पीरो निबंधन कार्यालय में नौ से शुरू होगी जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री

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पीरो निबंधन कार्यालय में नौ से शुरू होगी जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री

पीरो निबंधन कार्यालय में नौ से शुरू होगी जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री

-सूबे का 16वां अवर निबंधन कार्यालय पीरो होगा, जहां सरकार की ई निबंधन वेबसाइट पर काम शुरू हो जायेगा पीरो, संवाद सूत्र। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो पीरो अवर निबंधन कार्यालय में आगामी नौ सितंबर से जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री शुरू हो जायेगी। ऑनलाइन रजिस्ट्री की अधिसूचना जारी करने के बाद सूबे का 16वां अवर निबंधन कार्यालय पीरो होगा, जहां सरकार की ई निबंधन वेबसाइट पर काम शुरू हो जायेगा। इसके लिये सरकार ने www.nibandhan.gov.in वेबसाइट में पीरो अवर निबंधन कार्यालय को जोड़ दिया है। वेबसाइट में जुड़ते ही कातिब अथवा दास्तावेज नवीस के सामने संबंधित ट्रेनिंग को लेकर समस्या खड़ी हो गयी है। हालांकि वीडीयो कांफ्रेंसिंग के जरिए कुछ कातिबों की ट्रेनिंग शुरू कर दी गयी है, लेकिन पीरो निबंधन कार्यालय के कातिब अब तक पूर्णतया ट्रेंड नहीं हो पाये हैं। फलस्वरूप वेबसाइट पर निबंधन शुरू होने पर त्रुटियां हो सकती हैं और क्रेता-विक्रेताओं की परेशानी बढ़ सकती है। वेबसाइट पर इ निबंधन के दौरान जरूरी होगी जमाबंदी और रसीद वेबसाइट पर ई निबंधन के दौरान क्रेता और विक्रेता रैयतों को जमाबंदी के साथ-साथ रसीद की जरूरत होगी। क्रेता और विक्रेता के मोबाइल नंबर के साथ-साथ आधार कार्ड भी अपलोड करना होगा। पांच लाख से अधिक का दास्तावेज होने पर पैन कार्ड आवश्यक होगा। बदली परिस्थितियों में क्रेता या विक्रेता अपनी सुविधानुसार निबंधन का समय तय कर सकते हैं। वैसे पोर्टल पर तमाम जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही क्रेता और विक्रेता को तय समय की जानकारी मिल जायेगी। गलत प्रविष्टी की हालत में सुधार के लिये ऑप्शन उपलब्ध रहेंगे। कभी भी कहीं से निबंधन की अवधारणा पर काम करेगा पोर्टल कहीं से कभी भी की तर्ज पर सरकार का ई निबंधन पोर्टल काम करेगा। क्रेता और विक्रेता बिना किसी बिचैलिये की मदद से तय समय पर निबंधन कार्यालय में आकर अपने दास्तावेज का निबंधन करा पायेंगे। समय की बचत तो होगी ही, खर्च भी कम आयेगा। क्रेता अथवा विक्रेता खुद भी पोर्टल पर मांगी गयी जानकारी उपलब्ध करा पायेंगे। पोर्टल पर निबंधन से खरीद-बिक्री बढ़ने का सरकार को अनुमान ई निबंधन पोर्टल पर खरीद-बिक्री शुरू होने से सरकार को राजस्व बढ़ने का अनुमान है। अब तक के सरकारी आकड़ों पर नजर दौड़ायी जाये तो जनवरी 2024 में दो करोड़ 24 लाख के निर्धारित लक्ष्य के विपरीत एक करोड़ 58 लाख 31 हजार 421 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था और 483 दस्तावेज का निबंधन हो पाया है। ठीक इसी प्रकार फरवरी 2024 में निर्धारित लक्ष्य दो करोड़ 53 लाख की जगह ऐ करोड़ 48 लाख 5 हजार 416 रुपये का राजस्व आया और 479 दस्तावेज का निबंधन हो पाया। अगस्त 2024 में 781 दस्तावेज का निबंधन कर निर्धारित दो करोड़ 41 लाख के विपरित दो करोड़ 94 लाख 87 हजार 150 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं जून 2024 में 1083 दस्तावेज का निबंधन कर दो करोड़ 41 लाख के बदले दो करोड़ 79 लाख 79 हजार 237 रुपये की आमदनी हुई। अवर निबंधन कार्यालय का नहीं बन पाया हैअपना भवन आठ माह में निर्धारित लक्ष्य 17 करोड़ 76 लाख के विरुद्ध 14 करोड़ 22 लाख 6 हजार 167 रुपये का राजस्व देने के बाद भी अवर निबंधन कार्यालय का अपना भवन नहीं बन पाया है। भवन नहीं होने से अवर निबंधन पदाधिकारी से लेकर कर्मियों तक को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कातिब और स्टाम्प वेंडर या तो बरामदे में अथवा आकाश तले खुले में जीवन-बसर कर रहे हैं। कोट विभाग का फरमान जारी होते ही नौ सितंबर से ई निबंधन की प्रक्रिया शुरू करने की कारगर पहल शुरू कर दी गयी है। समस्या होने पर समाधान के लिये तकनीकी टीम भी सक्रिय रहेगी। तारकेश्वर पाण्डेय, जिला अवर निबंधन पदाधिकारी, भोजपुर वेबसाइट पर निबंधन के लिये लगातार कातिब और स्टाम्प वेंडरों को ट्रेंड किया जा रहा है। सभी कुछ ही दिनों में पारंगत हो जायेंगे, जिसके बाद किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। महजबीन, अवर निबंधन पदाधिकारी, पीरो

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