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बड़वानी में किसानों की समस्याओं पर जयस का प्रदर्शन: मक्का, मूंग, सोयाबीन के उचित मूल्य और भावांतर योजना में सुधार की मांग – Barwani News

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बड़वानी में किसानों की समस्याओं पर जयस का प्रदर्शन:  मक्का, मूंग, सोयाबीन के उचित मूल्य और भावांतर योजना में सुधार की मांग – Barwani News

बड़वानी में किसानों की समस्याओं पर जयस का प्रदर्शन: मक्का, मूंग, सोयाबीन के उचित मूल्य और भावांतर योजना में सुधार की मांग – Barwani News

तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते जयस कार्यकर्ता और किसान।

बड़वानी जिले के खेतिया में जयस संगठन और किसानों ने अपनी कई मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार रीना पाटीदार को सौंपा।

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ज्ञापन में मक्का, मूंग और सोयाबीन जैसी फसलों के उचित विक्रय मूल्य न मिलने और भावांतर योजना की विसंगतियों को दूर करने की मांग की गई है। जयस कार्यकर्ताओं ने खेतिया के प्रमुख मार्गों से रैली निकाली, जो कृषि उपज मंडी पर समाप्त हुई। यहां उन्होंने प्रदर्शन किया।

किसान को संबोधित करते जयस नेता।

भावांतर भुगतान योजना पर असंतोष

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जयस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजू पटेल ने कहा कि किसान इस समय गंभीर आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की भावांतर भुगतान योजना पर असंतोष व्यक्त किया और इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाए। पटेल के अनुसार, भुगतान प्रक्रिया में तकनीकी अड़चनें और देरी के कारण किसानों को योजना का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। भावांतर राशि के विलंबित भुगतान पर भी चिंता जताई गई।

संगठन ने मांग की है कि कृषि उपज मंडियों और खरीद केंद्रों पर एमएसपी पर फसलों की सीधी खरीद सुनिश्चित की जाए। भावांतर योजना को सरल बनाया जाए और ऑनलाइन पंजीकरण तथा दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में सुधार किया जाए।

किसानों की उपज का उचित मूल्यांकन और सहायता प्रदान की जाए, साथ ही लंबित भुगतान शीघ्र जारी किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की सभी फसलों का मूल्य सरकार द्वारा घोषित एमएसपी से कम पर नहीं खरीदा जाना चाहिए।

नायब तहसीलदार रीना पाटीदार का सौंपा ज्ञापन।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

खेतिया कृषि उपज मंडी में व्यापारियों की मनमानी और शोषण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। मंडी सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने को कहा गया कि किसानों से उपज उचित भाव पर ही खरीदी जाए। मंडी में भाव निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी और सार्वजनिक रूप से घोषित की जानी चाहिए।

किसानों को उपज का भुगतान निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित किया जाए। जयस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन को तेज करेंगे।

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