जालौन में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा: कई ट्रेनें देरी से चल रहीं, कुछ रद्द – Jalaun News h3>
अनुज कौशिक | जालौन18 मिनट पहले
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जालौन जनपद में ठंड का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह और रात के समय कोहरा इतना घना हो रहा है कि सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रह जा रही है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से भी विभिन्न स्थानों पर अलाव जलवाकर लोगों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
ठंड और कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर देखने को मिल रहा है। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार थम गई है और कई ट्रेनों को रद्द अथवा डायवर्ट करना पड़ा है। झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को लगातार दूसरे दिन भी रद्द कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा लखनऊ एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22121) अपने निर्धारित समय से लगभग एक घंटे की देरी से चल रही है, जबकि 15030 गोरखपुर वीकली सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब 35 मिनट की देरी से संचालित हो रही है। कैथर स्पेशल एक्सप्रेस (09189) का रूट वीना से डायवर्ट किया गया है।
वहीं लखनऊ से उरई होते हुए जाने वाली मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20104) करीब साढ़े चार घंटे की देरी से चल रही है।
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घने कोहरे के चलते 04137 ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। बरौनी से ग्वालियर जाने वाली 11124 ट्रेन का रूट कानपुर से इटावा होते हुए डायवर्ट किया गया है।
तीन तस्वीरों में देखिए कोहरा और ठंड…
जबकि पहले यह ट्रेन उरई से झांसी के रास्ते ग्वालियर जाती थी। इसके अलावा 07076 हैदराबाद स्पेशल ट्रेन को भी रद्द कर दिया गया है।लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन और रेलवे विभाग द्वारा यात्रियों से सतर्कता बरतने और यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की जा रही है। ठंड और कोहरे का यह दौर फिलहाल जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों, चौराहों और बाजारों में अलाव की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पशुओं को भी ठंड से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गौशालाओं में गायों और अन्य पशुओं के लिए हीटर लगाए गए हैं और अलाव जलाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें ठंड के कारण किसी प्रकार की परेशानी न हो। गौशालाओं में कर्मचारियों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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अनुज कौशिक | जालौन18 मिनट पहले
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जालौन जनपद में ठंड का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह और रात के समय कोहरा इतना घना हो रहा है कि सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रह जा रही है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से भी विभिन्न स्थानों पर अलाव जलवाकर लोगों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
ठंड और कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर देखने को मिल रहा है। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार थम गई है और कई ट्रेनों को रद्द अथवा डायवर्ट करना पड़ा है। झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को लगातार दूसरे दिन भी रद्द कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा लखनऊ एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22121) अपने निर्धारित समय से लगभग एक घंटे की देरी से चल रही है, जबकि 15030 गोरखपुर वीकली सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब 35 मिनट की देरी से संचालित हो रही है। कैथर स्पेशल एक्सप्रेस (09189) का रूट वीना से डायवर्ट किया गया है।
वहीं लखनऊ से उरई होते हुए जाने वाली मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20104) करीब साढ़े चार घंटे की देरी से चल रही है।
घने कोहरे के चलते 04137 ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। बरौनी से ग्वालियर जाने वाली 11124 ट्रेन का रूट कानपुर से इटावा होते हुए डायवर्ट किया गया है।
तीन तस्वीरों में देखिए कोहरा और ठंड…
जबकि पहले यह ट्रेन उरई से झांसी के रास्ते ग्वालियर जाती थी। इसके अलावा 07076 हैदराबाद स्पेशल ट्रेन को भी रद्द कर दिया गया है।लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन और रेलवे विभाग द्वारा यात्रियों से सतर्कता बरतने और यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की जा रही है। ठंड और कोहरे का यह दौर फिलहाल जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों, चौराहों और बाजारों में अलाव की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पशुओं को भी ठंड से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गौशालाओं में गायों और अन्य पशुओं के लिए हीटर लगाए गए हैं और अलाव जलाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें ठंड के कारण किसी प्रकार की परेशानी न हो। गौशालाओं में कर्मचारियों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
