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पठानकोट में राज्यपाल ने क्रॉस बॉर्डर तस्करी पर जताई चिंता: बोले-तकनीक बदल रहे पाकिस्तानी तस्कर, पहले बड़े ड्रोन आते थे, अब वाले पकड़ में नहीं आते – Pathankot News
पठानकोट में राज्यपाल ने क्रॉस बॉर्डर तस्करी पर जताई चिंता: बोले-तकनीक बदल रहे पाकिस्तानी तस्कर, पहले बड़े ड्रोन आते थे, अब वाले पकड़ में नहीं आते – Pathankot News h3>
पठानकोट पहुंचे राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने क्रॉस बॉर्डर तस्करी पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से लगातार ड्रोन आते हैं। पहले बड़े ड्रोन आते थे। अब छोटे आते हैं। वह (पाकिस्तानी नशा तस्कर) भी उसका (ड्रोन का) हमेशा मॉडल चेंज करते जा रहे हैं। पहले बड़े आते थे दिख जाते थे। अब बहुत छोटे आते हैं। जिनकी आवाज तो आती है पर दिखाई नहीं देते। अधिकांश को हम (बीएसएफ) गिराने या कैप्चर करने में सफल हुए लेकिन फिर भी 100% सफलता नहीं मिली है। राज्यपाल भारत-पाक सीमा से सटे कस्बा बमियाल के गांव मंग्याल में पहुंचे थे। विलेज डिफेंस कमेटी से की बैठक
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने सीमावर्ती गांव मंग्याल मनवाल के महाराणा प्रताप स्कूल में वीडीसी (विलेज डिफेंस कमेटी) सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने नशा खत्म करने के लिए उनसे सहयोग मांगा। वहीं राज्यपाल ने विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्यों से सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि सामुहिक प्रयास से ही नशे को खत्म किया जा सकता है। देश के आखिरी गांव को पहला गांव समझ किया जाए विकास
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार को बॉर्डर को अंतिम विलेज को पहला विलेज की तरह ट्रीट करना चाहिए। क्योंकि, बॉर्डर पर होने के कारण किसी भी समस्याएं को सबसे पहले उन्हें ही फेस करना पड़ता है।
पहले बॉर्डर विकास फंड आता था। वो पिछले कुछ सालों से बंद है। हमने फिर से सेंट्रल गवर्नमेंट को कहा है कि बॉर्डर विकास नहीं है तो किसी और तरीके से करें। लेकिन बॉर्डर के गांव को विशेष डेवलपमेंट और आर्थिक दृष्टि से मदद करना चाहिए। नशे के हालात पर संतोष मिला पर संतुष्टि नहीं
राज्यपाल कटारिया ने कहा कि पठानकोट के सीमावर्ती गांवों में नशे के विरुद्ध चली मुहिम से बहुत संतोष तो मिला पर संतुष्टि नहीं मिली है। प्रदेश को नशा मुक्त बनाने का प्रयत्न तो बॉर्डर के सभी जिलों में किया जा रहा है।
युद्ध नशे विरुद्ध अभियान राज्य सरकार और हम भी चला रहे हैं। मेरी मान्यता है कि जनता जब अपना आंदोलन बनाएगी और जनता इसमें इनवॉल्व होकर इस समस्या को लड़ने के लिए खड़ी होगी। तब प्रशासन को बहुत ताकत मिलेगी और इसमें हम सफलता अर्जित करेंगे। क्योंकि, अभी कई चुनौतियां हैं। राज्य सरकार का कोई बिल पेंडिंग नहीं
राज्यपाल ने कहा कि मेरे पास जो भी बिल सरकार पारित करने के लिए भेजती है, उसको देख के निश्चित पास करते हैं। क्योंकि बिल पेश करने के पहले एक बार हमसे कंसेंट लेते हैं। मोटे-मोटे रूप में तो हम उनको देखते हैं।
लेकिन जब हाउस पास कर देता है उसके बाद जब आता है तो हम उसको दोबारा देखते हैं। अगर हमें लगता है उसमें कोई और बदलाव होना चाहिए तो हम उनको राय देते हैं। बिल को कानून बनाने के लिए राष्ट्रपति को भेजा जाता है। मेरे यहां कोई पेंडिंग बिल आज की तारीख में पैंडिंग नहीं है। एंटी ड्रोन के लिए केंद्र ने 23 तो राज्य सरकार ने 10 करोड़ दिए
राज्यपाल ने कहा कि एंटी ड्रोन केंद्र सरकार ने भी दिया। पहले 9 दिया फिर बाद में 23 करोड़ दिए। अभी राज्य सरकार ने भी 10 करोड़ दिया। पैसा और मिल रहा है। लेकिन, अभी पंजाब की पाकिस्तान से 553 किलोमीटर सीमा लगती है। नशा रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार अपना-अपना काम कर रही है। अगर कोई दिक्कत आएगी तो हम मध्यस्थता करेंगे।
2 दिन और पठानकोट में रहेंगे राज्यपाल
बता दें, राज्यपाल 17 और 18 अप्रैल को भी पठानकोट में ही रहेंगे। 17 अप्रैल को नशा विरोधी जागरूकता के लिए संदीपनी स्कूल से एबी कॉलेज तक पदयात्रा निकाली जाएगी। इसी दिन नियाड़ी,फंगोता और रावी सदन में वीडीसी सदस्यों के साथ एक विशेष बैठक भी की जाएगी। जबकि, दौरे के अंतिम दिन, 18 अप्रैल को श्री साईं कॉलेज बंधानी में सीमावर्ती क्षेत्र के स्कूलों के प्रिंसिपलों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक के दौरान, राज्यपाल के इस दौरे को सफल बनाने के लिए विभिन्न अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
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