गैंगस्टर एक्ट के तीन दोषियों को सजा: चित्रकूट कोर्ट ने 5-5 साल की सजा सुनाई, 30 हजार जुर्माना लगाया – Chitrakoot News

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गैंगस्टर एक्ट के तीन दोषियों को सजा:  चित्रकूट कोर्ट ने 5-5 साल की सजा सुनाई, 30 हजार जुर्माना लगाया – Chitrakoot News

गैंगस्टर एक्ट के तीन दोषियों को सजा: चित्रकूट कोर्ट ने 5-5 साल की सजा सुनाई, 30 हजार जुर्माना लगाया – Chitrakoot News


चित्रकूट पुलिस को ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास और कुल 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले से पुलिस महकमे में संतोष का माहौल है। यह मामला वर्ष 2018 में मानिकपुर थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और न्यायालय में मजबूत पैरवी के कारण यह सजा सुनिश्चित हो सकी है। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत लंबित मामलों में तेजी से सुनवाई कराकर दोषियों को सजा दिलाने का अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक चित्रकूट अरुण कुमार सिंह के मार्गदर्शन में, प्रभारी निरीक्षक मानिकपुर अजीत कुमार पाण्डेय, पैरोकार मुख्य आरक्षी अजय कुमार और मॉनिटरिंग सेल प्रभारी प्रभुनाथ यादव की टीम ने इस मामले की लगातार निगरानी की। वहीं, वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संगीता सिंह ने न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा और सशक्त बहस की। दोषियों को सजा दिलाने के प्रयास जारी माननीय एएसजे/एफटीसी न्यू (डकैती कोर्ट) के न्यायाधीश राममणि पाठक ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने ब्रिजेन्द्र आरख पुत्र फूलचन्द्र आरख (निवासी सरैया, थाना मानिकपुर), ओमप्रकाश उर्फ मुन्ना पुत्र श्यामलाल आरख (निवासी गणेशपुर कटरी डेढ़ावल, थाना पश्चिम शरीरा, जनपद कौशाम्बी) और नन्द किशोर उर्फ ननका पुत्र बोड़ीलाल आरख (निवासी कटरी हेणहावड़, थाना पश्चिम शरीरा, जनपद कौशाम्बी) को दोषी पाया। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को गैंगस्टर एक्ट के तहत पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के माध्यम से गंभीर मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। इस न्यायिक फैसले को कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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