नोएडा का सॉफ्टवेयर इंजीनियर चार दिनों से लापता: 3 दोस्तों के साथ आया बागेश्वर पिंडारी ग्लेशियर में ट्रैकिंग करने; ड्रोन से हो रही निगरानी – Bageshwar News

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नोएडा का सॉफ्टवेयर इंजीनियर चार दिनों से लापता:  3 दोस्तों के साथ आया बागेश्वर पिंडारी ग्लेशियर में ट्रैकिंग करने; ड्रोन से हो रही निगरानी – Bageshwar News

नोएडा का सॉफ्टवेयर इंजीनियर चार दिनों से लापता: 3 दोस्तों के साथ आया बागेश्वर पिंडारी ग्लेशियर में ट्रैकिंग करने; ड्रोन से हो रही निगरानी – Bageshwar News


बागेश्वर में पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक से लौटते समय लापता हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान का 4 दिन बीत जाने के बावजूद कोई सुराग नहीं लग पाया है। 28 मई से SDRF, NDRF, फायर सर्विस, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम लगातार सघन खोज अभियान चला रही है। 28 वर्षीय अभिषेक चौहान मूल रूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं और उनका परिवार नोएडा में रहता है। चौहान गुजरात में एक MNC में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के हैं। अब खोज अभियान में ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है और स्थानीय लोगों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इसी बीच उनका परिवार भी बागेश्वर पहुंच चुका है। चौहान के साथ उनके 3 दोस्त और आए थे, जो सुरक्षित है। खराब मौसम के चलते NDRF की टीम खोज अभियान के लिए हेलिकॉप्टर की मदद भी नहीं ले पा रही है। इस बीच पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर पड़ने वाली 3 से 4 नदियां ऊफान पर आ गई हैं। रेस्क्यू की तस्वीरें देखिए- 5 पॉइंट में पूरी खबर… 1. नोएडा से आया था ट्रैकिंग करने- मूल रूप से सहारनपुर निवासी और नोएडा में रहने वाले अभिषेक चौहान (28) गुजरात की MNC में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वे 28 मई को अपने 3 सॉफ्टवेयर इंजीनियर दोस्त के साथ स्थानीय गाइड आनंद राम के साथ पिंडारी ट्रैक पर खाती से द्वाली की ओर निकले थे। 29 मई को वापसी के दौरान मलियाधोड़ के पास अभिषेक फोटोग्राफी करने के लिए रुक गए और गाइड को आगे जाकर मैगी पॉइंट पर इंतजार करने को कहा। 2. गाइड के सर्च करने पर नहीं मिले- काफी देर तक अभिषेक के न पहुंचने पर गाइड उन्हें खोजने वापस उस स्थान पर गया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। रात में खाती गांव पहुंचकर गाइड ने वन विभाग की रेंजर डौली डोभाल को इसकी जानकारी दी। इसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई और पुलिस व SDRF की टीमें तुरंत सक्रिय हुईं। 3. NDRF चला रही रेस्क्यू ऑपरेशन- पर्यटक की तलाश के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसमें SDRF, NDRF, पुलिस विभाग, वन विभाग, फायर सर्विस और स्थानीय ग्रामीण शामिल है। 4. दो दिन बाद मिला कैमरा- खोज अभियान के दूसरे दिन, रेस्क्यू टीम को मलियाधोड़ के पास नदी किनारे अभिषेक का कैमरा बरामद हुआ। हालांकि, कैमरे के आसपास या नदी के समीप अभिषेक का कोई अन्य सुराग नहीं मिल पाया है। 5. ट्रैक पर फोन सिग्नल नहीं- इलाका अत्यधिक दुर्गम और कठिन भूभाग वाला है। खोज को प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग कर गहरी खाइयों और जंगलों की निगरानी की जा रही है।खराब मौसम के बावजूद टीमें जुटी हुई हैं और स्थिति को देखते हुए खराब मौसम के बीच हेलिकॉप्टर की मदद लेने पर भी विचार किया जा रहा है। पुलिस उपाधीक्षक (DSP) अजय साह के अनुसार “112 के माध्यम से सूचना मिलने के बाद से ही रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। परिजनों को सूचित कर दिया गया है और वे बागेश्वर पहुंच चुके हैं। नदी किनारे कैमरा मिला है, लेकिन पर्यटक का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हमारी टीमें हर संभव प्रयास कर रही हैं।”

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