जीआरपी का ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने को नया प्लान: रेल मित्र बनेंगे ग्रामीण, घटना दुर्घटना की तत्काल मिलेगी सूचना – Ayodhya News h3>
जिले में वंदे भारत एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक नई कार्ययोजना लागू की है। इस योजना के तहत, संबंधित अधिकारियों को 12 बिंदुओं पर आधारित एक विस्तृत प्रोफार्मा भरना अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों की सटीक पहचान कर प्रभावी निगरानी और रोकथाम सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था के अंतर्गत, जीआरपी रेल पटरी के किनारे बसे गांवों का विस्तृत नक्शा तैयार करेगी। इन क्षेत्रों में ‘रेल मित्र’ भी बनाए जाएंगे, जो स्थानीय स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने में सहयोग करेंगे। इन रेल मित्रों के माध्यम से ग्रामीणों को रेलवे सुरक्षा से जोड़ा जाएगा, जिससे सूचना तंत्र को मजबूत किया जा सके। प्रोफार्मा में क्षेत्रीय थाना प्रभारी, उपनिरीक्षक, बीट सिपाही, लेखपाल, चौकीदार, ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी, सभासद, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहू कार्यकर्ता और पंचायत मित्र के नाम, पते और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएंगे। यह कदम हर स्तर पर जिम्मेदारी तय करेगा और त्वरित कार्रवाई में सहायक होगा। गांवों के भ्रमण के दौरान जनसंख्या से संबंधित जानकारी भी एकत्र की जाएगी, जिसमें हिंदू और मुस्लिम आबादी का अलग-अलग विवरण शामिल होगा। जीआरपी यह भी दर्ज करेगी कि रेल पटरी के आसपास कितने लोग सक्रिय रूप से मोबाइल फोन का उपयोग करते हैं। इसका उद्देश्य डिजिटल माध्यम से सूचना तंत्र को मजबूत करना और व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अलर्ट सिस्टम विकसित करना है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से, यह भी जांचा जाएगा कि रेल ट्रैक के किनारे किन-किन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। जिन क्षेत्रों में कैमरे नहीं हैं, वहां स्थानीय प्रशासन के सहयोग से निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई जाएगी। साथ ही, संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त गश्त भी बढ़ाई जाएगी। जीआरपी कैंट अयोध्या के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि सभी विवरण भरकर भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समन्वित प्रयास से न केवल पत्थरबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि स्थानीय लोगों की भागीदारी से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। जीआरपी का मानना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान जनसहयोग से ही संभव है।
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