बेगूसराय का मैकेनिकल इंजीनियर ईरान में गायब: 17 जून को पत्नी-भाई से की थी बात; मां बोली- मोदी सरकार मेरे बेटे को भी वापस लाए – Begusarai News

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बेगूसराय का मैकेनिकल इंजीनियर ईरान में गायब:  17 जून को पत्नी-भाई से की थी बात; मां बोली- मोदी सरकार मेरे बेटे को भी वापस लाए – Begusarai News

बेगूसराय का मैकेनिकल इंजीनियर ईरान में गायब: 17 जून को पत्नी-भाई से की थी बात; मां बोली- मोदी सरकार मेरे बेटे को भी वापस लाए – Begusarai News

इजराइल-ईरान के बीच संघर्ष जारी है। इस बीच बेगूसराय का एक मैकेनिकल इंजीनियर ईरान में लापता हो गया है। 17 जून के बाद से मैकेनिकल इंजीनियर से उसके परिजन का कोई संपर्क नहीं हो पाया है।

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इंजीनियर का मोबाइल और वॉट्सऐप बंद है, जिसके चलते उसके परिवार के लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि हमारे बेटे का कुछ पता नहीं चल रहा है।

गायब मैकेनिकल इंजीनियर बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र स्थित बड़ी बलिया के रहने वाले सैयद रहमतुल्लाह का बेटा सैयद सैफुल्लाह( 31) है। सैफुल्लाह 12 जून को ईरान पहुंचा था।

13 जून से जब इजराइल और ईरान के बीच जंग की स्थिति ज्यादा तेज हुई तो सैफुल्लाह ने परिवार को फोन कर बताया कि ‘हम लोग बंकर में छिपकर रह रहे हैं, यहां की स्थिति काफी खराब है।’

ईरान में गायब हुए सैफुल्लाह की आखिरी बार परिवार वालों से बातचीत 17 जून को हुई थी। पिछले 4 दिनों से सैफुल्लाह का कुछ पता नहीं चल रहा है।

17 जून की शाम को भाई और पत्नी से हुई बात

17 जून की शाम में सैफुल्लाह की उसके छोटे भाई से बात हुई थी। इसके बाद रात में करीब 1:30 बजे पत्नी से बात की थी। उसके बाद मोबाइल बंद हो गया है, वॉट्सऐप भी लास्ट सीन 17 जून रात को बता रहा है।

लगातार कोशिश के बाद भी संपर्क नहीं होने पर परिजन ने बेगूसराय के डीएम, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और इंडियन एंबेसी को आवेदन भेज कर गुहार लगाई है।

घटना के बाद परिजन के साथ-साथ गांव के लोगों में भी चिंता है। सैफुल्लाह पेट्रोसाज जनरल कांट्रैक्टर कंपनी के तहत मैकेनिकल इंजीनियरिंग का काम करता है।

वह ऑन कॉल देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के अलावा विदेशों में भी जाकर शटडाउन हो चुके प्लांट को ठीक करके चालू करता था।

इसी सिलसिले में ईद से 10 दिन पहले 20 मार्च को सऊदी अरब गया था। जहां काम खत्म होने के बाद 12 जून को ईरान के अराक गया। जहां से अब उसका कोई पता नहीं चल रहा है।

कंपनी ने सैफुल्लाह के साथ करीब 40 अन्य लोगों को भी ईरान भेजा गया था।

सैफुल्लाह के भाई असदुल्लाह आजाद ने बताया कि DM से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से भाई को लाने के लिए गुहार लगाई है।

भाई को बोला था- स्थिति बिगड़ जाएगी, नहीं सोचा था

सैफुल्लाह के भाई असदुल्लाह आजाद ने बताया कि ‘सऊदी में काम खत्म होने के बाद 12 जून को वह ईरान गए थे। 13 जून से इजराइल और ईरान के बीच विवाद बढ़ गया।’

