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डेंजर लेवल से 8 मीटर नीचे गंगा का जलस्तर: प्रयागराज में बाढ़ चौकी के साथ शरणालय बनाने की तैयारी शुरू, SDM और तहसीलदारों को जिम्मेदारी – Prayagraj (Allahabad) News

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डेंजर लेवल से 8 मीटर नीचे गंगा का जलस्तर:  प्रयागराज में बाढ़ चौकी के साथ शरणालय बनाने की तैयारी शुरू, SDM और तहसीलदारों को जिम्मेदारी – Prayagraj (Allahabad) News

डेंजर लेवल से 8 मीटर नीचे गंगा का जलस्तर: प्रयागराज में बाढ़ चौकी के साथ शरणालय बनाने की तैयारी शुरू, SDM और तहसीलदारों को जिम्मेदारी – Prayagraj (Allahabad) News

गंगा का जलस्तर कुछ इस तरह से बढ़ता हुआ दिख रहा है।

प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा डेंजर लेवर से 8 मीटर नीचे से बह रही हैं। अभी गंगा नदी फाफामऊ गेज पर 76.80 मीटर एवं यमुना नदी नैनी गेज पर 75.58 मीटर पर पहुंची हैं।

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दरअसल, उत्तराखंड व अन्य जनपदों में प्रतिदिन हो रही तेज बारिश के चलते गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। यदि इसी तरह की स्थिति रही तो बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की ओर अलर्ट भी किया गया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीता सिंह ने सभी SDM व तहसीलदारों को संभावित बाढ़ से निपटने के लिए अपनी–अपनी तहसीलों में सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है। बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए शरणालय बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ चौकी भी सक्रिय किए जा रहे हैं।

गंगा किनारे रह रहे तीर्थ पुरोहित अपना सामान सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं।

वाट्सएप पर भेजेंगे प्रतिदिन की रिपोर्ट

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सभी एसडीएम व तहसीलदार अपनी-अपनी तहसीलों में जलस्तर की स्वयं निगरानी करेंगे। प्रभावित गांवों में प्रतिदिन बाढ़ अवधि तक निरीक्षण करेंगे तथा आख्या प्रतिदिन आपदा कार्यालय एवं वाट्सएप 7524921390 पर उपलब्ध कराते रहेंगे। अपनी-अपनी तहसीलों में विशेषकर जलभराव वाले क्षेत्रों का खुद निरीक्षण करेंगे और जल निकासी की उचित व्यवस्था कराएंगे।

स्थापित बाढ शरणालयों में चिकित्सा विभाग, पशुपालन विभाग, राजस्व संबंधित व्यवस्था, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था आदि की ड्यूटी लगाकर अपने हस्ताक्षर से अवगत कराएंगे तथा यह सुनिश्चित करेगे कि ड्यूटी पर कार्यरत अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने बाढ शरणालय में ड्यूटी कर रहे हैं या नहीं।

संगम के पास कुछ इस तरह से दिख रहा है तीर्थ पुरोहित का तख्ता।

सिर्फ तीन तहसीलों से दी गई है रिपोर्ट

अभी तक तहसील हंडिया, मेजा व कोरांव तहसील से पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी गई है। बाकी तहसीलों से बाढ़ शरणालयों पर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे सूचना तैयार करते हुए कार्ययोजना को प्रकाशित किये जाने में देरी हो रही है।

निर्देशित किया गया है कि एसडीएम व तहसीलदार अपने-अपने स्तर से भारत सरकार द्वारा निर्मित आपदा से चेतावनियों के संबंध मे सचेत एप इन्स्टॉल करते हुए अपने स्तर से तहसीलों के समस्त आरके, /आरआई व लेखपाल के फोन में इन्स्टॉल कराया जाए तथा ग्राम प्रधान व ग्राम वासियों के फोन में इंस्टाल कराना तय करें।

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