बेटे से पहली बार मिलने पहुंचे पिता की हत्या: पत्नी बोली- मायके से मुझे लेने आने वाले थे पति, सुहागन के बदले विधवा बनकर ससुराल आना पड़ा – Begusarai News

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बेटे से पहली बार मिलने पहुंचे पिता की हत्या:  पत्नी बोली- मायके से मुझे लेने आने वाले थे पति, सुहागन के बदले विधवा बनकर ससुराल आना पड़ा – Begusarai News

बेटे से पहली बार मिलने पहुंचे पिता की हत्या: पत्नी बोली- मायके से मुझे लेने आने वाले थे पति, सुहागन के बदले विधवा बनकर ससुराल आना पड़ा – Begusarai News

बेगूसराय में 15 मई को एक युवक की गोली मारकर हत्या हुई थी। मृतक समरजीत उर्फ कारे लाल (25) का 6 महीने का बेटा है। जब वो जन्म लिया तो समरजीत बेंगलुरु में था, वहां वो नौकरी करता है। इस वजह से वो अपने बच्चे से भी नहीं मिला पाया। सिर्फ वीडियो कॉल पर ही उसक

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7 मई को समरजीत बेंगलुरु से आया था। हर दिन अपनी पत्नी से फोन पर बात करता था। पत्नी मायके में थी। 14 मई की रात समरजीत ने अपनी पत्नी से कहा था 5 जून को तुम्हें लेने के लिए आएंगे। उसके अगले दिन ही समरजीत की हत्या हो गई।

पत्नी नूतन कुमारी ने बताया, ‘गंगा दशहरा के दिन मुझे और बेटे अभिराज को ले जाने के लिए आने वाले थे। वीडियो कॉल पर बेटे को भी देखा था। सज-धज कर आते, लेकिन उससे पहले ही सुहाग उजड़ गया। सुहागन के बदले विधवा बनाकर ससुराल आना पड़ा।’ मामला साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में समस्तीपुर गांव के पास का है।

समरजीत का फाइल फोटो।

मरने से पहले समरजीत ने कहा था दोस्त ने मारी गोली

समरजीत का अंतिम संस्कार मुंगेर गंगा घाट पर हुआ। छोटे भाई राजा ने मुखाग्नि दी। घर में पिता बटोरन महतो और मां सीता देवी जवान बेटे की मौत के सदमे में हैं। वहीं, दूसरी तरफ 6 महीने के बेटे अभिराज को गोद में लेकर पत्नी गुमसुम बैठी थी। पत्नी इसी उलझन में है कि शादी के 3 साल में मेरा सुहाग किसने और क्यों उजाड़ दिया।

मरने से पहले समरजीत ने कहा था मुझे मेरे दोस्त रौशन ने गोली मारी है।

6 महीने के बेटे के साथ समरजीत की पत्नी।

दोस्त बेटे की लाश लेकर पहुंचा घर- मां

मृतक की मां ने कहा कि बेटे समरजीत ने पानी मांगा, बिस्किट मांगा, जो मैंने उसे दिया। इसके बाद मेरा बेटा घर से बाहर निकला, मैं भी उसके पीछे घास लाने जा रही थी। रास्ते में बेटे का दोस्त रौशन आया। उस समय मेरे पति भी थे। रौशन मेरे बेटे को बाइक से कहीं ले जाने लगा। मैंने रोका तो कहा कि तुरंत पंचवीर बाजार से आ रहे हैं। उसके बाद मेरे बेटे को मार कर रोशन ने घर पर पहुंचा दिया।

मेरा बेटा बेंगलुरु में टाइल्स का काम करता था। समरजीत 6 महीना पर बेंगलुरु से आया था। घर खुला हुआ था, उसकी घेराबंदी करने के लिए चिमनी पर ईंट लाने गया था, शाम में ईंट आती, उससे पहले मेरे बेटे की लाश आ गई।

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समरजीत के परिवार में मातम का माहौल।

