डूंगरपुर में 100 तालाबों की सफाई का काम शुरू: बारिश से पहले होगा पूरा, ग्रामीणों और पशुओं को मिलेगा लाभ – Dungarpur News

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डूंगरपुर में 100 तालाबों की सफाई का काम शुरू:  बारिश से पहले होगा पूरा, ग्रामीणों और पशुओं को मिलेगा लाभ – Dungarpur News

डूंगरपुर में 100 तालाबों की सफाई का काम शुरू: बारिश से पहले होगा पूरा, ग्रामीणों और पशुओं को मिलेगा लाभ – Dungarpur News

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के प्रदेश समन्वयक केके गुप्ता के निर्देशन में जिले के 100 तालाबों का चयन किया गया है।

डूंगरपुर जिला प्रशासन ने बारिश के मौसम से पहले तालाबों के संरक्षण का बीड़ा उठाया है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के प्रदेश समन्वयक केके गुप्ता के निर्देशन में जिले के 100 तालाबों का चयन किया गया है।

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जिले की सभी 10 पंचायत समितियों में से प्रत्येक में 10 ग्राम पंचायतों के तालाबों को चुना गया है। इन तालाबों की सफाई और गहरीकरण का काम 16 मई से शुरू हुआ है। साथ ही तालाबों के बाधित जल आवक मार्गों को भी खोला जा रहा है।

डूंगरपुर जिला परिषद के सीईओ हनुमान सिंह राठौड़ के अनुसार, जल संरक्षण सभी का प्रथम दायित्व है। इस अभियान के तहत तालाबों की भराव क्षमता बढ़ाई जा रही है। तालाबों की साफ-सफाई की जा रही है। जल आवक मार्गों से अवरोध हटाए जा रहे हैं। डीसिल्टिंग का काम किया जा रहा है। तालाबों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। घाटों की मरम्मत और रंगाई-पुताई का काम भी किया जा रहा है। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्र के तालाबों में जल संचय को बढ़ाएगा। इससे ग्रामीणों और पशुओं को लाभ मिलेगा।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के प्रदेश समन्वयक ने दिया था सुझाव स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के प्रदेश समन्वयक केके गुप्ता ने डूंगरपुर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की बैठक में तालाबों के संरक्षण का सुझाव दिया था। शहर की प्राचीन बावड़ियों और परंपरागत पेयजल स्रोतों को एमजेएसए के तहत पुनर्जीवित किया था। लाखों लीटर पेयजल प्रतिदिन शहरवासियों के लिए उपलब्ध कराया गया था। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप एक बार फिर डूंगरपुर जिले में जल संचय का बीड़ा उठाया गया है। पहली बार ग्रामीण क्षेत्र के तालाबों का चयन किया गया है।

प्रदेश समन्वयक केके गुप्ता ने दोवड़ा ब्लाक में चयनित दोवड़ा, फलौज और पगारा पंचायत के मॉडल तालाब का निरीक्षण किया। गुप्ता ने अधिकारियों और कार्मिकों का हौसला बढ़ाया और कहा कि जल संचय के लिए बहाया जा रहा पसीना व्यर्थ नहीं जाएगा। जिलेभर की अवाम से अपील की है कि तालाबों की गहराई बढ़ाने और सौंदर्य स्थापित करने के लिए चलाई जा रही पवित्र मुहिम में एक दिन का श्रमदान करें। क्षमता अनुरूप तालाब की डिसिल्टिंग (मिट्टी निकालने) कार्य में हाथ बढ़ाएं। क्षेत्रीय लोगों ने भी प्रशासन के इस अभियान की तारीफ की है। तालाबों के संरक्षण होने से बारिश में तालाब लबालब होंगे और स्थानीय लोगों को इसका फायदा मिलेगा।

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