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बहू बोली-रिटायर्ड पुलिसकर्मी ससुर ने घर से निकाला: बच्चों संग किराए के मकान में रहने को मजबूर; महिला आयोग की जनसुनवाई में छलका दर्द – Bhopal News

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बहू बोली-रिटायर्ड पुलिसकर्मी ससुर ने घर से निकाला:  बच्चों संग किराए के मकान में रहने को मजबूर; महिला आयोग की जनसुनवाई में छलका दर्द – Bhopal News

बहू बोली-रिटायर्ड पुलिसकर्मी ससुर ने घर से निकाला: बच्चों संग किराए के मकान में रहने को मजबूर; महिला आयोग की जनसुनवाई में छलका दर्द – Bhopal News


मध्यप्रदेश महिला आयोग की जनसुनवाई में गुरुवार को एक महिला ने बताया कि उसके रिटायर्ड पुलिसकर्मी ससुर ने उसे घर से निकाल दिया है। उसके साथ सास, देवर, देवरानी और ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी पिटाई की। लगातार विवाद, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक दबाव के कारण उसे अपने बच्चों के साथ किराए के मकान में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि वह किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहती, बल्कि केवल अपने और बच्चों के लिए सुरक्षित जीवन चाहती है। उन्होंने मांग की है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, उन्हें भरण-पोषण का खर्च दिया जाए। शादी को 15 साल हुए, 3 साल से कर रहे परेशान पीड़िता ने बताया कि शादी के 15 साल बीत चुके हैं। शुरू में सब ठीक था, लेकिन 3 साल पहले पति को ब्रेन ट्यूमर हो गया था, जिसके बाद ससुराल वालों का रवैया बदल गया। अब उन्होंने मेरे पति को भी मेरे खिलाफ कर दिया है। वह भी मेरे साथ नहीं हैं। बीमारी के कारण उन्हें कुछ याद नहीं रहता। जो उनके माता-पिता कहते हैं, उसे ही वह सच मानते हैं। मेरे तीन बच्चे हैं, अब मैं इन्हें लेकर कहां जाऊं, कैसे मैनेज करूं। राशन तक बंद किया, उधार लेकर चलाया घर पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उसे घर से निकालने के लिए तरह-तरह के आरोप लगाए। कभी उस पर परिवार में विवाद कराने तो कभी झगड़ा और मारपीट करने के आरोप लगाए गए। पीड़िता का कहना है कि उसका राशन-पानी तक बंद कर दिया गया था, जिससे उसे तीन महीने तक भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। इस दौरान उसने लोगों से उधार लेकर बच्चों और घर का खर्च चलाया। बाद में नौकरी शुरू करने के बावजूद उसे लगातार घर खाली करने के लिए दबाव बनाया जाता रहा। मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके पति, ससुर, देवर, देवरानी सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने कई बार उसके साथ मारपीट की। उसने कहा कि परिवार के लोग उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे और घर छोड़ने के लिए दबाव बनाते थे। कई बार जान से मारने की भी धमकी दी। लगातार बढ़ते विवाद के बाद 23 तारीख को उसे घर छोड़कर किराए के मकान में शिफ्ट होना पड़ा। अभी वह अपने दो बच्चों के साथ किराए के मकान में रह रही है, जबकि बड़ी बेटी ग्वालियर में है। दूसरी शादी कर बच्चों को अपनाने से किया इनकार जनसुनवाई में एक अन्य मामला भी सामने आया, जिसमें महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है। शिकायतकर्ता ने बताया कि पति अब उसे और बच्चों को अपने साथ रखने से इनकार कर रहा है। महिला ने आयोग से न्याय और भरण-पोषण की मांग की है। आयोग ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। काउंसलिंग के बाद साथ रहने को तैयार हुआ दंपती घरेलू हिंसा से जुड़े एक अन्य मामले में आयोग ने पति-पत्नी के बीच काउंसलिंग कराई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराया गया, जिसके बाद सकारात्मक परिणाम सामने आए। दोनों ने आपसी सहमति से साथ रहने की इच्छा जताई और महिला ने अपना प्रकरण वापस लेने पर सहमति दे दी। आयोग की पहल पर दो अन्य मामलों में भी पक्षकारों के बीच समझौता कराया गया। 30 मामलों में से 15 की हुई सुनवाई मध्यप्रदेश महिला आयोग में गुरुवार को संयुक्त बेंच जनसुनवाई आयोजित की गई। आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव और सदस्य साधना स्थापक ने महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में कुल 30 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें से 15 मामलों पर सुनवाई कर आवश्यक निर्देश दिए गए। पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण और वैवाहिक विवाद से जुड़े मामलों पर विशेष रूप से विचार किया गया। इस दौरान आयोग के सचिव सुरेश तोमर भी उपस्थित रहे। आयोग ने बताया कि महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 12 जून को भी जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।

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