धौलपुर में 100 ट्रांसफॉर्मरों का सिलिका जैल बदला: 45 में तेल भरा, गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति पर डिस्कॉम का फोकस – Dholpur News

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धौलपुर में 100 ट्रांसफॉर्मरों का सिलिका जैल बदला:  45 में तेल भरा, गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति पर डिस्कॉम का फोकस – Dholpur News

धौलपुर में 100 ट्रांसफॉर्मरों का सिलिका जैल बदला: 45 में तेल भरा, गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति पर डिस्कॉम का फोकस – Dholpur News


धौलपुर जिले में बिजली आपूर्ति सुचारू रखने और पावर ट्रांसफॉर्मरों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए एक विशेष रखरखाव अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत जिले के 100 पावर ट्रांसफॉर्मरों का सिलिका जैल बदला गया है, जबकि 45 ट्रांसफॉर्मरों में निर्धारित स्तर तक ट्रांसफॉर्मर ऑयल भरा गया है। अधीक्षण अभियंता विवेक शर्मा ने बताया कि 33/11 केवी सब-स्टेशनों पर स्थापित पावर ट्रांसफॉर्मर बिजली वितरण प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ये 33 केवी वोल्टेज को घटाकर 11 केवी तक लाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाई जाती है। इनकी बेहतर स्थिति बनाए रखना आवश्यक है। सिलिका जैल ट्रांसफॉर्मर को खराब होने से बचाता है
शर्मा ने यह भी बताया कि ट्रांसफॉर्मर की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए सिलिका जैल, ट्रांसफॉर्मर ऑयल और अर्थिंग की स्थिति का विशेष ध्यान रखा जाता है। सिलिका जैल हवा में मौजूद नमी को अवशोषित कर ट्रांसफॉर्मर ऑयल को खराब होने से बचाता है। नमी युक्त तेल ट्रांसफॉर्मर को नुकसान पहुंचा सकता है और गंभीर स्थिति में ट्रांसफॉर्मर जलने का कारण भी बन सकता है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर ऑयल का उपयोग मुख्य रूप से इन्सुलेशन और शीतलन के लिए किया जाता है। यह तेल ट्रांसफॉर्मर के अंदर उत्पन्न होने वाली गर्मी को नियंत्रित करता है तथा वाइंडिंग और कोर को सुरक्षित रखता है। इसके अतिरिक्त, यह विद्युत आर्किंग को नियंत्रित करने और आंतरिक उपकरणों को नमी व ऑक्सीकरण से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अर्थिंग व्यवस्था की भी जांच कर उसे बेहतर बनाया
डिस्कॉम ने सभी पावर ट्रांसफॉर्मरों की अर्थिंग व्यवस्था की भी जांच कर उसे बेहतर बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि सही अर्थिंग न होने पर वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, उपकरणों के खराब होने और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए सभी ट्रांसफॉर्मरों की अर्थिंग को दुरुस्त किया गया है। अधीक्षण अभियंता विवेक शर्मा ने बताया कि पावर ट्रांसफॉर्मर बिजलीघरों का सबसे महत्वपूर्ण और महंगा उपकरण होता है, जिसकी कीमत 35 से 50 लाख रुपये तक होती है। इनके नियमित रखरखाव और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सके।

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