’ थे अब दो हो गए हैं।
पहले धरने की 2 तस्वीरें देखिए…
अकबरपुर में बारिश के बीच मंत्री प्रतिभा शुक्ला अपने समर्थकों के साथ कोतवाली के बाहर धरने पर बैठीं रहीं थीं।
मंत्री ने सीओ से कहा, एसपी को यहीं पर बुलाकर लाइए, सबके सामने बात होगी।
अब पूरा मामला पढ़िए
महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के खिलाफ गुरुवार सुबह अकबरपुर थाने में एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद मंत्री अपने पति पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के साथ गुरुवार दोपहर थाने में पहुंची थीं। थाना प्रभारी से बकझक हुई। मंत्री अपने पति और कार्यकर्ताओं संग शाम 4 बजे थाने के बाद धरने पर बैठ गईं। थाना प्रभारी पर भाजपा नेताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे लिखने का आरोप लगाया।
3:30 बजे सीओ प्रिया सिंह पहुंचीं और मंत्री को समझाने का प्रयास किया। शाम 5 बजे एसपी अरविंद मिश्रा और डीएम आलोक सिंह पहुंचे। मंत्री ने इंस्पेक्टर सतीश सिंह तत्काल हटाने और फर्जी मुकदमा रद्द करने की मांग की। रात 9 बजे डीएम-एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। रात 10 बजे लालपुर चौकी प्रभारी अतेंद्र सिंह को लाइनहजिर करने का लिखित आदेश जारी होने के बाद रात 10 बजे मंत्री ने धरना समाप्त किया।
डिप्टी सीएम से बोले- कहिए तो राजनीति छोड़ दें, फांसी पर लटक जाएं
इस बीच मंत्री के पति की डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से बात हुई। डिप्टी सीएम ने धरना समाप्त करने को कहा तो अनिल शुक्ला ने उनसे कहा- कहिए तो राजनीति छोड़ दें और फांसी पर लटक जाएं। मंत्री ने कहा- ये समाजवादी सरकार नहीं है, ये योगी जी की सरकार है। यहां झूठे मुकदमे नहीं चलेंगे।
अखिलेश यादव ने X पर लिखा था-
0सत्ताधारी राज्यमंत्री महोदया ख़ुद ही अपनी पुलिस की करतूतों के खिलाफ धरना दे रही हैं, मुख्यमंत्री जी को कुछ और सबूत चाहिए क्या। भाजपा जाएगी तो पुलिस व्यवस्था आएगी।

मंत्री बोलीं- इंस्पेक्टर ने दबाव में लिखा केस पत्रकारों से मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा- मुझे जानना है कि इंस्पेक्टर ने किसके दबाव में ये केस लिखा। यह प्रशासनिक मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा- जांच होनी चाहिए कि इंस्पेक्टर किसके निर्देश पर काम कर रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री के समर्थन में नारेबाजी की।
इंस्पेक्टर को हटाने तक जारी रहेगा धरना मंत्री से धरने पर बैठने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर को हटाने पर हम धरने पर बैठे हैं। इंस्पेक्टर कोई काम नहीं करता और झूठे केस लिखता है। मैं वहां विकास कार्य कराने में व्यस्त हूं यहां मेरे कार्यकर्ताओं पर झूठे केस लिखे जा रहे हैं ऐसा बिल्कुल नहीं चलेगा।
डीएम आलोक कुमार मंत्री को मनाने पहुंचे थे। लेकिन मंत्री धरने से नहीं उठीं।
मैंने 25 साल में पहला केस लिखवाया मंत्री ने कहा, मैंने 25 साल में आज तक कोई केस नहीं लिखवाया, लेकिन आज बात मान-सम्मान की है। इसलिए मैंने केस किया है। एसपी साहब कह रहे हैं कि इतना दबाव था, इसलिए मुकदमा लिखना पड़ रहा है, मैं यही जानना चाहती हूं कि आखिर दबाव किसका है। ये कोई सपा की सरकार तो है नहीं योगी जी की सरकार है। क्या झूठे केस लिखे जाएंगे।
मंत्री के पति थाने पहुंचे, डिप्टी सीएम से फोन पर बात की मंत्री के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी भी समर्थकों के साथ थाने पहुंचे थे। उन्होंने अकबरपुर सीट से बीजेपी सांसद देवेंद्र सिंह भोले पर हमला बोला। उन्होंने कहा- अगर मेरी पत्नी मंत्री न होती, पार्टी से न जुड़ी होती, तो मैं खुद चुनाव लड़ता और देवेंद्र सिंह भोले को औकात दिखा देता। मैंने तो चुनाव में इनके लिए वोट मांगे, लेकिन आज देखो हालात। उनके आदमी गुड्डन सिंह जैसे लोग थाना चलाएंगे, यह बर्दाश्त नहीं करूंगा।
अनिल शुक्ला ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से फोन पर बात की थी। कहा- आप कहें तो हम लोग राजनीति छोड़ दें। और फांसी पर लटक जाए। आप को डिप्टी सीएम इसीलिए बनाया गया था कि आप ब्राह्मणों की रक्षा करेंगे, लेकिन यहां तो ब्राह्मणों पर फर्जी मुकदमे लिखा जा रहे हैं। गालियां दी जा रही हैं और हम लोगों वोट करते रहे।
पूर्व सांसद अनिल शुक्ला ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से फोन पर कहा- क्या हम राजनीति करना छोड़ दें।
क्यों मंत्री धरने पर बैठीं, जानिए पूरा घटनाक्रम…
दरअसल, कानपुर देहात के बदलापुर पुलिस लाइन के पीछे सड़क निर्माण कार्य को लेकर बुधवार को एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। यह निर्माण कार्य स्थानीय सभासद शमशाद खान द्वारा रुकवा दिया गया। मामले की सूचना मिलते ही राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला खुद मौके पर पहुंचीं। उन्होंने तत्काल निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया और सभासद को भी बात करने के लिए बुलाया।
इस दौरान मौके पर मौजूद हाजी अबरार और सभासद शमशाद खान के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में तीखी नोकझोंक में बदल गई। स्थिति को बिगड़ते देख मंत्री ने तत्काल चौकी इंचार्ज को बुलाकर दोनों पक्षों को शांत कराने के निर्देश दिए। हालांकि, चौकी इंचार्ज ने मंत्री से कहा, कार्रवाई के लिए उन्हें लिखित आदेश देना होगा।
बाद में निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार की तहरीर पर पुलिस ने सभासद शमशाद खान के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज कर लिया। यह मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि गुरुवार को मदारपुर तस्द्दुक अली निवासी बाबूराम गौतम पुत्र मंगली प्रसाद ने 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। जिनके खिलाफ केस दर्ज कराया है, वे सभी पांच राज्यमंत्री के साथ रहते हैं और भाजपा कार्यकर्ता हैं।
बाबूराम के अनुसार, गांव के अबरार, यूसुफ, असलम, यासिर और शिवा पांडे ने जमीन विवाद में उसे जाति सूचक अपशब्द कहे और मारपीट की धमकी दी।
इसी FIR पर राज्यमंत्री भड़की हैं, कह रही हैं कि ये लोग हमेशा मेरे साथ रहते हैं। आज तक किसी से बुरी तरह बात नहीं की है, कोई मुझसे बदतमीजी करता है, तब भी मैं शांत करा देती हूं। ऐसे लोगों पर केस क्यों किया जा रहा है। एसपी के पास पेन कागज है, तुरंत इंस्पेक्टर को हटाएं।
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ऊर्जा मंत्री क्यों बोले- भय बिनु होय न प्रीत:यूपी में शहर से गांव तक बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और अफसरों की लापरवाही से नाराज
यूपी के बिजली मंत्री एके शर्मा कह रहे हैं- हमारे सामने ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं। हमें विधायक और जनप्रतिनिधि गाली दे रहे हैं। यूपी सरकार को गाली दे रहे हैं। जब मंत्री खुद ही इतने मजबूर हैं, तो ये आम जनता की सुनवाई क्या खाक करेंगे?
