बांके बिहारी मंदिर में नहीं सुधर रहे हालात: प्रगट उत्सव पर भिड़े श्रद्धालु और सेवायत, झगड़े में श्रद्धालु के सर में लगी चोट – Mathura News h3>
रंजन के खून निकलता देख झगड़ा करने वाला गोस्वामी मौके से भाग खड़ा हुआ। झगड़े की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई
मथुरा के वृंदावन में स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में हालात सुधरने के नाम नहीं ले रहे। यहां व्याप्त अव्यवस्थाओं का स्थानीय लोगों के साथ साथ बाहर से आए श्रद्धालुओं को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ऐसा ही हुआ प्रगट उत्सव के दिन। जब यहां श्रद्धालु और
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अमृतसर के रहने वाले हैं श्रद्धालु
अमृतसर पंजाब के रहने वाले 60 वर्षीय रंजन अरोड़ा पिछले ढाई साल से वृंदावन में रहकर भक्ति कर रहे हैं। मंगलवार को रंजन बांके बिहारी जी के प्रगट उत्सव पर उनके दर्शन करने मंदिर गए थे। यहां देर शाम वह बांके बिहारी जी के नजदीक से दर्शन करने के लिए चंदन कोठरी की तरफ जाने लगे। इसी दौरान उनका वहां मौजूद किसी गोस्वामी से विवाद हो गया।
मंगलवार को रंजन बांके बिहारी जी के प्रगट उत्सव पर उनके दर्शन करने मंदिर गए थे
चंदन कोठरी के पास हुआ झगड़ा
चंदन कोठरी की तरफ से कुछ श्रद्धालु दर्शन करने के लिए जा रहे थे। उन्हें देख रंजन अरोड़ा भी नजदीक से दर्शन की चाहत लिए जाने लगे। तभी वहां मौजूद एक गोस्वामी ने उनको रोक लिया। इसको लेकर विवाद हुआ और मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान गोस्वामी के हाथ में पहना हुआ कड़ा उनके सर में लग गया। जिससे उनके सर से खून बहने लगा।
चंदन कोठरी की तरफ से कुछ श्रद्धालु दर्शन करने के लिए जा रहे थे। उन्हें देख रंजन अरोड़ा भी नजदीक से दर्शन की चाहत लिए जाने लगे
भीड़ का फायदा उठाकर गायब हुआ गोस्वामी
रंजन के खून निकलता देख झगड़ा करने वाला गोस्वामी मौके से भाग खड़ा हुआ। झगड़े की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। मंदिर कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने पुलिस की मदद से उनको डॉक्टरों के पास भेजा। जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। इस घटना को लेकर मंदिर में कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस कर रही गोस्वामी की तलाश
इस मामले को लेकर श्रद्धालु ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी। सीओ सदर संदीप सिंह ने बताया श्रद्धालु की तहरीर मिलने पर कार्यवाही की जाएगी। मंदिर के CCTV कैमरों की मदद से आरोपी गोस्वामी की पहचान की जा रही है। मंदिर में किसी तरह की मारपीट या किसी श्रद्धालु से अभद्रता कोई करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। मंदिर की गरिमा बनाए रखना सभी का दायित्व है।
