पार्षदों ने चक्रवर्ती चौधरी पर FIR करने की मांग की: बक्सर नगर परिष चुनाव में हार के बाद दिए बयान पर बढ़ा विवाद – Buxar News h3>
बक्सर नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति के चुनाव के बाद शुरू हुआ राजनीतिक विवाद गहरा गया है। चुनाव में हार के बाद वार्ड पार्षद चक्रवर्ती चौधरी द्वारा सोशल मीडिया पर दिए गए बयान को लेकर कई जनप्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध जताया है। शुक्रवार को नगर परिषद के कई वार्ड पार्षद नगर थाना पहुंचे और चक्रवर्ती चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की। पार्षदों का आरोप है कि चक्रवर्ती चौधरी ने सशक्त स्थायी समिति के चुनाव को लेकर जो आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए हैं, वे पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। उनका कहना है कि ये आरोप नगर परिषद की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पार्षदों के अनुसार, बिना किसी ठोस प्रमाण के भ्रष्टाचार और पैसे के लेन-देन जैसे गंभीर आरोप लगाना न केवल निर्वाचित प्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि आम जनता के बीच भी गलत संदेश देता है। नियमों के अनुरूप संपन्न हुई चुनाव नगर थाना में आवेदन देने पहुंचे पार्षदों में राहुल कुमार सिंह, हिटलर कुमार सिंह, राजू राय, दीपक सिंह, विनोद माली और चंदन पाठक सहित कई अन्य वार्ड पार्षद शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक, पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न हुई है। पार्षदों ने बताया कि मामले की जांच थाना अध्यक्ष द्वारा की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले 48 घंटे के भीतर चक्रवर्ती चौधरी अपने बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को और तेज किया जाएगा। पार्षद प्रतिनिधि ने आरोपों को बताया बेबुनियाद इधर, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि नियामतुल्लाह फरीदी ने भी इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चक्रवर्ती चौधरी के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सशक्त स्थायी समिति का चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या लेन-देन की बात को सिरे से खारिज किया। फरीदी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग नगर परिषद की विकास योजनाओं और जनहित के कार्यों से लोगों का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और इस प्रकार के विवाद विकास कार्यों को प्रभावित नहीं कर सकते। फिलहाल नगर परिषद की राजनीति में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच, संभावित कानूनी कार्रवाई और चक्रवर्ती चौधरी की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है।
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