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ननद को उठाने आए, गलती से भाभी को ले गए: गुना में पति के पास सो रही महिला के अपहरण और रेप की कहानी – Guna News

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ननद को उठाने आए, गलती से भाभी को ले गए:  गुना में पति के पास सो रही महिला के अपहरण और रेप की कहानी – Guna News

ननद को उठाने आए, गलती से भाभी को ले गए: गुना में पति के पास सो रही महिला के अपहरण और रेप की कहानी – Guna News

सभी आरोपी आपस में भाई हैं, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

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यह दर्द है, उस रेप पीड़िता का जिसे, 8 बदमाश 9 जून की रात घर से ले गए थे। वे आए तो थे ननद को लेने, लेकिन गफलत में भाभी का अपहरण कर लिया। पुलिस ने 8 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है।

इस पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए दैनिक NEWS4SOCIALकी टीम गांव पहुंची। पीड़ित परिवार और पुलिस से बात की। पढ़िए यह रिपोर्ट…

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पहले पूरा मामला समझ लीजिए… पुलिस के मुताबिक, गुना जिले की म्याना थाना क्षेत्र की रहने वाली 20 साल की महिला 10 जून को थाने पहुंची। उसने अपहरण मारपीट और रेप की शिकायत की, इसके बाद पुलिस ने तत्काल मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। रेप की पुष्टि होने के बाद मामले में अपहरण, गैंगरेप समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

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एसपी अंकित सोनी के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गईं। महिला का परिवार कुछ आरोपियों को जानता था, इसलिए उनकी पहचान में परेशानी नहीं आई। सभी आरोपी बमोरी थाने के सिमरौद गांव के रहने वाले हैं, इसलिए पुलिस टीम ने गांव में दबिश दी।

मुखबिरों से भी इनपुट मिला। टीम ने गांव के पास से ही सोनू पिता सवत भिलाला (24), दीप सिंह पिता राम सिंह भिलाला (24), राजेश पिता पटलिया उर्फ पातलया भिलाला (18), तोरन सिंह पिता मुलू भिलाला (32), कैलाश पिता राम सिंह भिलाला (24), छगन पिता गमरिया भिलाला (42), अंतर सिंह पिता रीछू उर्फ रिचू भिलाला (24) और मसरिया उर्फ विरम पिता राम सिंह भिलाला (20) को गिरफ्तार किया।

आरोपी ने इसी स्थान पर गलत काम करने के बाद महिला को छोड़ा था।

पीड़िता बोली- मुंह में कपड़ा ठूंसकर रेप किया

पीड़िता और परिवार से बात करने दैनिक NEWS4SOCIALकी टीम गांव पहुंची। लोगों के बताने पर टीम गांव से लगे खेत पर बने उसके घर पहुंची। पीड़िता ने टीम को बताया कि मैं 9 जून की रात 8 बजे के करीब परिवार के सभी लोगों ने खाना खाया और सोने चले गए। सास, ससुर और ननद नीचे आंगन में सो रहे थे। मैंने भी काम निपटाया और छत पर सो रहे पति के पास ही अपना बिस्तर लगा लिया।

रात को करीब 1 बजे अचानक चीखने-चिल्लाने की आवाज आने लगी। हम उठे तो सास-ससुर जोर-जोर से चिल्ला रहे थे। हमने छत से ही पूछा- तो वे बोले- नीचे मत आना, लगता है, चोर घुस आए हैं।

पति और मैंने छत से नीचे झांका तो आंगन में 6 लोग खड़े हुए थे। इतने में मेरे सास-ससुर ने नीचे खड़े बदमाशों से कहा- तुम तो सिमरौद के रहने वाले हो न। खुमान के खेत पर तुम लोग आते-जाते हो। इतना सुनते ही एक ने कहा- तू शांत रह।

उनके हाथ में पत्थर और हंसिया थी। उन्होंने पत्थर फेंकना शुरू किया तो सास-ससुर और ननद इधर-उधर जान बचकर भागे। मैं ऊपर से पापा-मम्मी कहकर चिल्लाने लगी। मेरे मम्मी-पापा चिल्लाते ही बदमाश छत की ओर दौड़े। उन्हें आता देख पति ने उन पर ऊपर से ईंट फेंकना शुरू कर दिया। उन्होंने भी पत्थर मारना शुरू कर दिया। एक पत्थर मेरे पति को लगा, वे नीचे गिर गए। इसके बाद एक-एक करके चार बदमाश कुछ ही पल में हमारे सामने खड़े हो गए।

मैं कुछ समझ पाती, इसके पहले ही एक ने मुझे पकड़ा और खींचकर नीचे ले आए। वे धमकाते हुए पत्थर फेंक रहे थे, इसलिए कोई विरोध नहीं कर पाया। मैंने विरोध किया तो उन्होंने कहा- ज्यादा किया तो हंसिए से मार देंगे। मारने का डर दिखाकर वे लोग मुझे खींचकर घर से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में ले गए।

