गांधी ग्राउंड पर पॉप और फ्यूजन बैंड ने मचाई धूम: उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल, जिप्सी संगीत ने भी सबको बांध लिया – Udaipur News h3>
झीलों की नगरी में शनिवार की शाम गांधी ग्राउंड पर भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय संगीत के संगीत के साथ सुरमयी संगीत के उदयपुर वाले गवाह बने। रात को गीतों के साथ यहां आए संगीतप्रेमियों ने भी गुनगुनाते हुए खुद मजा लिया।
.
वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल में दर्शकों को विश्व की विभिन्न संगीत परंपराएं और प्रस्तुतियों से रूबरू कराया गया। हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड और राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग के सहयोग और सहर द्वारा परिकल्पित महोत्सव में गांधी ग्राउण्ड के सजीले मंच पर विश्व संगीत की जानी मानी हस्तियों ने ऐसी जुगलबंदी साधी कि संगीत रसिक आम और खास बार बार सुर समुदंर में डुबते तैरते रहे।
उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल में इस बैंड ने भी धूम मचाई
सारंगी ऑर्केस्ट्रा ने पारंपरिक धुनों के साथ शुरुआत की, उसके बाद कुटले खान ने लयबद्ध राजस्थानी लोक कला के अपने सुरो को बुलंद किया तो समृद्ध भारतीय सांस्कृतिक विरासत जीवंत हो उठा। रियूनियन आइलैण्ड के ज़िसकासन ने अफ्रीकी, एशियाई और यूरोपीय ध्वनियों को मिलाते हुए क्रियोल प्रभावों को प्रस्तुत किया।
रात के सबसे बहुप्रतीक्षित कलाकारों की प्रस्तुति में से एक यूफोरिया ने दर्शकों को उनके हिंदी रॉक एंथम के साथ गाने पर मजबूर कर दिया। दूसरे दिन के कार्यक्रम का समापन हंगरी के रोमानो ड्रोम के साथ हुआ, जिनके ऊर्जावान जिप्सी संगीत ने भारतीय और आधुनिक शैलियों को एक साथ लाकर शाम को एक शानदार अंदाज में समाप्त किया जिसका दर्शको ने तालियों के साथ खूब साथ दिया।
गांधी ग्राउंड में रात को प्रस्तुतियां देते हुए
सहर के संस्थापक-निदेशक श्री संजीव भार्गव ने कहा कि, इस उत्सव की योजना बनाने में एक वर्ष का समय लगता है, जिसमें हर विवरण पर सावधानीपूर्वक विचार किया जाता है ताकि हम हर साल दर्शकों के लिए एक अनूठा अनुभव बना सकें। हिन्दुस्तान ज़िंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा ने कहा कि, “यह उत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और समुदाय के साथ जुड़ाव बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इससे पहले सुबह की शुरुआत सिटी पैलेस और जग मंदिर के सामने मांजी का घाट से हुई, जहां दर्शकों ने ऋत्विक राजा के भावपूर्ण कार्नेटिक संगीत के साथ शांतिपूर्ण शुरुआत का आनंद लिया। इसके बाद ईरान के डेलगोचा एन्सेम्बल ने दर्शकों को रैडिफ परंपरा के माध्यम से फारसी शास्त्रीय संगीत से परिचित कराया। दोपहर में फतहसागर पाल में शांत पानी की लहरों और आरामदायक वातावरण में संगीतकारों ने सुबह की ताजगी और गुनगुनी धूप को श्रोताओं के दिल में उतारा।
उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल में शामिल शहरवासी और टूरिस्ट
फतहसागर पर चिज़ाई ने पॉप और फंक के अपने फ्यूजन से वहां मौजूद संगीत प्रेमियों का मनोरंजन किया, जबकि अली डोगन गोनुलतास और उनके कलाकारों ने कुर्दिस्तान और तुर्की की लोक परंपराओं को जीवंत कर दिया। सत्र का समापन कर्ष काले और पीटर टेगनर के साथ हुआ, जिन्होंने अद्वितीय साउंडस्केप के लिए इलेक्ट्रॉनिक और ध्वनिक संगीत का फ्यूजन किया।
