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झुंझुनूं गैंगवार में फाइनेंस ऑफिस संचालक भी शामिल: इसके जरिए ही श्रवण ने पिंटू को दी थी सुपारी; विवादित जमीन के पास रिंग रोड प्रस्तावित इसलिए गैंगवार – Sikar News

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झुंझुनूं गैंगवार में फाइनेंस ऑफिस संचालक भी शामिल:  इसके जरिए ही श्रवण ने पिंटू को दी थी सुपारी; विवादित जमीन के पास रिंग रोड प्रस्तावित इसलिए गैंगवार – Sikar News

झुंझुनूं गैंगवार में फाइनेंस ऑफिस संचालक भी शामिल: इसके जरिए ही श्रवण ने पिंटू को दी थी सुपारी; विवादित जमीन के पास रिंग रोड प्रस्तावित इसलिए गैंगवार – Sikar News

12 दिसंबर (शुक्रवार) को झुंझुनूं के गोठड़ा थाना इलाके में हुई गैंगवार के मामले में नया खुलासा हुआ है। रविंद्र कटेवा को मारने के लिए शूटर पिंटू और श्रवण भादवासी का मीडिएटर एक फाइनेंस ऑफिस का संचालक है। जो झुंझुनूं जिले में ही अपना ऑफिस संचालित कर रहा

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झुंझुनूं पुलिस ने गैंगवार में 14 दिसंबर को खुलासा किया था। तब पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद भी पुलिस लगातार आरोपियों की धरपकड़ कर रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मीडिएटर का नाम आसिफ है जो आरोपी पिंटू के गांव भींचरी का ही रहने वाला है। हालांकि अभी इस मामले में मुख्य आरोपियों में श्रवण भदवासी, शुभकरण सहित कई बदमाश फरार हैं। इन पर झुंझुनूं पुलिस ने इनाम भी घोषित कर दिया है।

श्रवण भादवासी और शुभकरण बाजिया पर 50-50 हजार रुपए का इनाम रखा गया है। इसके अलावा अनिल, मनोज, शुभकरण, अरविंद पर 25-25 हजार, मनीष पर 20, राहुल और सुरेश पर 15-15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस इन बदमाशों की तलाश में अब राजस्थान और अन्य कई राज्यों में दबिश दे रही है।

चार शूटर्स को दी रविंद्र कटेवा की सुपारी

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यह पूरा विवाद सीकर के दादिया थाना इलाके में स्थित 24 बीघा जमीन को लेकर है। इस जमीन के पास से रिंग रोड बनना प्रस्तावित है। ऐसे में वर्तमान में यहां पर जमीन की कीमत डेढ़ करोड़ रुपए प्रति बीघा है। इसी को लेकर श्रवण भादवासी और उसकी भाभी शारदा के बीच विवाद था। विवाद को देखते ही रविंद्र कटेवा ने इसमें शारदा का साथ दिया था। पहले श्रवण के साथी सुरेश पर जानलेवा हमला हुआ। जब कटेवा और उसके साथी गिरफ्तार हुए तब रविंद्र कटेवा ने श्रवण के साथ राजीनामा तो कर लिया लेकिन राजीनामे की शर्त पूरी नहीं की। इसी बात को लेकर श्रवण ने 50 लाख रुपए में रविंद्र कटेवा की सुपारी चार शूटर्स को दी।

झुंझुनूं में हुई गैंगवार के बाद सीकर पुलिस लगातार श्रवण भादवासी और उसके साथी बदमाशों के ठिकानों पर दबिश दे रही है।

शूटर पिंटू, राजेंद्र, कृष्णकांत और नंदू फौजी स्विफ्ट गाड़ी लेकर 12 दिसंबर की सुबह 9:15 से 9:45 बजे के बीच रविंद्र कटेवा के घर के बाहर पहुंचे। यहां पर उन्होंने कटेवा को करने के लिए फायरिंग की, लेकिन रविंद्र कटेवा नीचे झुक गया और बच गया। रविंद्र कटेवा के साथ मौजूद सुनील सुंडा ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान बदमाशों ने सुनील पर फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस को खेत में मिली थी कृष्कांत की लाश

