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‘भारत के हर गली-मोहल्ला में म्यांमार और बांग्लादेशी’: बृजभूषण बोले- घुसपैठियों के दम पर लड़े जाते हैं चुनाव, बंगाल में चल रहा खेल – Gonda News

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‘भारत के हर गली-मोहल्ला में म्यांमार और बांग्लादेशी’:  बृजभूषण बोले- घुसपैठियों के दम पर लड़े जाते हैं चुनाव, बंगाल में चल रहा खेल – Gonda News

‘भारत के हर गली-मोहल्ला में म्यांमार और बांग्लादेशी’: बृजभूषण बोले- घुसपैठियों के दम पर लड़े जाते हैं चुनाव, बंगाल में चल रहा खेल – Gonda News

गोंडा29 मिनट पहले

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पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह

गोंडा जिले के कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह उर्फ बबलू को विश्व कुश्ती संघ एशिया ब्यूरो का सदस्य बनाए जाने पर बयान दिया। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “जैसे राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कुश्ती संघ एक संस्था होती है, वैसे ही एशिया का भी एक संगठन है।

इसमें कुल छह ब्यूरो मेंबर चुने जाते हैं, जिनमें से एक अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष होते हैं। सभी महत्वपूर्ण निर्णय इन्हीं छह सदस्यों द्वारा लिए जाते हैं। अगर भारत का कोई व्यक्ति विश्व कुश्ती संघ एशिया ब्यूरो का सदस्य बनता है, तो यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।”

उन्होंने आगे कहा, “इससे भारतीय खिलाड़ियों को समर्थन मिलेगा, उन्हें एक मजबूत प्रतिनिधि मिलेगा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी आवाज उठा सकेगा। यह इस बात की भी पुष्टि करता है कि भारतीय कुश्ती संघ की बहाली का निर्णय सही था, क्योंकि 1 तारीख से एशिया के सभी संगठनों ने इसे मान्यता दी है।

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भारतीय कुश्ती संघ हमेशा बेहतरीन काम करता आया है और प्रदर्शन भी सबसे अच्छा रहा है। कुश्ती में सबसे ज्यादा खिलाड़ी भारत से ही आते हैं, ऐसे में भारत को छह ब्यूरो सदस्यों में से एक स्थान मिलना गर्व की बात है।”

उन्होंने यह भी बताया कि विश्व कुश्ती संघ एशिया ब्यूरो के सदस्य पहले भी भारत से रह चुके हैं। पहले राज सिंह इस पद पर थे। इस चुनाव में 40 से 45 देशों के बीच मतदान होता है और प्रक्रिया पूरी तरह से लोकतांत्रिक होती है।

अमित शाह के घुसपैठियों पर बयान का समर्थन

गृहमंत्री अमित शाह द्वारा घुसपैठियों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “गृहमंत्री का बयान बिल्कुल सही है। आज म्यांमार, बांग्लादेश और पाकिस्तान से होने वाली घुसपैठ की वजह से भारत की सीमाओं का भूगोल बदल गया है। बड़ी संख्या में बाहरी लोग भारत में आ चुके हैं, और यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि कांग्रेस के शासनकाल से चली आ रही है।”

उन्होंने कहा, “बांग्लादेश की हर सत्ताधारी पार्टी ने इस घुसपैठ को बढ़ावा दिया है। एक समय था जब ममता बनर्जी भी इसका विरोध करती थीं, लेकिन अब उन्हें घुसपैठिए नहीं दिखते। इसका असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश पर पड़ चुका है।”

बृजभूषण शरण सिंह ने चेताया कि भारत का कोई जिला, मोहल्ला या गली ऐसी नहीं बची है, जहां बांग्लादेशी और म्यांमार से आए लोग न पहुंचे हों। उन्होंने दावा किया कि “यहां बाकायदा एक एजेंसी सक्रिय है, जो इन घुसपैठियों के लिए आधार कार्ड, बिजली के बिल और अन्य दस्तावेज बनवाने का काम करती है। इन्हीं घुसपैठियों के दम पर चुनाव लड़े जाते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल में यह खेल बड़े स्तर पर चलता है।”

पूर्व सांसद ने कहा, “भारत किसी की धर्मशाला नहीं है। इस पर सख्ती होनी चाहिए और जिलेवार घुसपैठियों की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए। जो लोग अवैध रूप से आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज बनवा रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाने की जरूरत है। इससे देश विरोधी गतिविधियों पर लगाम लगेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी।”

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