मंच पर कांग्रेस नेताओं की खटपट का VIDEO: दिग्विजय बोले- चोरी में सभी शामिल, सुप्रीम कोर्ट भी; भाजपा को तीन सांसद मिले, नहीं मना जश्न – Madhya Pradesh News

0
मंच पर कांग्रेस नेताओं की खटपट का VIDEO:  दिग्विजय बोले- चोरी में सभी शामिल, सुप्रीम कोर्ट भी; भाजपा को तीन सांसद मिले, नहीं मना जश्न – Madhya Pradesh News

मंच पर कांग्रेस नेताओं की खटपट का VIDEO: दिग्विजय बोले- चोरी में सभी शामिल, सुप्रीम कोर्ट भी; भाजपा को तीन सांसद मिले, नहीं मना जश्न – Madhya Pradesh News

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक NEWS4SOCIALएप पर मिलेगा।

.

दिग्विजय और हरीश चौधरी की खटपट का वीडियो मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है। कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो सामने आया है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की बातें हो रही हैं।

वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी के बीच कुछ असहजता नजर आ रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को इशारा करते हुए कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया से बात रखने के लिए कहते दिखाई देते हैं।

इसी दौरान हरीश चौधरी उन्हें रोकते-टोकते हुए कहते हैं- हम देख लेंगे। इसके बाद दिग्विजय सिंह हाथ जोड़कर उन्हें जवाब देते हैं, धन्यवाद कहते हैं और फिर मंच पर शांत होकर बैठ जाते हैं।

हालांकि वीडियो में बातचीत स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं दे रही है, लेकिन जो दिख रहा है, दोनों नेताओं के जो हाव-भाव है। उसे देखकर हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाद में जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह से अपनी बात रखने का आग्रह भी करते हैं। पटवारी कई बार उनसे बोलने के लिए कहते हैं, लेकिन दिग्विजय सिंह ‘हो गया’ कहकर मना कर देते हैं।

अब इस घटनाक्रम को लेकर लोग तरह-तरह की व्याख्याएं कर रहे हैं। कोई इसे कांग्रेस में बड़े नेताओं के बीच खींचतान बता रहा है तो कोई गुटबाजी का नतीजा। दिग्विजय समर्थक इसे उनके अपमान से जोड़कर देख रहे हैं।

कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक तो नहीं चल रहा है और खरी बात ये है कि ये कोई नई बात नहीं है।

भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय सिंह और पीसीसी प्रभारी हरीश चौधरी में खटपट नजर आई।

तीन सांसद मिले, फिर भी भाजपा दफ्तर में जश्न नहीं मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित भाजपा के तीनों उम्मीदवारों ने प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिया। प्रमाण-पत्र लेने के बाद तीनों नेताओं ने झुककर प्रणाम किया और बिना मीडिया से बातचीत किए विधानसभा से रवाना हो गए।

इसके बाद तीनों नवनिर्वाचित सांसद विधानसभा से सीधे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निवास पहुंचे। गौर करने वाली बात यह रही कि वे भाजपा प्रदेश कार्यालय नहीं गए और वहां किसी तरह का सार्वजनिक जश्न भी देखने को नहीं मिला।

आमतौर पर भाजपा में चुनावी जीत के बाद उत्सव का माहौल देखने को मिलता है। पार्षद के जीतने पर भी पार्टी कार्यालय में ढोले बजते हैं, आतिशबाजी होती है और मिठाइयां बांटी जाती हैं। लेकिन राज्यसभा की तीन सीटें मिलने के बावजूद प्रदेश कार्यालय में ऐसी कोई हलचल नजर नहीं आई।

दरअसल, राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस सन्नाटे को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब लोग कह रहे हैं कि कहीं बीजेपी को ये डर तो नहीं कि बाजी हाथ से निकल गई तो.. या ये भी हो सकता है कि पार्टी आलाकमान के निर्देश पर फिलहाल जश्न नहीं मनाया गया हो।

निर्वाचित होने का प्रमाण-पत्र मिलने के बाद अभिवादन करते भाजपा तीनों राज्यसभा सदस्य।

दिग्विजय बोले- ये मिली-जुली चोरी, SC भी शामिल राज्यसभा की कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इसे सीधे-सीधे सीट चोरी बताया है। उन्होंने इस मामले पर बोलते हुए बड़ी बात कह दी।

दिग्विजय सिंह ने कहा- ‘जब चोरी हुई है, तो चोरी में सभी शामिल हैं। न केवल राज्य, बल्कि केंद्र भी, चुनाव आयोग भी और माननीय, मुझे कहना पड़ रहा है, सुप्रीम कोर्ट भी।’

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा- ‘जब सुप्रीम कोर्ट को मालूम था कि हमारी याचिका चार बजे के बाद निष्प्रभावी हो जाएगी तो आज सुनवाई क्यों नहीं की गई, कल की तारीख क्यों लगाई गई। यह सब मिली-जुली चोरी है।’

दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी को भाजपा ने न्यायालय का अपमान बताया है। भाजपा ने कोर्ट से इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है।

दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी के नामांकन निरस्त होने को सीट चोरी कहा है।

एसी फर्स्ट क्लास में आया एक कद्दावर नेता का ‘नीशू’ मध्य प्रदेश के एक कद्दावर नेता का एक कर्मचारी ट्रेन की स्लीपर क्लास से दिल्ली पहुंचा, लेकिन वापसी एसी फर्स्ट क्लास में हुई। सुना है कि कर्मचारी नेता जी के परिवार के एक बेहद खास सदस्य ‘नीशू’ को लेने गया था।

नियमों के मुताबिक यह ‘खास’ सदस्य या तो ट्रेन के गार्ड रूम में बने पिंजरे में सफर कर सकता है, या फिर एसी फर्स्ट क्लास में। अब चूंकि मामला कद्दावर नेता के ‘खास’ सदस्य का था, इसलिए उसके लिए एसी फर्स्ट क्लास का इंतजाम किया गया।

इसी बहाने कर्मचारी को भी एसी फर्स्ट क्लास में यात्रा करने का दुर्लभ सौभाग्य प्राप्त हो गया। कहते हैं कि नेता जी की कृपा हो तो स्लीपर से फर्स्ट क्लास तक का सफर ज्यादा लंबा नहीं होता।

इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल)

ये भी पढ़ें – सीएम के लिए अपशब्द, उपवास के मंच से गाली: मोदी की ऐसी तारीफ, फिर चर्चा में शिवराज

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी हर स्तर पर इस फैसले का विरोध कर रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने भोपाल में उपवास कार्यक्रम किया, लेकिन इस मंच से केवल विरोध ही नहीं, बल्कि तीखी बयानबाजी, चेतावनी, अपशब्द और आरोप-प्रत्यारोप भी सुनाई दिए। पूरी खबर पढ़ें

मध्यप्रदेश की और खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे – Madhya Pradesh News