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के X अकाउंट पर इसी तरह की शिकायतों का अंबार लगा है, जो बिजली विभाग की नाकामी को उजागर करता है। पढ़ें पूरी खबर…
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अवनिश कुमार। कानपुर देहात17 मिनट पहले
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बाल विकास, पुष्टाहार एवं महिला कल्याण राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के 6 घंटे के धरने के बाद कानपुर देहात में अकबरपुर थाना क्षेत्र के लालपुर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मंत्री और उनके पति पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी की मांग पर एसपी अरविंद मिश्रा की ओर से गुरुवार रात यह कार्रवाई की गई।
मंत्री और उनके पति ने बताया- बुधवार को बदलापुर गांव में विधायक निधि से रोड निर्माण के दौरान कुछ लोग निर्माण का विरोध कर रहे थे। काम रुकवा दिया था। सूचना पर मंत्री मौके पर पहुंचीं थीं। लोगों को समझाने का प्रयास किया था, पर वे नहीं मानें। उन्होंने पुलिस को सूचना दी तो लालपुर चौकी प्रभारी अतेंद्र सिंह पहुंचे थे। कार्रवाई करने की बजाय वे मंत्री से ही उलझ गए। कहा- अगर कार्रवाई करवानी है तो लिखित में अपील कीजिए। बिना कार्रवाई किए ही लौट गए।
वहीं गुरुवार को आरोपी पक्ष ने मंत्री और उनके पति के खिलाफ अकबरपुर थाने में एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसके खिलाफ मंत्री और उनके पूर्व सांसद पति अकबरपुर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे। अकबरपुर थाना प्रभारी सतीश सिंह पर फर्जी मुकदमा लिखने का आरोप लगाया था। ड्यूटी से हटाने की मांग की थी। अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद 6 घंटे बाद धरना समाप्त हुआ था।
इस मामले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा था- DCM साहब पहले अपने लोगों पर दें ध्यान, उसके बाद दें दूसरों को ज्ञान। पहले दो DCM में केवल एक डपट खाने वाले ‘डपटी सीएम’ थे अब दो हो गए हैं।
पहले धरने की 2 तस्वीरें देखिए…
अकबरपुर में बारिश के बीच मंत्री प्रतिभा शुक्ला अपने समर्थकों के साथ कोतवाली के बाहर धरने पर बैठीं रहीं थीं।
मंत्री ने सीओ से कहा, एसपी को यहीं पर बुलाकर लाइए, सबके सामने बात होगी।
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महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के खिलाफ गुरुवार सुबह अकबरपुर थाने में एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद मंत्री अपने पति पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के साथ गुरुवार दोपहर थाने में पहुंची थीं। थाना प्रभारी से बकझक हुई। मंत्री अपने पति और कार्यकर्ताओं संग शाम 4 बजे थाने के बाद धरने पर बैठ गईं। थाना प्रभारी पर भाजपा नेताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे लिखने का आरोप लगाया।
3:30 बजे सीओ प्रिया सिंह पहुंचीं और मंत्री को समझाने का प्रयास किया। शाम 5 बजे एसपी अरविंद मिश्रा और डीएम आलोक सिंह पहुंचे। मंत्री ने इंस्पेक्टर सतीश सिंह तत्काल हटाने और फर्जी मुकदमा रद्द करने की मांग की। रात 9 बजे डीएम-एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। रात 10 बजे लालपुर चौकी प्रभारी अतेंद्र सिंह को लाइनहजिर करने का लिखित आदेश जारी होने के बाद रात 10 बजे मंत्री ने धरना समाप्त किया।
डिप्टी सीएम से बोले- कहिए तो राजनीति छोड़ दें, फांसी पर लटक जाएं
इस बीच मंत्री के पति की डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से बात हुई। डिप्टी सीएम ने धरना समाप्त करने को कहा तो अनिल शुक्ला ने उनसे कहा- कहिए तो राजनीति छोड़ दें और फांसी पर लटक जाएं। मंत्री ने कहा- ये समाजवादी सरकार नहीं है, ये योगी जी की सरकार है। यहां झूठे मुकदमे नहीं चलेंगे।
अखिलेश यादव ने X पर लिखा था-
0सत्ताधारी राज्यमंत्री महोदया ख़ुद ही अपनी पुलिस की करतूतों के खिलाफ धरना दे रही हैं, मुख्यमंत्री जी को कुछ और सबूत चाहिए क्या। भाजपा जाएगी तो पुलिस व्यवस्था आएगी।
मंत्री बोलीं- इंस्पेक्टर ने दबाव में लिखा केस पत्रकारों से मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा- मुझे जानना है कि इंस्पेक्टर ने किसके दबाव में ये केस लिखा। यह प्रशासनिक मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा- जांच होनी चाहिए कि इंस्पेक्टर किसके निर्देश पर काम कर रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री के समर्थन में नारेबाजी की।
