बाइक की किस्तें जमा की, कंपनी ने नहीं दी NOC: उपभोक्ता फोरम ने फाइनेंस कंपनी को 10 हजार हर्जाना देने के आदेश दिए – Sagar News h3>
जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला।
सागर में फाइनेंस कंपनी ने लोन की किस्तें जमा कराने के बाद भी हितग्राही को एनओसी नहीं दी। मामला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में पहुंचा। आयोग ने सुनवाई करते हुए फाइनेंस कंपनी को 15 दिन में एनओसी जारी करने और सेवा में कमी के रूप में 10 हजार रुपए
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दरअसल, हरिश्चंद्र पिता भैयालाल सूर्यवंशी निवासी बम्होरी सीटफार्म ने एमएएस फाइनेंस सर्विसेज लिमिटेड शाखा तिलकगंज वार्ड सागर के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में परिवाद पेश की। जिसमें उन्होंने बताया कि 14 जून 2017 को 36 हजार 672 रुपए फाइनेंस कराकर कुल कीमत 50 हजार 172 रुपए में बाइक खरीदी थी। अनावेदक द्वारा आवेदक से मार्जिन मनी 13 हजार 500 रुपए नकद लिए थे। परिवादी को फाइनेंस राशि 1 हजार 528 रुपए की 24 किस्तें जमा करने की सुविधा दी गई।
पूरी जमा होने के बाद भी कंपनी ने नहीं दी एनओसी आवेदक से कंपनी ने पहली किस्त 1 हजार 528 रुपए जमा कराई। जिसके बाद परिवादी को मात्र 23 किस्त में कुल 35 हजार 144 रुपए जून 2019 तक जमा करना थे। जिस पर आवेदक ने नियमित किस्त जमा करता रहा। 14 जून 2019 को कुल 24 किस्तें समय पर जमा कर दी थी। अगर किसी महीने किस्त में देरी हुई तो विलंब शुल्क समेत किस्त जमा की। किस्तें पूरी जमा होने के बाद भी कंपनी ने एनओसी नहीं दी।
परेशान होकर आवेदक ने दर्ज कराया मुकदमा आवेदक ने 21 जुलाई 2021 को कंपनी से संपर्क किया। तब कंपनी ने बताया कि उसकी एक किस्त बकाया है। ऐसे में आवेदक ने कहा कि उसने 24 किस्तें जमा कर दी थी। अगर कोई किस्त बकाया थी तो पहले ही बताना था। हालांकि आवेदक ने 1 हजार 528 रुपए जमा कर एनओसी मांगी। तब कंपनी ने कहा कि 21 हजार रुपए की राशि बकाया है। परेशान होकर आवेदक ने आयोग में मुकदमा दर्ज कराया।
पेनल्टी की राशि निरस्त की, 15 दिन में देना होगी एनओसी परिवादी के अधिवक्ता पवन नन्होरिया ने बताया कि परिवादी ने बाइक फाइनेंस की सभी 24 किस्तें ब्याज के साथ जमा कर दी थी। लेकिन फाइनेंस कंपनी का कहना था कि पेनल्टी 21 हजार रुपए जमा करो। तब एनओसी जारी की जाए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा ने मामले में सुनवाई की। सुनवाई के दौरान फाइनेंस कंपनी ये बताने में असमर्थ रही कि जो पेनल्टी वो मांग रही है, किस बात की है।
मानसिक क्षति के रूप में 10 हजार देने के आदेश आयोग ने फैसला सुनाते हुए फाइनेंस कंपनी द्वारा पेनल्टी के रूप में मांगी जा रही 21 हजार रुपए की राशि अनुचित व अवैधानिक होने पर निरस्त कर दी। एक किस्त 1 हजार 530 रुपए ज्यादा लेने पर परिवादी को 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत वापस लौटने और 15 दिन में ऋण खाता समाप्त कर वाहन की एनओसी देने का आदेश दिया है। साथ ही परिवादी को सेवा में कमी और मानसिक क्षति के रूप में 10 हजार रुपए और परिवाद व्यय के 2 हजार रुपए अगले दो महीने में भुगतान करने का आदेश दिया है।
