‘जाति देखकर की गई रवि की एनकाउंटर’: जौनपुर में परिजन बोले- अन्य आरोपियों को क्यों छोड़ा; गांव में पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात – Shahganj News h3>
औरंगजेब खान | जौनपुर24 मिनट पहले
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जौनपुर में शादी वाले दिन दूल्हे की हत्या के आरोपी और एक लाख के इनामी बदमाश रवि यादव (28) को पुलिस ने सोमवार को मुठभेड़ में मार गिराया। जब रवि की मौत की सूचना उसके परिवार मिली तो चीख-पुकार मच गई। उसका बड़ा भाई दीपक बदहवास होकर घर पहुंचा, जबकि आसपास के ग्रामीण भी शोक संतप्त परिवार को संभालने जुटे।
फिलहाल पोस्टमॉर्टम के बाद रवि के शव को मंगलवार को परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में रवि का अंतिम संस्कार किया गया। रवि के पिता ने उसको मुखाग्नि दी।
चार भाई-बहनों में सबसे छोटा रवि कभी अपने माता-पिता की उम्मीदों का केंद्र और सबका लाडला था। उसके पिता कमलेश यादव गांव में किराने की दुकान चलाते थे और फिलहाल जेल में बंद हैं। मां अमरावती देवी गृहिणी हैं, जबकि दूसरा भाई कुलदीप और बहन वंदना पढ़ाई कर रहे हैं। बड़ा भाई दीपक सहज जनसेवा केंद्र चलाता है।
रवि के मारे जाने के बाद गांव में तनाव का माहौल देखते हुए एहतियात भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। गांव के प्रमुख रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्रशासन पर जाति के आधार पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। रवि यादव के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर गम्भीर आरोप लगाए हैं।
देखें 2 विजुअल
अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों से निष्पक्ष जांच की मांग करती रवि के घर की महिलाएं।
रवि के गांव में तैनात पुलिस कर्मी और पीएसी के जवानों ने पैदल मार्च किया।
अन्य आरोपियों पर भी समान कार्रवाई हो
परिजनों का कहना है कि रवि को जाति देखकर निशाना बनाया गया। यदि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई की है तो इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों पर भी समान कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस जिन फोटो, वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की बात कर रही है, उन्हें सार्वजनिक करे। सबूत सामने आने के बाद ही माना जाएगा की निष्पक्ष कार्रवाई हुई है।
गलत संगत से अपराध जगत में रखा पैर
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि रवि ने हाईस्कूल तक की पढ़ाई सिद्दीकपुर और इंटरमीडिएट सफीपुर से की थी। किशोरावस्था में गलत संगत में पड़ने के कारण वह अपराध की दुनिया में चला गया। वह कम बोलता था और अक्सर गांव से बाहर रहता था। पिछले तीन-चार वर्षों से मारपीट और अन्य आपराधिक मामलों में उसका नाम आने लगा था, जिसके चलते वह जेल भी जा चुका था।
परिजनों द्वारा उसकी शुरुआती छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज करना भारी पड़ा। अपराध की चमक-दमक के दलदल में धंसकर वह एक लाख का इनामी अपराधी बन गया। जिस बेटे को परिवार ने बड़े अरमानों और सपनों के साथ पाला था, अपराध के रास्ते पर जाकर उसका ऐसा खौफनाक अंत होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था।
आगे की जांच और वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है। मामले में नियमानुसार आगे की जांच और वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है।
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औरंगजेब खान | जौनपुर24 मिनट पहले
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जौनपुर में शादी वाले दिन दूल्हे की हत्या के आरोपी और एक लाख के इनामी बदमाश रवि यादव (28) को पुलिस ने सोमवार को मुठभेड़ में मार गिराया। जब रवि की मौत की सूचना उसके परिवार मिली तो चीख-पुकार मच गई। उसका बड़ा भाई दीपक बदहवास होकर घर पहुंचा, जबकि आसपास के ग्रामीण भी शोक संतप्त परिवार को संभालने जुटे।
फिलहाल पोस्टमॉर्टम के बाद रवि के शव को मंगलवार को परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में रवि का अंतिम संस्कार किया गया। रवि के पिता ने उसको मुखाग्नि दी।
चार भाई-बहनों में सबसे छोटा रवि कभी अपने माता-पिता की उम्मीदों का केंद्र और सबका लाडला था। उसके पिता कमलेश यादव गांव में किराने की दुकान चलाते थे और फिलहाल जेल में बंद हैं। मां अमरावती देवी गृहिणी हैं, जबकि दूसरा भाई कुलदीप और बहन वंदना पढ़ाई कर रहे हैं। बड़ा भाई दीपक सहज जनसेवा केंद्र चलाता है।
रवि के मारे जाने के बाद गांव में तनाव का माहौल देखते हुए एहतियात भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। गांव के प्रमुख रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्रशासन पर जाति के आधार पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। रवि यादव के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर गम्भीर आरोप लगाए हैं।
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अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों से निष्पक्ष जांच की मांग करती रवि के घर की महिलाएं।
रवि के गांव में तैनात पुलिस कर्मी और पीएसी के जवानों ने पैदल मार्च किया।
अन्य आरोपियों पर भी समान कार्रवाई हो
परिजनों का कहना है कि रवि को जाति देखकर निशाना बनाया गया। यदि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई की है तो इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों पर भी समान कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस जिन फोटो, वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की बात कर रही है, उन्हें सार्वजनिक करे। सबूत सामने आने के बाद ही माना जाएगा की निष्पक्ष कार्रवाई हुई है।
गलत संगत से अपराध जगत में रखा पैर
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि रवि ने हाईस्कूल तक की पढ़ाई सिद्दीकपुर और इंटरमीडिएट सफीपुर से की थी। किशोरावस्था में गलत संगत में पड़ने के कारण वह अपराध की दुनिया में चला गया। वह कम बोलता था और अक्सर गांव से बाहर रहता था। पिछले तीन-चार वर्षों से मारपीट और अन्य आपराधिक मामलों में उसका नाम आने लगा था, जिसके चलते वह जेल भी जा चुका था।
परिजनों द्वारा उसकी शुरुआती छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज करना भारी पड़ा। अपराध की चमक-दमक के दलदल में धंसकर वह एक लाख का इनामी अपराधी बन गया। जिस बेटे को परिवार ने बड़े अरमानों और सपनों के साथ पाला था, अपराध के रास्ते पर जाकर उसका ऐसा खौफनाक अंत होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था।
आगे की जांच और वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है। मामले में नियमानुसार आगे की जांच और वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है।