‘बात हो रही थी तो उन्होंने कहा था कि एक दिन पहले ऐसा होता तो ईरान नहीं आते। लेकिन वहां पहुंच गए, तब घटना हुई। अब हम लोग यहां से निकल नहीं सकते हैं।’

‘बताया था कि कर्फ्यू टाइप का लगा हुआ है। नेटवर्क बंद कर दिया जाता है, वाई-फाई भी कनेक्ट नहीं होता है। मेरे भाई का 17 तारीख से मोबाइल बंद है।’

असदुल्लाह आजाद ने बताया कि ‘वॉट्सऐप पर बात होती थी, वह भी नहीं हो रही है। जिससे पूरा परिवार परेशान हैं। भाई की सकुशल वापसी के लिए हम लोगों ने सभी जगह आवेदन दिया है।’

आखिरी बार बात हुई तो खुद को ईरान के अराक शहर में बताया था

असदुल्लाह आजाद ने बताया-

अंतिम बार 17 जून की शाम करीब 5 बजे हमसे हुई थी और रात में भाभी से उन्होंने बात की थी। बताया था कि इंडियन सिम रिचार्ज करनी पड़ेगी, हमने रिचार्ज कर दिया था‌। अंतिम बार लड़ाई के संबंध में बात हुई थी तो उन्होंने बताया कि हम अराक शहर में हैं। कहा था कि हम लोग को टाउनशिप में शिफ्ट किया गया है और बेसमेंट में रखा गया है।

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‘लेकिन जब 17 जून के बाद बात नहीं हो रही है तो हम लोगों को काफी डर लग रहा है। कंपनी के माध्यम से गए थे, वह देश-विदेश पहले भी शटडाउन के काम के सिलसिले में जाते रहते थे।’

‘कंपनी वालों से संपर्क किया तो उनका कहना है कि 30-40 लोग गए हैं, किन्ही से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।’

सैफुल्लाह के भाई ने ईरान में इंडियन एंबेसी से मैकेनिकल इंजीनियर को तलाश करने की गुहार लगाई है।

ईरान में फंसे लोगों को जल्द भारत लाने की मांग

ग्रामीण उपेंद्र महतो ने बताया कि सैफुल्लाह बहुत ही अच्छा लड़का है। उसके बारे में सुनकर हम गांव वाले भी काफी परेशान हैं।

बिहार और भारत सरकार से अनुरोध है कि हमारे गांव के बच्चे को जल्द से जल्द भारत लाया जाए। इसके साथ ही ईरान में फंसे सभी लोगों को भी जल्द से जल्द भारत लाया जाए।

ऑपरेशन सिंधु: ईरान से 2 बैच में 407 भारतीय लौटे, इसमें 190 कश्मीरी छात्र

ईरान और इजराइल संघर्ष के बीच ऑपरेशन सिंधु के तहत शुक्रवार देर रात 290 भारतीय नागरिक दिल्ली लौटे। इनमें से ज्यादातर कश्मीर के छात्र हैं। इसके अलावा कुछ यात्री दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल से भी हैं।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 517 भारतीय नेशनल स्वदेश लौट चुके हैं। शुक्रवार देर रात 2 बैच में 407 भारतीय लौटे। देर रात 10:30 बजे की फ्लाइट में 190 कश्मीरी छात्रों समेत 290 और देर रात 3 बजे की फ्लाइट में 117 लोग भारत लौटे थे।

इससे पहले 19 जून को 110 छात्र आर्मेनिया और दोहा के रास्ते भारत पहुंचे थे। एक और फ्लाइट शनिवार शाम तक आ सकती है।

ईरान से दिल्ली पहुंचे इन यात्रियों ने एयरपोर्ट पर ‘वन्दे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। इस दौरान कुछ लोग भावुक भी हो गए। उनकी आंखों में आंसू थे, तो कुछ ने जमीन पर माथा टेककर शुक्रिया भी अदा किया।

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