यहां दो लोग पहले से खड़े थे। मुझे लेकर आए लोगों ने उनसे कहा कि कैलाश दादा, राजेश दादा हम इसे ले आए हैं। मैंने उनसे पूछा- मुझे यहां क्यों लेकर आए हो। मेरी तो किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। मैं शादीशुदा हूं।

इस पर जंगल में पहले से खड़े उन दोनों में से, जिनसे वे लोग मसरिया और राजेश नाम लेकर बातचीत कर रहे थे, उन्होंने कहा- इसको क्यों ले आए हो, मेरी ननद का नाम लेते हुए कहा, उसको लाना था, तुम इसको वापस छोड़ आओ।

तीन लोग मुझे वापस घर छोड़ने निकले। रास्ते में नाले के पास एक ने मेरे साथ जबरदस्ती की। मैं विरोध करते हुए चिल्लाई तो उसने मेरे चेहरे पर मुक्का मारा दिया। उसने कहा- चिल्लाई तो यहीं जान से खत्म कर दूंगा। इसके बाद कपड़े से मेरा मुंह बांध दिया।

जिसने मुक्का मारा था, उसने मेरा रेप किया। जो दो साथ में मुझे छोड़ने आए थे, वे उसे कह रहे थे कि सोनू ऐसा मत कर। उसने उनकी एक नहीं सुनी। कुछ देर बाद नाले किनारे छोड़कर वे तीनों भाग निकले। मैं घर पहुंची और पति, सास-ससुर को पूरी घटना बताई। घर पर उन सभी 6 लोगों को सास-ससुर और पति ने पहचान लिया था। इसके बाद हम थाने पहुंचे।

मसरिया ने की थी पूरी प्लानिंग पुलिस की जांच में सामने आया है कि मसरिया भिलाला ने पूरी प्लानिंग की थी। वह पीड़िता की ननद से शादी करना चाहता था, इसलिए उसने ननद को उठाने का प्लान किया। इस काम में उसने अपने बड़े भाई कैलाश और छोटे भाई दीप सिंह को तैयार किया था, और लोगों की जरूरत को समझते हुए परिवार के राजेश, तोरन, छगन, अंतर सिंह और सोनू भिलाला को भी साथ में ले लिया था।

प्लान के तहत 8 लोग तीन बाइक से जंगल पहुंचे। मसरिया और कैलाश जंगल में ही रुक गए, बाकी 6 आरोपी पैदल ही पीड़िता के घर पहुंचे। पीड़िता ने छत से पापा-मम्मी कहा तो उन्हें लगा मसरिया ने जिसे लाने को कहा, यह वही है, इसलिए उन्होंने उसका अपहरण कर लिया और जंगल लेकर पहुंचे।

महिला ने आरोपियों से पूछा कि मैं शादीशुदा हूं और मैं तो तुम लोगों को जानती भी नहीं हूं, फिर मुझे क्यों लेकर आए। एक ने कहा- तू शादीशुदा है, झूठ क्यों बोल रही है। इस पर महिला ने मांग में सिंदूर और गले में पहना मंगलसूत्र भी दिखाया।

आरोपियों ने पीड़िता का धमकाया तो मसरिया ने अपने साथियों को डांटते हुए कहा- “ये किसे उठा लाए, इसे वापस छोड़कर आओ।”

तीन लोग वापस छोड़ने गए पीड़िता को वापस छोड़ने मसरिया, सोनू और राजेश निकले। रास्ते में ही सोनू की नीयत खराब हो गई। उसने उससे जबरदस्ती करने की कोशिश की। पीड़िता चिल्लाई तो सोनू ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर बांध दिया। इसके बाद गलत काम किया। मसरिया और राजेश ने उसे पहले तो मना किया, फिर वहीं खड़े होकर सबकुछ देखते रहे। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों घर से करीब 400 मीटर दूर छोड़कर भाग गए।

शादी से इनकार किया तो अपहरण करने पहुंचे ‎पुलिस के अनुसार, आरोपियों में ‎शामिल 4 सगे भाइयों में से एक की ‎शादी की बात पीड़िता की ननद से ‎चल रही थी, लेकिन शादी तय नहीं ‎हुई। यह बात उन्हें इतनी चुभी कि ‎वे अपहरण करने के लिए पहुंच ‎गए। जब आरोपी घर में घुसे तो‎ लड़की अपने माता-पिता के साथ ‎सो रही थी। उसकी भाभी अपने ‎पति के छत पर सो रही थी। दोनों‎ की उम्र करीब एक सी है, वह मम्मी-पापा कहकर चिल्लाई भी थी, जिसके‎ कारण आरोपी समझ नहीं पाए और महिला को छत से घसीटते‎ हुए नीचे लाए।‎

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