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भोपाल में किसानों का प्रदर्शन स्थगित: किसान नेताओं ने प्रदेश सरकार पर लगाए आरोप, बोले- शिवराज सिंह को किसानों का हत्यारा – Madhya Pradesh News

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भोपाल में किसानों का प्रदर्शन स्थगित:  किसान नेताओं ने प्रदेश सरकार पर लगाए आरोप, बोले- शिवराज सिंह को किसानों का हत्यारा – Madhya Pradesh News

भोपाल में किसानों का प्रदर्शन स्थगित: किसान नेताओं ने प्रदेश सरकार पर लगाए आरोप, बोले- शिवराज सिंह को किसानों का हत्यारा – Madhya Pradesh News

भोपाल में सोमवार को होने वाला किसानों का प्रदर्शन बारिश के कारण स्थगित कर दिया गया। दरअसल, कई जिलों में हुई बारिश के चलते किसान भोपाल नहीं पहुंच पाए थे। आगे प्रदर्शन कब होगा, इस पर जल्द होने वाली बैठक में निर्णय होगा।

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प्रदर्शन स्थगित करते हुए अखिल भारतीय किसान समर्थक और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बादल सरोज ने कहा कि किसानों की जमीनें छीनी जा रही हैं और 12 मांगों को लेकर आंदोलन जारी है। अब 17 अक्टूबर को जिला और तहसील स्तर पर प्रदर्शन किए थे।

किसानों ने प्रदेश की मोहन सरकार को चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो ये आंदोलन और बड़ा रूप लेगा।

हालांकि, लखनऊ, छिंदवाड़ा समेत कई जगहों के किसान गइस प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। किसानों ने सरकार पर जमीन अधिग्रहण, MSP लागू न करने और भावांतर योजना के जरिए किसानों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं।

शिवराज के हाथ किसानों के खून से रंगे बादल सरोज ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी हमला बोला और कहा कि जिस व्यक्ति के हाथ मंदसौर के 6 किसानों के खून से रंगे हों, वो किसानों के साथ क्या न्याय करेगा।

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उन्होंने आरोप लगाया कि भावांतर योजना किसानों के लिए नहीं, बल्कि अडाणी की कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए है। इस योजना से व्यापारी सस्ती दर पर फसल खरीदेंगे और किसानों को सही दाम नहीं मिलेगा, जबकि जरूरत सीधे MSP पर खरीद की है।

भावांतर किसानों को भंवर में फंसाने वाली योजना भारतीय किसान यूनियन (जनशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने कहा कि भावांतर किसानों को भंवर में फंसाने वाली योजना है। जब किसान मंडी में ही फसल का सही दाम नहीं पा रहा, तो भावांतर से कैसे मिलेगा।

दूसरी ओर, यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता सतेंद्र कुमार मौर्या ने जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर कहा कि सरकार किसानों की मर्जी के खिलाफ जमीन ले रही है और उचित मुआवजा नहीं देती। पिछले 10 सालों से किसानों की भूमि का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया है। यह किसानों के शोषण का उदाहरण है।

हर साल लगभग 10 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि गैर-कृषि कामों में बदल दी जाती है। जबकि खाद-बीज के दाम बढ़ रहे हैं और उद्योगपति मजबूत होते जा रहे हैं।

किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत का सही मूल्य तभी मिलेगा जब सरकार सभी फसलों की MSP की कानूनी गारंटी दे और जमीनों पर किसानों का अधिकार सुरक्षित रखे।

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