Advertising
<

जयपुर में एक साल रहा था आतंकी ‘खरगोश’: सी-स्कीम में नौकरी, जयसिंहपुराखोर में रहकर संवेदनशील इलाकों की रेकी की, 4 लोगों ने की मदद – Rajasthan News

3
जयपुर में एक साल रहा था आतंकी ‘खरगोश’:  सी-स्कीम में नौकरी, जयसिंहपुराखोर में रहकर संवेदनशील इलाकों की रेकी की, 4 लोगों ने की मदद – Rajasthan News

जयपुर में एक साल रहा था आतंकी ‘खरगोश’: सी-स्कीम में नौकरी, जयसिंहपुराखोर में रहकर संवेदनशील इलाकों की रेकी की, 4 लोगों ने की मदद – Rajasthan News

लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ एक या दो दिन नहीं, बल्कि 1 साल साल तक जयपुर में रहा। यही नहीं उसने जयपुर के सी-स्कीम में नौकरी करते हुए कई इलाकों में रेकी की।

.

फर्जी दस्तावेज बनाकर देश से फरार हो गया। इसमें 4 लोगों ने उसकी मदद की। एटीएस सूत्रों के अनुसार, इस मामले की भनक लगने के बाद कई लोगों से पूछताछ की गई है। कई लोग एटीएस की रडार पर हैं।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

लश्कर का आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ 2012 में घुसपैठ कर भारत आया था।

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश को लेकर लगातार खुलासे हो रहे हैं। पहले सामने आया कि उसने जयपुर में निकाह किया था और फिर फर्जी दस्तावेज बनाकर देश से फरार हो गया।

Advertising

अब एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। आतंकी उमर हारिस एक साल तक जयपुर में रहा। एटीएस सूत्रों के अनुसार, साल 2023 में आतंकी खरगोश नूंह-मेवात से जयपुर आया था और अगस्त 2024 तक जयपुर में रहा।

इस दौरान खरगोश ने स्थानीय लोगों से जान-पहचान बढ़ाई। इसी जान-पहचान के आधार पर उसने सी-स्कीम स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग कंपनी में नौकरी हासिल कर ली। जयसिंहपुराखोर इलाके में किराए के मकान में भी रहने लग गया।

स्थानीय लोगों से इतना घुल-मिल गया कि किरायानामा भी बना लिया। धीरे-धीरे अन्य दस्तावेज बनाकर फर्जी पासपोर्ट भी बनवा लिया।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

चार लोगों ने की थी आतंकी की मदद अब तक की जांच में सामने आया कि जयपुर में 4 लोगों ने आतंकी की मदद की थी। इनमें एक शख्स ने सी-स्कीम में नौकरी लगवाई तो दूसरे ने किरायानामा बनवाने में मदद की है। तीसरे ने फर्जी पासपोर्ट बनवाया। चौथे शख्स ने आतंकी खरगोश को जयपुर, नेपाल, यूपी और अन्य जगहों पर घुमाया था।

बताया जा रहा है कि आतंकी की मदद करने वाले चारों लोग नूंह-मेवात के हैं और काफी सालों से जयपुर में रह रहे हैं। इन चारों लोगों से राजस्थान एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी पूछताछ की है। फिलहाल इनका सीधा कनेक्शन नहीं मिला है, लेकिन इन चारों लोगों के साथ अन्य कई लोग एटीएस की निगरानी में हैं।

साल 2012 में हुआ था सक्रिय आतंकी उमर हारिस ने कुछ साल पहले जयपुर में शादी कर स्थानीय पहचान हासिल की और उसी आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर देश से फरार हो गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, उमर हारिस साल 2012 के आसपास पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर सक्रिय हुआ था।

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब श्रीनगर पुलिस ने लश्कर के एक अंतरराज्यीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया।

ये खबर भी पढ़ें…

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ने जयपुर में निकाह किया था:फेक पासपोर्ट बनवाकर देश से भागा, अब सऊदी अरब में छिपे होने की आशंका

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ ने पहचान बदलकर जयपुर में निकाह किया था। निकाह के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाए। इन डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट बनवाया। फिर देश से भाग निकला। (पढ़ें पूरी खबर)

राजस्थान की और समाचार देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Rajasthan News