गाजीपुर में जनशिकायतों के समाधान के लिए नई पहल: डीएम ने की सभी तहसीलों में IGRS फीडबैक सेल की स्थापना – Ghazipur News h3>
कृपा कृष्ण ‘केके’ | गाजीपुर21 मिनट पहले
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गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जनता की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए एक नई पहल की है। उन्होंने जनपद की सभी तहसीलों में आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस एंड रिड्रेसल सिस्टम) फीडबैक सेल की स्थापना की है।
इस व्यवस्था में लेखपाल को दी गई शिकायतों का समाधान 7 दिन में अनिवार्य रूप से और अधिकतम 10 दिन में करना होगा। 7 दिन से अधिक समय तक लंबित शिकायतों की सूची प्रतिदिन आर.आई.-लेखपाल व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की जाएगी।
फीडबैक सेल शिकायतों के निस्तारण की जांच करेगा। यदि निस्तारण मानकों के अनुरूप नहीं होगा, तो मामला पुनः जांच के लिए लेखपाल को भेजा जाएगा। विशेष महत्व की शिकायतों (पी1) का तीन स्तरीय फीडबैक लिया जाएगा। राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार के बाद उपजिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद ही इन्हें पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
तहसीलदारों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और ऑनलाइन मामलों में 100%�फीडबैक लेना होगा। अन्य शिकायतों में कम से कम 20%�रैंडम फीडबैक लेकर टिप्पणी सहित अनुमोदन करना होगा। त्रुटिपूर्ण निस्तारण की स्थिति में शिकायत 5 दिन में सुधार के लिए वापस भेजी जाएगी।
जून 2025 में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के राजस्व विभाग से संबंधित फीडबैक में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। जनपद में शिकायत निस्तारण में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 60 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने संतोषजनक समाधान की पुष्टि की है।
तहसीलवार संतुष्टि के आंकड़ों में सेवराई और सैदपुर अग्रणी रहे। सेवराई में 80.95 प्रतिशत और सैदपुर में 80.83 प्रतिशत लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कासिमाबाद में 67.24 प्रतिशत, मुहम्मदाबाद में 54.43 प्रतिशत और सदर में 50 प्रतिशत लोग संतुष्ट रहे। जमानिया में 38.89 प्रतिशत और जखनिया में 26.76 प्रतिशत संतुष्टि दर्ज की गई।
प्रशासन जखनियां और जमानियां तहसील में कम फीडबैक प्रतिशत में जुलाई माह तक सुधार का लक्ष्य रखा है। फीडबैक सेल के माध्यम से जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने का प्रयास जारी है।
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कृपा कृष्ण ‘केके’ | गाजीपुर21 मिनट पहले
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गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जनता की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए एक नई पहल की है। उन्होंने जनपद की सभी तहसीलों में आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस एंड रिड्रेसल सिस्टम) फीडबैक सेल की स्थापना की है।
इस व्यवस्था में लेखपाल को दी गई शिकायतों का समाधान 7 दिन में अनिवार्य रूप से और अधिकतम 10 दिन में करना होगा। 7 दिन से अधिक समय तक लंबित शिकायतों की सूची प्रतिदिन आर.आई.-लेखपाल व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की जाएगी।
फीडबैक सेल शिकायतों के निस्तारण की जांच करेगा। यदि निस्तारण मानकों के अनुरूप नहीं होगा, तो मामला पुनः जांच के लिए लेखपाल को भेजा जाएगा। विशेष महत्व की शिकायतों (पी1) का तीन स्तरीय फीडबैक लिया जाएगा। राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार के बाद उपजिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद ही इन्हें पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
तहसीलदारों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और ऑनलाइन मामलों में 100%�फीडबैक लेना होगा। अन्य शिकायतों में कम से कम 20%�रैंडम फीडबैक लेकर टिप्पणी सहित अनुमोदन करना होगा। त्रुटिपूर्ण निस्तारण की स्थिति में शिकायत 5 दिन में सुधार के लिए वापस भेजी जाएगी।
जून 2025 में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के राजस्व विभाग से संबंधित फीडबैक में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। जनपद में शिकायत निस्तारण में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 60 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने संतोषजनक समाधान की पुष्टि की है।
तहसीलवार संतुष्टि के आंकड़ों में सेवराई और सैदपुर अग्रणी रहे। सेवराई में 80.95 प्रतिशत और सैदपुर में 80.83 प्रतिशत लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कासिमाबाद में 67.24 प्रतिशत, मुहम्मदाबाद में 54.43 प्रतिशत और सदर में 50 प्रतिशत लोग संतुष्ट रहे। जमानिया में 38.89 प्रतिशत और जखनिया में 26.76 प्रतिशत संतुष्टि दर्ज की गई।
प्रशासन जखनियां और जमानियां तहसील में कम फीडबैक प्रतिशत में जुलाई माह तक सुधार का लक्ष्य रखा है। फीडबैक सेल के माध्यम से जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने का प्रयास जारी है।
