घाटमपुर पावर प्लांट में मजदूर की मौत पर हंगामा: SDM ने परिजन को समझाया, 3.50 की आर्थिक मदद 13 लाख बीमा से दिलाने का आश्वासन – Kanpur News h3>
हिमांशु तिवारी | कानपुर7 मिनट पहले
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कानपुर के घाटमपुर पावर प्लांट में मजदूर की मौत के बाद परिजनों ने मंगलवार को छह घंटे तक हंगामा किया। एसडीएम और एसीपी के समझाने पर परिजन ठेकेदार से 3.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और 13 लाख रुपये बीमा से दिलाने के आश्वासन पर सहमत हुए।
यह हादसा सोमवार को यमुना तटवर्ती स्थित नेयवेली पावर प्लांट में हुआ था। रेलवे साइडिंग पर कोयला खाली करने वाली वैगन ट्रिपलर मशीन में 400 किलोग्राम वजनी हाइड्रोलिक सिलिंडर लगाया जा रहा था। 10 फीट की ऊंचाई पर अस्थायी लोहे के स्ट्रक्चर (पाड़) पर रखकर फिटिंग के दौरान पाड़ ढह गया और सिलिंडर नीचे गिर गया था। सिलिंडर की चपेट में आने से फतेहपुर निवासी टेक्नीशियन नंदकिशोर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, रायबरेली के शिवसागर और फतेहपुर के शिवचंद व सत्यप्रकाश घायल हो गए। शिवसागर को हमीरपुर जिला अस्पताल से कानपुर के एलएलआर अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है। मंगलवार दोपहर परिजन पावर प्लांट गेट पर पहुंचे और अधिकारियों से बात करने की मांग पर अड़ गए। CISF ने उन्हें अंदर जाने से रोका तो उन्होंने गेट के पास बबूल डालकर यातायात बाधित कर दिया।
सूचना मिलने पर घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह और एसीपी कृष्णकांत यादव सर्किल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने गेस्ट हाउस में परिजनों और पावर प्लांट के अधिकारियों के बीच बातचीत कराई। ठेकेदार ने मृतक के परिजनों को 3.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और बीमा कंपनी से 13 लाख रुपये दिलाने का आश्वासन दिया। इस समझौते के बाद परिजन माने और हमीरपुर पोस्टमार्टम हाउस से शव लेकर फतेहपुर के लिए रवाना हुए। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि कंपनी और मजदूर के परिजनों के बीच आपसी समझौता हो गया है।
कर्मचारियों के आरोप, बिना सेफ्टी के दस महीने से कर रहे काम
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घायल कर्मचारी रायबरेली के शिवसागर, फतेहपुर के शिवचंद और सत्यप्रकाश का आरोप है, कि सिलिंडर को मशीन के बजाय जुगाड़ से लगाया जा रहा था। घायल और मृतक सभी मजदूर बीजीआर कंपनी में कार्यरत थे। आरोप लगाया कि पिछले 10महीनों से उन्हें सेफ्टी शूज़ और हेलमेट नहीं दिए गए हैं।
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हिमांशु तिवारी | कानपुर7 मिनट पहले
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कानपुर के घाटमपुर पावर प्लांट में मजदूर की मौत के बाद परिजनों ने मंगलवार को छह घंटे तक हंगामा किया। एसडीएम और एसीपी के समझाने पर परिजन ठेकेदार से 3.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और 13 लाख रुपये बीमा से दिलाने के आश्वासन पर सहमत हुए।
यह हादसा सोमवार को यमुना तटवर्ती स्थित नेयवेली पावर प्लांट में हुआ था। रेलवे साइडिंग पर कोयला खाली करने वाली वैगन ट्रिपलर मशीन में 400 किलोग्राम वजनी हाइड्रोलिक सिलिंडर लगाया जा रहा था। 10 फीट की ऊंचाई पर अस्थायी लोहे के स्ट्रक्चर (पाड़) पर रखकर फिटिंग के दौरान पाड़ ढह गया और सिलिंडर नीचे गिर गया था। सिलिंडर की चपेट में आने से फतेहपुर निवासी टेक्नीशियन नंदकिशोर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, रायबरेली के शिवसागर और फतेहपुर के शिवचंद व सत्यप्रकाश घायल हो गए। शिवसागर को हमीरपुर जिला अस्पताल से कानपुर के एलएलआर अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है। मंगलवार दोपहर परिजन पावर प्लांट गेट पर पहुंचे और अधिकारियों से बात करने की मांग पर अड़ गए। CISF ने उन्हें अंदर जाने से रोका तो उन्होंने गेट के पास बबूल डालकर यातायात बाधित कर दिया।
सूचना मिलने पर घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह और एसीपी कृष्णकांत यादव सर्किल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने गेस्ट हाउस में परिजनों और पावर प्लांट के अधिकारियों के बीच बातचीत कराई। ठेकेदार ने मृतक के परिजनों को 3.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और बीमा कंपनी से 13 लाख रुपये दिलाने का आश्वासन दिया। इस समझौते के बाद परिजन माने और हमीरपुर पोस्टमार्टम हाउस से शव लेकर फतेहपुर के लिए रवाना हुए। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि कंपनी और मजदूर के परिजनों के बीच आपसी समझौता हो गया है।
कर्मचारियों के आरोप, बिना सेफ्टी के दस महीने से कर रहे काम
घायल कर्मचारी रायबरेली के शिवसागर, फतेहपुर के शिवचंद और सत्यप्रकाश का आरोप है, कि सिलिंडर को मशीन के बजाय जुगाड़ से लगाया जा रहा था। घायल और मृतक सभी मजदूर बीजीआर कंपनी में कार्यरत थे। आरोप लगाया कि पिछले 10महीनों से उन्हें सेफ्टी शूज़ और हेलमेट नहीं दिए गए हैं।