इधर फायरिंग करने वाले शूटर भागने लगे तो कटेवा और उसके साथियों ने एक शूटर कृष्णकांत पर फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस को कृष्णकांत की लाश एक खेत में पड़ी मिली। अन्य दो शूटर राजेंद्र और पिंटू को पकड़कर लोगों ने पीटा। जबकि शूटर नंदू फौजी मौके से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने उसके ननिहाल राजलदेसर से पकड़ा था।

देसी नहीं, बेटर क्वालिटी की पिस्टल थी

गैंगवार में फायरिंग के लिए दोनों पक्षों ने जिन पिस्टल का यूज किया, वह कोई देसी पिस्टल नहीं होकर बेटर क्वालिटी की पिस्टल थी। झुंझुनूं पुलिस इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि आखिर पिस्टल बदमाशों तक कैसे पहुंची और सप्लाई करने वाला है।

रविंद्र कटेवा को मारने के लिए गए चारों शूटर पिंटू, राजेंद्र, कृष्णकांत और नंदू फौजी पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं। चारों आरोपी 50 लाख की सुपारी लेकर रविंद्र कटेवा को करने के लिए गए थे। इनमें से इन बदमाशों को केवल 5 लाख रुपए टोकन अमाउंट मिला था। इधर इस गैंगवार के पहले श्रवण भादवासी बड़े ही शातिर तरीके से फरार हो गया।

गैंगवार के बाद झुंझुनूं पुलिस रविंद्र कटेवा और उसके साथी बदमाशों के घर पर दबिश दे रही है।

विदेश नहीं जा सकते आरोपी

क्योंकि उसको पता था कि कटेवा का मर्डर करने के बाद जब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करेगी तो उसका नाम जरूर आएगा। ऐसे में पहले ही श्रवण भादवासी और उसके साथी फरार हो गए। हालांकि पुलिस का मानना है कि यह लोग विदेश नहीं जा सकते, क्योंकि इनके पासपोर्ट ही नहीं बने हैं। झुंझुनूं के अलावा सीकर पुलिस भी आरोपियों की तलाश कर रही है।

विवादित जमीनों पर कब्जा करती है कटेवा गैंग

इधर सीकर पुलिस ने गैंगवार के बाद रविंद्र कटेवा, सुनील पांड्या, शुभकरण बाजिया, पंकज रूलानिया, सुमित कुमार, अजय उर्फ अज्जू, अनिल, राहुल फगेड़िया, राजपाल और विकास कुमार के खिलाफ BNS की धारा 111 के तहत संगठित अपराध का मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब बदमाशों की अवैध संपत्ति जब्त होगी। इस संबंध में दादिया पुलिस थाने के ASI रोहिताश्व ने संगठित अपराध का मुकदमा दर्ज करवाया। जिसमें उन्होंने बताया कि कटेवा गैंग विवादित जमीनों पर कब्जा करने का काम करती है।

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राजस्थान के झुंझुनूं में हुई गैंगवार गैंगस्टर रविंद्र कटेवा को मारने के लिए की गई थी। उसकी किस्मत अच्छी थी कि वह बच गया। रविंद्र कटेवा शेखावाटी में जमीनों पर जबरन कब्जा, मारपीट, जानलेवा हमला जैसी वारदातों से जुड़ा हुआ है।​​​​​​​(पूरी खबर पढ़ें)

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झुंझुनूं में हुई गैंगवार को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसकी जड़ करोड़ों रुपए की जमीन का विवाद है। हालांकि, पुलिस ने अब तक कोई कारण नहीं बताया है।​​​​​​​(पूरी खबर पढ़ें)

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