दूधिया की बेटी ने इंटरमीडिएट में किया जिला टॉप: राजमिस्त्री का बेटा दूसरे और किसान का बेटा तीसरे स्थान पर रहा – Farrukhabad News h3>
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम घोषित गुरुवार किए गए। फर्रुखाबाद जिले में दूध का कारोबार करने वाले की बेटी नैंसी राठौर ने जिला टॉप किया है। जिले का कुल इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम 82.31 प्रतिशत दर्ज किया गया। नैंसी राठौर ने इंटरमीडिएट परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त किया। राजमिस्त्री के बेटे मनमोहन ने जिले में दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि किसान के बेटे वैभव तीसरे स्थान पर रहे। इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए कुल 21,497 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 21,022 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से 17,304 परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए। जिले के टॉप 10 में पांच छात्राओं ने अपनी जगह बनाई है, जो उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है। पिता का सपना पूरा करना बेटी का लक्ष्य पिपरगांव की होनहार छात्रा नैंसी राठौर ने इंटरमीडिएट में 92.20% अंक हासिल कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। साधारण परिवार से आने वाली नैंसी की यह सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बन गई है। नैंसी के पिता राजेश कुमार दूध का कारोबार करते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। छोटे भाई वर्धमान सिंह राठौर कक्षा आठ में पढ़ते हैं। नैंसी ने 500 में से 461 अंक प्राप्त किए हैं और वह पिपरगांव स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज की छात्रा हैं। नैंसी का सपना आईएएस बनकर देश की सेवा करना है, लेकिन उससे पहले वह संस्कृत की प्रवक्ता बनकर अपने पिता का अधूरा सपना पूरा करना चाहती हैं। उनके पिता इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएट हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते शिक्षक नहीं बन सके। नैंसी बताती हैं कि वह रोजाना करीब साढ़े सात घंटे सेल्फ स्टडी करती थीं। साथ ही डायरी बनाकर रोज का लक्ष्य तय करती थीं। इसी अनुशासन और प्लानिंग ने उन्हें जिला टॉपर बना दिया। उनकी सफलता से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।
किसान के बेटे वैभव ने हासिल किया तीसरा स्थान कमालगंज ब्लॉक के रामनगर गांव निवासी किसान कृष्णानंद के बेटे वैभव ने 91.60% अंक के साथ जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। वैभव स्वराज वीर इंटर कॉलेज के छात्र हैं। उनकी मां गंगा रानी गृहिणी हैं और पिता खेती-बाड़ी करते हैं। वैभव का सपना एनडीए पास कर लेफ्टिनेंट बनना है। उन्होंने बताया कि वह रोज 6 से 8 घंटे पढ़ाई करते थे और जब भी थकान महसूस होती, तो गाने सुनकर खुद को तरोताजा कर लेते थे। वैभव का मानना है कि एकाग्रता के साथ पढ़ाई करने से सफलता जरूर मिलती है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। राजमिस्त्री के बेटे मनमोहन बने दूसरे टॉपर, आर्मी में जाना लक्ष्य इंटरमीडिएट परीक्षा में 91.80% (459 अंक) हासिल कर मनमोहन ने जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उनके पिता राजकुमार सक्सेना राजमिस्त्री हैं और मां मीना देवी गृहिणी हैं। मनमोहन तीन बहनों और दो भाइयों में तीसरे नंबर पर हैं। उन्होंने बताया कि वह रोज 8 से 9 घंटे पढ़ाई करते थे और कोचिंग का भी सहारा लिया। पढ़ाई के बीच वह देशभक्ति फिल्में देखते और दोस्तों के साथ क्रिकेट भी खेलते थे। गांव के तीन लोग सेना में हैं, जिससे प्रेरित होकर उनका लक्ष्य बचपन से ही आर्मी में जाना है। वह कहते हैं कि पढ़ाई दबाव में नहीं, बल्कि मस्ती के साथ करनी चाहिए। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया।
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