ब्रैम्पटन में हाउसिंग संकट: घर बेचने पर नहीं उतर रहा कर्ज, स्टडी वीजा पर रोक और किराये में गिरावट से दिक्कत h3>
कनाडा के ब्रैम्पटन से चिंताजनक हालात सामने आए हैं जहां सैकड़ों पंजाबी परिवार घर खरीदने के बाद गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं। स्थिति ऐसी बन गई है कि मकान बेचने के बाद भी बैंक का कर्ज पूरी तरह नहीं उतर पा रहा।
जानकारी के अनुसार 2022 में जिन घरों की कीमत करीब 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी वे अब घटकर करीब 4 करोड़ रुपये रह गई है। दूसरी ओर इन घरों को खरीदने के लिए लिया गया कर्ज मौजूदा कीमत से अधिक है। ऐसे में घर बेचने पर भी मालिकों पर कर्ज बाकी रह जाता है।
ब्रैम्पटन में डिफॉल्टरों की संख्या सबसे ज्यादा
स्थानीय कारोबारी प्रिंस सन्नण के मुताबिक ब्रैम्पटन में डिफॉल्टरों की संख्या पूरे कनाडा में सबसे ज्यादा हो गई है। 2025 की अंतिम तिमाही में यहां मॉर्गेज डिफॉल्ट रेट 0.6 फीसदी दर्ज की गई जो राष्ट्रीय औसत 0.3 फीसदी से दोगुनी है।
रिपोर्ट के अनुसार 2019 में यहां घरों की औसत कीमत 6.39 लाख डॉलर थी। कोरोना महामारी के दौरान कम ब्याज दरों के कारण बाजार में तेजी आई और कीमतें 12 लाख डॉलर से ऊपर पहुंच गईं। हालांकि महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ने के बाद बाजार पलट गया और कीमतों में गिरावट शुरू हो गई।
गिरती संपत्ति कीमतें और रोजगार में अनिश्चितता से गहराया संकट
मॉर्गेज विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंची ब्याज दरें गिरती संपत्ति कीमतें और रोजगार में अनिश्चितता ने मिलकर संकट को गहरा कर दिया है। 8 से 10 लाख डॉलर के कर्ज पर डिफॉल्ट रेट 1.13 फीसदी तक पहुंच गई है जबकि 3 लाख डॉलर से कम कर्ज पर यह केवल 0.2 फीसदी है।
इस संकट में सबसे अधिक प्रभावित पंजाबी समुदाय बताया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने महंगे घर खरीदकर पंजाबी छात्रों को किराये पर दिया था और उसी आय से बैंक की किश्तें चुकाई जाती थीं। लेकिन कनाडा सरकार द्वारा स्टडी वीजा पर सख्ती के बाद किराये की मांग घट गई जिससे आय का यह स्रोत कमजोर पड़ गया।
सामाजिक कारण भी स्थिति को जटिल बना रहे हैं। ब्रैम्पटन में 14.3 फीसदी परिवारों में तीन पीढ़ियां एक साथ रह रही हैं जिससे खर्च बढ़ता है और किस्तों का बोझ संभालना मुश्किल हो जाता है।
पावर ऑफ सेल के तहत बैंक जबरन बेच रहा घर
हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हर 20 घरों में से एक बिक्री के लिए बाजार में है जबकि पूरे ओंटारियो में यह अनुपात 50 में एक है। कई घर पावर ऑफ सेल के तहत बैंक द्वारा जबरन बेचे जा रहे हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में जब मॉर्गेज रिन्यू होंगे और ब्याज दरें ऊंची बनी रहीं तो डिफॉल्टरों की संख्या और बढ़ सकती है। टोरंटो वैंकूवर ओशावा और मार्खम जैसे शहर भी इस दबाव से अछूते नहीं हैं लेकिन ब्रैम्पटन की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है।

