गयाजी के दो मुखिया को PMO ने दिल्ली बुलाया: 15 अगस्त समारोह में दोनों होंगे विशिष्ट अतिथि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी मुलाकात – Gaya News h3>
बिहार के गया जिले की गरारी पंचायत की मुखिया पूजा कुमारी, टेकारी प्रखंड के सांडा पंचायत के मुखिया रामजी शर्मा को 15 अगस्त के मौके पर PMO की ओर से विशिष्ट अतिथि के रूप में दिल्ली बुलाया गया है। दोनों जनसेवकों को प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनके बेहतर काम
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पूजा ने साल 2021 में 20 साल की उम्र में पहली बार चुनाव जीती थीं। इसके बाद पूजा की सदस्यता उम्र विवाद के चलते रद्द हो गई थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2023 के उपचुनाव में दोबारा मैदान में उतरीं और फिर ऐतिहासिक जीत हासिल की।
सबसे पहले बात गया जिले की गरारी पंचायत की मुखिया पूजा कुमारी की।
पूजा की पंचायत को ‘मॉडल वूमेन फ्रेंडली पंचायत’ का दर्जा मिला है। उन्होंने पंचायत में महिला ग्राम सभा की शुरुआत की जो गया जिले की 320 पंचायतों में पहली थी। इस पहल से महिलाओं की भागीदारी बढ़ी, समस्याएं खुलकर सामने आईं और उनका बहुत हद तक समाधान हुआ।
पूजा कुमारी बिहार की सबसे युवा और दो बार की मुखिया हैं।
पूजा की कहानी सिर्फ चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है। वे एक पढ़ी-लिखी, जागरूक और समाज के लिए समर्पित प्रतिनिधि हैं। वे बताती हैं कि शुरुआत में जब उन्होंने चुनाव लड़ने की बात की तो लोगों ने मजाक उड़ाया। नई नवेली बहू के रूप में जब वे घर-घर वोट मांगने निकलीं तो कई लोगों ने ताने मारे, कहा कि पर्दे में रहने वाली लड़की क्या मुखिया बनेगी? लेकिन परिवार और खासकर महिलाओं का साथ मिला और उन्होंने 800 वोटों से जीत दर्ज की।
2023 में 7500 वोटों से जीत हासिल की
2023 में उपचुनाव में उन्होंने 7500 वोटों से फिर बाजी मारी। अब उनकी छवि केवल एक मुखिया की नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज में बदलाव लाने वाली नेता के रूप में बनी है।
पूजा की शादी 2019 में सुनील कुमार से हुई।। ससुराल का माहौल सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा है। उनके पति, ससुर और दादा ससुर तीनों ने कभी न कभी पंचायत चुनाव लड़ा था लेकिन जीत नहीं सके थे। पूजा ने बहू बनकर वह सपना पूरा किया जिसे तीन पीढ़ियों से परिवार देखता आ रहा था।
पूजा कहती हैं कि उन्होंने गांव की महिलाओं से बातचीत की, उनकी समस्याएं जानीं और महसूस किया कि इन्हें आवाज देने के लिए कोई चाहिए। वहीं से समाज सेवा की राह शुरू हुई। वे महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ रही हैं। योजना का लाभ दिला रही हैं और स्वास्थ्य तक के मुद्दों पर जागरूकता फैला रही हैं।
पूजा कुमारी ने दैनिक NEWS4SOCIALडिजिटल से बातचीत में खुशी जाहिर की।
‘महिला आरक्षण, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं ने आगे बढ़ने की प्रेरणा दी’
पूजा बताती हैं कि महिला आरक्षण, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आज वे चाहती हैं कि महिलाएं न सिर्फ पंचायत में बल्कि हर क्षेत्र में भागीदारी करें।
प्रधानमंत्री के बुलावे पर पूजा बेहद गर्वित हैं। वे कहती हैं कि दिल्ली जाकर वे महिलाओं के लिए अधिक अवसर, सुरक्षा और सम्मान की मांग करेंगी। उनका सपना है कि गरारी पंचायत कृषि और बागवानी के क्षेत्र में बिहार की नंबर वन पंचायत बने।
पूजा बताती हैं कि आनेवाले विधानसभा चुनाव में हमें मौका मिला तो वह चुनाव लड़ेंगी और कोंच विधानसभा की जनता का आशीर्वाद लेकर उनकी सेवा करेंगी।
संडा पंचायत के मुखिया रामजी शर्मा भारत सरकार के विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शामिल होंगे।
अब बात टेकारी प्रखंड के संडा पंचायत के मुखिया रामजी शर्मा की
पूजा के अलावा गया जिले के टेकारी के संडा पंचायत के मुखिया रामजी शर्मा को भी बुलाया गया है। बिहार से कुल 10 मुखिया इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किए गए हैं। संडा पंचायत के मुखिया रामजी शर्मा युवा हैं। इनके खानदान का सीधे तौर पर राजनीति से नाता नही रहा है, लेकिन नाता है भी।
रामजी शर्मा का घर संडा पंचायत के रसलपुर गांव में है। उनकी बड़ी बहन किरण देवी की शादी संडा में नवल सिंह के यहां हुई थी। नवल सिंह पूर्व से मुखिया थे। किरण देवी की जब शादी नवल सिंह के लड़के से हुई तो वह संडा पंचायत से 2006 में चुनाव लड़ीं और जीत गईं। इसके बाद रामजी शर्मा के मन में भी मुखिया बनने का ख्याल आया। 2021 में उन्होंने चुनाव लड़ा और वे जीत गए।
विभिन्न योजनाओं के तहत पंचायत में 80 फीसदी से अधिक काम
रामजी शर्मा ने बताया कि सरकार की सभी योजनाओं को पंचायत में लागू किया और उसका फायदा ग्रामीणों को मिला। जल संचय, इंदिरा आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, नल जल, बिजली, पेंशन तमाम योजनाओं का फायदा ग्रामीणों को मिला है। रामजी शर्मा दावा करते हैं कि पंचायत में 80 प्रतिशत से अधिक काम विभिन्न योजनाओं के तहत हुआ है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि अब तक इस पंचायत से जितने भी मुखिया बने उनके ऊपर दबंग की मुहर लगी थी। इस वजह से गरीब गुरबा उनसे संपर्क साधने से कतराते थे। उनके अंदर भय का माहौल था। लेकिन हमारे कार्यकाल में ऐसा नहीं है। पंचायत के लोग बेखौफ होकर अपनी समस्या घर पर आकर बताते हैं। समय समय पर अपनी नाराजगी का इजहार भी करते है। अब वे खुलकर अपनी बात अपने मुखिया के समक्ष रखते हैं। यही वजह है कि हमें गया जिला से 15 अगस्त के मौके पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि हमें हमारे क्षेत्र की जनता से भरपूर प्यार मिल रहा है। आगे भी जनता की सेवा करने का मौका मिला तो हम उनकी अपेक्षा पर खरा उतरेंगे।
