नपा बैठक में पार्षद-CMO आमने-सामने: माला पहनाकर बोले- शहर को चौपट करने पर आप ‘स्वागत’ करते हैं – Sheopur News h3>
नगर पालिका अध्यक्ष रेणु सुजीत गर्ग ने लगभग आठ महीने बाद गुरुवार को परिषद की कमान संभाली। हाईकोर्ट की ओर से 8 अक्टूबर 2025 को अध्यक्षीय कार्यों पर रोक लगाए जाने के बाद यह पहला अवसर था जब उन्होंने नगर पालिका परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। हजारेश्वर महादेव मेले के टेंडर अनुमोदन के लिए बुलाई गई यह बैठक मात्र 10 मिनट में समाप्त हो गई, लेकिन इस दौरान परिषद सभागार में नेता प्रतिपक्ष और सीएमओ के बीच तीखी बहस हुई। बैठक शुरू होते ही वार्ड 6 के कांग्रेसी पार्षद और नेता प्रतिपक्ष सलाउद्दीन खान ने नपा सीएमओ आरआर यादव को माला पहनाई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में “पूरे शहर को चौपट करने” के लिए उनका सम्मान किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने पिछले आठ महीनों में शहर की पेयजल, सफाई और विकास व्यवस्था खराब होने के आरोप लगाए। सलाउद्दीन खान ने यह भी कहा कि नामांतरण से लेकर जनता के कई काम लंबित रखे गए और पार्षदों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को निरस्त किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नपा पर करीब 8 लाख रुपए बकाया रखने वाले ठेकेदार को दोबारा मेला ठेका दिए जाने का प्रस्ताव लाया गया है। सीएमओ के तेवर हुए सख्त इस पर सीएमओ आरआर यादव ने भी कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने सलाउद्दीन खान से कहा कि “आपको काम नहीं, पैसा दिख रहा है” और आरोप लगाया कि उनके पास “मेले वाले से पैसे मांगने” के सबूत हैं। इसके बाद परिषद में कुछ देर तक तीखी नोकझोंक चलती रही। हालांकि, इस विवाद के बावजूद हजारेश्वर महादेव मेला 2026 के टेंडर को पार्षदों की सहमति से अंततः मंजूरी दे दी गई। 24 अप्रैल को कुर्सी से दूरी, 14 मई को उसी परिषद की अध्यक्षता 24 अप्रैल को हुई परिषद बैठक में रेणु गर्ग परिषद कक्ष में पहुंची थीं, लेकिन कुर्सी पर नहीं बैठीं और कुछ मिनट बाद वापस लौट गई थीं। उस समय उपाध्यक्ष संजय माहना की अध्यक्षता में बजट बैठक हुई थी। गुरुवार को तस्वीर पूरी तरह बदल गई। बैठक शुरू होने से करीब आधे घंटे पहले रेणु गर्ग नगर पालिका पहुंचीं। उनके पहुंचने से पहले ही चैंबर खोल दिया गया था। भाजपा पार्षदों ने उनसे मुलाकात की और बाद में वे पार्षदों के साथ सभागार पहुंचीं। बैठक शुरू होने से पहले उन्होंने हाईकोर्ट आदेश की प्रति CMO को सौंपी। इसके बाद CMO ने नगर पालिका के अधिवक्ताओं से विधिक राय ली और फिर उन्हें अध्यक्षता की अनुमति दी। बहस के दौरान क्या-क्या कहा गया सलाउद्दीन: “सीएमओ साहब को माला पहनाना चाहता हूं, जिन्होंने अध्यक्ष की गैरहाजिरी में पूरे शहर को चौपट कर दिया।”
CMO: “सब हो रहा है। आपको काम नहीं, पैसा दिख रहा है।”
सलाउद्दीन: “आठ महीने में जनता की वाट लगा दी। न पानी, न सफाई, न काम।”
CMO: “हमारे पास सबूत हैं कि तुमने मेले वाले से पैसे मांगे।”
सलाउद्दीन: “आपने रिश्वत खा रखी है, तभी सबकी तनख्वाह रोक रखी है।”
सत्तापक्ष ने माला पहनाकर किया स्वागत बैठक के बाद सत्तापक्ष के पार्षदों और CMO सहित नगर पालिका कर्मचारियों ने रेणु गर्ग का माला पहनाकर स्वागत किया। अध्यक्षीय अधिकार वापसी को भाजपा पार्षदों ने “वापसी” के रूप में पेश किया। खास बात यह रही कि हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाले कांग्रेसी पार्षद सुमेर सिंह बैठक में मौजूद नहीं रहे। नगर पालिका गलियारों में चर्चा रही कि वे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए गए हैं।