मरीज की मौत पर नर्सिंग होम के बाहर हंगामा: परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन किया, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप – Satna News h3>
सतना में कूल्हे के ऑपरेशन के 23 दिन बाद 70 वर्षीय मरीज की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो जाने पर परिजनों ने शनिवार देर रात एक निजी नर्सिंग होम के बाहर हंगामा किया। परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन किया और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। जानकारी के अनुसार, सिंहपुर निवासी 70 वर्षीय गुलाब बाई एक दुर्घटना में घायल हो गई थीं, जिससे उनके बाएं कूल्हे में फ्रैक्चर हो गया था। परिजनों ने उन्हें 24 मार्च को सर्किट हाउस के पीछे स्थित निजी सतना हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। यहां आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. संकल्प जैन ने मरीज का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद 30 मार्च को मरीज को छुट्टी दे दी गई थी। 15 अप्रैल को परिजन मरीज को चेकअप के लिए लाए, जहां घाव में संक्रमण पाया गया। एक दिन के लिए भर्ती कर घाव की सफाई की गई और अगले दिन मरीज को घर भेज दिया गया। 18 अप्रैल को मरीज की तबीयत फिर बिगड़ी और परिजन उन्हें वापस नर्सिंग होम ले गए। उस समय मरीज का शुगर स्तर काफी कम था। शुगर नियंत्रित करने के बाद डॉ. संकल्प जैन ने परिजनों को मरीज को हृदय रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन डॉक्टर के पास ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन मरीज को जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान गुलाब बाई की मौत हो गई। नर्सिंग होम के बाहर 11 बजे रात को प्रदर्शन करने पहुंचे परिजन
रात लगभग 11 बजे परिजन शव लेकर नर्सिंग होम के बाहर पहुंचे और हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली टीआई रवीन्द्र द्विवेदी अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लगभग एक घंटे तक परिजनों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में परिजन शव लेकर सिंहपुर रवाना हो गए। शुगर लो और हार्ट की शिकायत थी
डॉ. संकल्प जैन ने बताया कि शनिवार को जब मरीज को उनके पास लाया गया था, तब उनका शुगर स्तर कम था और हार्ट अटैक जैसी स्थिति के कारण वह कोमा में थीं। इसी कारण उन्हें मेडिसिन और हार्ट के डॉक्टर के पास ले जाने की सलाह दी गई थी। डॉक्टर बोले—यह ट्रेंड इलाज को कठिन बना देगा
अस्पताल में हंगामे के बाद डॉ. संकल्प जैन ने कहा कि सतना में जिस प्रकार का माहौल बन रहा है, वह चिकित्सकों के लिए चुनौतीपूर्ण है। लगातार हंगामों के कारण गंभीर और बुजुर्ग मरीजों का इलाज करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती, तो कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी।