बालकनी बच्चों की जान ले रही, एम्स की रिपोर्ट हर मां-बाप को पढ़नी चाहिए

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बालकनी बच्चों की जान ले रही, एम्स की रिपोर्ट हर मां-बाप को पढ़नी चाहिए

बालकनी बच्चों की जान ले रही, एम्स की रिपोर्ट हर मां-बाप को पढ़नी चाहिए

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: लापरवाही और जागरूकता के अभाव में ऊंचाई से गिरने के मामलों में 60 पर्सेंट बच्चे केवल बालकनी से गिरते हैं। गिरने वाले बच्चों में 20 पर्सेंट की मौत हो जाती है। हालांकि इससे 100 पर्सेंट बचाव संभव है। एम्स ट्रॉमा सेंटर ने ऐसी घटनाओं का आंकलन करते हुए कहा कि 10 से 12 बच्चे बालकनी से गिरने के बाद इलाज के लिए हर महीने पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर को सीवियर हेड इंजरी होती है। डॉक्टर का कहना है कि दुनिया में किसी भी विकसित देश में इस प्रकार की घटना नहीं होती है, जितना भारत जैसे देश में हो रही है। इसे रोका जा सकता है, इसलिए इसके लिए जागरूकता की जरूरत है।

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एम्स ट्रॉमा सेंटर के न्यूरोसर्जन डॉ. दीपक गुप्ता ने कहा कि सात महीने में 74 बच्चे बालकनी से गिरकर इलाज के लिए एम्स पहुंचे। जिनमें से 18 बच्चों की मौत हो गई। यानी कुल गिरने वालो में लगभग 24 पर्सेंट बच्चों की मौत हो गई। जबकि न केवल ऐसी घटनाएं बल्कि मौत भी 100 पर्सेंट रोकी जा सकती हैं। हर महीने औसतन 10 ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर बच्चे गरीब परिवार से होते हैं। काम के लिए परिवार दिल्ली आता है। पहली या दूसरी मंजिल पर रहना पसंद करते हैं। वो अक्सर बच्चों को छोड़कर काम पर चले जाते हैं, जिसकी वजह से इन लोगों के यहां ऐसी घटनाएं ज्यादा होती हैं।

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डॉ. दीपक ने कहा कि न केवल एनसीआर बल्कि पूरे देश की यही स्थिति है। इसलिए न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन होने के नाते हम लोग चाहते हैं कि इस पर पूरी तरह से लगाम लगे। मंत्रालय इस पर संज्ञान लें और ऐसी पहल करे, जिससे पूरे देश में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके। जो भी पीड़ित परिवार आते हैं, हम उन्हें अस्पताल से बच्चे की छुट्टी से पहले बालकनी ठीक करने को कहते हैं। अगर आर्थिक दिक्कत होती है, तो मदद भी करते हैं। डॉक्टर ने कहा कि अभी स्कूलों में छुट्टियां चल रही हैं। बच्चे ज्यादातर घरों में रह रहे हैं। ऐसे समय में खास ध्यान देने की जरूरत है।

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पांच उपाय रोक सकते हैं ऐसे हादसे
डॉक्टर ने कहा कि इन हादसों को कम किया जा सकता है। इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें।

  • रेलिंग के गैप में जाला लगाएं
  • ब्लॉक की ऊंचाई ज्यादा रखें
  • बालकनी में किसी भी प्रकार का फर्नीचर न रखें
  • बालकनी को बच्चों के लिए खेलने की जगह न बनाएं
  • बच्चों पर हमेशा नजर रखें।
  • अगर आप बच्चे के साथ नहीं हैं, तो बालकनी के दरवाजे बंद रखें

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