मेरे भाई को घर की जगह डॉक्टर के पास क्यों नहीं ले गया रौशन- मृतक का भाई

मृतक के भाई राजा ने कहा कि रौशन यादव मेरे भाई को ले गया था। दोनों दोस्त थे, लेकिन एक साल से बात नहीं होती थी। रौशन ने ही मेरे भाई को गोली मारी है। पंचवीर जाने की बात कही थी पर रौशन मेरे भाई को कमला स्थान ले गया।

काफी खून बहने पर रौशन भाई को घर के पास छोड़कर चला गया। भाई का काफी खून बह रहा था। पूछने पर भाई ने कहा था रौशन ने गोली मारी है। मैंने जब रौशन से पूछा तब उसने कहा था कि पहले डॉक्टर के पास ले जाओ। भाई को साहेबपुर कमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां से दूसरे अस्पताल ले जाने के दौरान भाई की मौत हो गई।

रोशन कहता है कि मेरी जिससे लड़ाई थी, वो मुझे गोली मारने आया था, लेकिन समरजीत को लग गई।

राजा ने कहा कि मेरा सवाल है कि घटनास्थल पर बहुत लोग थे, मेरे भाई को ही गोली क्यों लगी, रोशन को क्यों नहीं लगी। गोली लगने के 40-45 मिनट के बाद घर पर पहुंचाने आया, डॉक्टर के यहां क्यों नहीं ले गया, भाग क्यों गया।

फंसने के डर से मैं भाग गया- रौशन

नामजद आरोपी रौशन अभी फरार है, पर सूत्रों के जरिए उससे संपर्क किया गया तो उसने कहा मैं दूध का कारोबारी हूं। बहलोरिया का मनीष यादव और उसके साथ एक और लड़का था, उन्हीं लोगों ने गोली चलाई जो समरजीत को लग गई। मनीष यादव के साथ दूध के कारोबार को लेकर मेरा झगड़ा था। 15 मई की सुबह में भी उससे बहस हुई थी और दोपहर में मेरे दोस्त को गोली मार दी।

गोली मनीष यादव ने चलाई थी। उसने गोली मुझ पर चलाई होगी पर वो समरजीत को पेट में लग गई। समरजीत के पेट में गमछा बांध कर उसे उसके घर पहुंचाया। उसके घर पहुंचे तो माहौल खराब था। स्थानीय लोगों ने कहा कि तुम भाग जाओ नहीं तो फंस जाओगे। इसीलिए मैं भाग गया।

15 मई को समरजीत को अस्पताल लेकर पहुंचे थे परिजन।

बहुत लेट से अस्पताल ले जाया गया

समस्तीपुर के सरपंच मनोज कुमार सिंह कहते हैं कि बहुत ही दुखद घटना है। गरीब मजदूर परिवार के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिस समय गोली लगी, उसे तुरंत अस्पताल ले जाते, बहुत लेट से अस्पताल ले जाया गया। जिसके कारण मौत हो गई। ऐसी घटना नहीं हो, प्रशासन इस पर एक्शन ले। दोषी को सजा मिले, निर्दोष फंसे नहीं। प्रशासन काफी सक्रिय है, प्रयास कर रहा है।

हत्यारे तक नहीं पहुंची पुलिस

वहीं, बटोरन महतो के बेटे समरजीत की हत्या के 60 घंटे से अधिक हो गए पर अबतक पुलिस हत्यारे को पकड़ नहीं पाई है और न ही हत्या का सही कारण तक पहुंच सकी है। एसपी मनीष के आदेश पर बलिया डीएसपी नेहा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस की टीम गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

बलिया डीएसपी नेहा कुमारी ने बताया,

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प्रथम दृष्टया मामला सामने आया है कि समरजीत के दोस्त रौशन ने गोली मारी है। उसके बाद रोशन घायल समरजीत को घर पहुंचा कर भाग गया। रोशन को नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है, जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। अज्ञात कौन-कौन थे, उसका पता लगाया जा रहा है।

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