इंस्पेक्टर को हटाने तक जारी रहेगा धरना मंत्री से धरने पर बैठने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर को हटाने पर हम धरने पर बैठे हैं। इंस्पेक्टर कोई काम नहीं करता और झूठे केस लिखता है। मैं वहां विकास कार्य कराने में व्यस्त हूं यहां मेरे कार्यकर्ताओं पर झूठे केस लिखे जा रहे हैं ऐसा बिल्कुल नहीं चलेगा।
डीएम आलोक कुमार मंत्री को मनाने पहुंचे थे। लेकिन मंत्री धरने से नहीं उठीं।
मैंने 25 साल में पहला केस लिखवाया मंत्री ने कहा, मैंने 25 साल में आज तक कोई केस नहीं लिखवाया, लेकिन आज बात मान-सम्मान की है। इसलिए मैंने केस किया है। एसपी साहब कह रहे हैं कि इतना दबाव था, इसलिए मुकदमा लिखना पड़ रहा है, मैं यही जानना चाहती हूं कि आखिर दबाव किसका है। ये कोई सपा की सरकार तो है नहीं योगी जी की सरकार है। क्या झूठे केस लिखे जाएंगे।
मंत्री के पति थाने पहुंचे, डिप्टी सीएम से फोन पर बात की मंत्री के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी भी समर्थकों के साथ थाने पहुंचे थे। उन्होंने अकबरपुर सीट से बीजेपी सांसद देवेंद्र सिंह भोले पर हमला बोला। उन्होंने कहा- अगर मेरी पत्नी मंत्री न होती, पार्टी से न जुड़ी होती, तो मैं खुद चुनाव लड़ता और देवेंद्र सिंह भोले को औकात दिखा देता। मैंने तो चुनाव में इनके लिए वोट मांगे, लेकिन आज देखो हालात। उनके आदमी गुड्डन सिंह जैसे लोग थाना चलाएंगे, यह बर्दाश्त नहीं करूंगा।
अनिल शुक्ला ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से फोन पर बात की थी। कहा- आप कहें तो हम लोग राजनीति छोड़ दें। और फांसी पर लटक जाए। आप को डिप्टी सीएम इसीलिए बनाया गया था कि आप ब्राह्मणों की रक्षा करेंगे, लेकिन यहां तो ब्राह्मणों पर फर्जी मुकदमे लिखा जा रहे हैं। गालियां दी जा रही हैं और हम लोगों वोट करते रहे।
पूर्व सांसद अनिल शुक्ला ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से फोन पर कहा- क्या हम राजनीति करना छोड़ दें।
क्यों मंत्री धरने पर बैठीं, जानिए पूरा घटनाक्रम…
दरअसल, कानपुर देहात के बदलापुर पुलिस लाइन के पीछे सड़क निर्माण कार्य को लेकर बुधवार को एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। यह निर्माण कार्य स्थानीय सभासद शमशाद खान द्वारा रुकवा दिया गया। मामले की सूचना मिलते ही राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला खुद मौके पर पहुंचीं। उन्होंने तत्काल निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया और सभासद को भी बात करने के लिए बुलाया।
इस दौरान मौके पर मौजूद हाजी अबरार और सभासद शमशाद खान के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में तीखी नोकझोंक में बदल गई। स्थिति को बिगड़ते देख मंत्री ने तत्काल चौकी इंचार्ज को बुलाकर दोनों पक्षों को शांत कराने के निर्देश दिए। हालांकि, चौकी इंचार्ज ने मंत्री से कहा, कार्रवाई के लिए उन्हें लिखित आदेश देना होगा।
बाद में निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार की तहरीर पर पुलिस ने सभासद शमशाद खान के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज कर लिया। यह मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि गुरुवार को मदारपुर तस्द्दुक अली निवासी बाबूराम गौतम पुत्र मंगली प्रसाद ने 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। जिनके खिलाफ केस दर्ज कराया है, वे सभी पांच राज्यमंत्री के साथ रहते हैं और भाजपा कार्यकर्ता हैं।
बाबूराम के अनुसार, गांव के अबरार, यूसुफ, असलम, यासिर और शिवा पांडे ने जमीन विवाद में उसे जाति सूचक अपशब्द कहे और मारपीट की धमकी दी।
इसी FIR पर राज्यमंत्री भड़की हैं, कह रही हैं कि ये लोग हमेशा मेरे साथ रहते हैं। आज तक किसी से बुरी तरह बात नहीं की है, कोई मुझसे बदतमीजी करता है, तब भी मैं शांत करा देती हूं। ऐसे लोगों पर केस क्यों किया जा रहा है। एसपी के पास पेन कागज है, तुरंत इंस्पेक्टर को हटाएं।
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यूपी के बिजली मंत्री एके शर्मा कह रहे हैं- हमारे सामने ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं। हमें विधायक और जनप्रतिनिधि गाली दे रहे हैं। यूपी सरकार को गाली दे रहे हैं। जब मंत्री खुद ही इतने मजबूर हैं, तो ये आम जनता की सुनवाई क्या खाक करेंगे?
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के X अकाउंट पर इसी तरह की शिकायतों का अंबार लगा है, जो बिजली विभाग की नाकामी को उजागर करता है। पढ़ें पूरी खबर…
