भाजपा कार्यशाला में संगठन मजबूत करने पर जोर: पंचायतीराज चुनाव के लिए बूथ स्तर तक जुटने का आह्वान – Dungarpur News h3>
डूंगरपुर में भारतीय जनता पार्टी की जिला स्तरीय दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला गुरुवार को संपन्न हुई। इस दौरान कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कार्यकर्ताओं से आगामी पंचायतीराज चुनाव के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यशाला की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल ने की। इसमें पूर्व सांसद कनकमल कटारा, सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा, पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा, जिला संगठन प्रभारी जोगेंद्रसिंह राजपुरोहित और सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल ने बताया कि कार्यशाला के दूसरे दिन की शुरुआत योग एवं व्यायाम सत्र से हुई। योग प्रशिक्षक धनंजय ने कार्यकर्ताओं को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी भी इस सत्र में शामिल हुए। मंत्री खराड़ी ने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त कार्यकर्ता ही संगठन और समाज के लिए प्रभावी ढंग से कार्य कर सकता है। प्रशिक्षण कार्यशाला में कई बौद्धिक सत्र भी आयोजित किए गए। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष हकरू मईडा ने ‘कार्य विस्तार’ विषय पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि संगठन की वास्तविक शक्ति बूथ स्तर के सक्रिय कार्यकर्ताओं में ही निहित होती है। पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने केंद्र और राज्य सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। सुशील कटारा ने इस बात पर बल दिया कि भाजपा का कार्यकर्ता केवल एक राजनीतिक व्यक्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व होता है।
जिला संगठन प्रभारी जोगेंद्र सिंह राजपुरोहित ने ‘विचार परिवार और संगठनात्मक कार्यप्रणाली’ पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण किसी भी राजनीतिक दल की आत्मा है और कार्यकर्ताओं को विचार आधारित राजनीति के लिए कार्य करना चाहिए। बाबूलाल खराड़ी ने एक बार फिर कार्यकर्ताओं से आगामी पंचायतीराज चुनाव में पूरी ताकत से संगठन विस्तार और बूथ सशक्तिकरण में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी वेशभूषा से नहीं, बल्कि उसके चरित्र से होना चाहिए। कार्यशाला में जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महामंत्री और विभिन्न मोर्चों तथा प्रकोष्ठों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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