खेतों में बैठा ‘घुमक्कड़ चीता’: KGP-1 ने फिर मचाई हलचल: ग्वालियर के तिघरा से घाटीगांव तक लगातार बदल रहा मूवमेंट; वन विभाग अलर्ट – Gwalior News h3>
ग्वालियर10 मिनट पहले
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ग्वालियर के ऊआ खेड़ा गांव के खेतों में आराम करता चीता KGP-1
ग्वालियर अंचल में इन दिनों एक खास मेहमान ने हलचल मचा रखी है। कूनो नेशनल पार्क से निकला चर्चित चीता KGP-1 एक बार फिर घाटीगांव क्षेत्र में नजर आया है। इस बार उसे ऊआ खेड़ा गांव के खेतों के बीच आराम करते हुए देखा गया, जिसका वीडियो ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
बताया जा रहा है कि यह वही चीता है, जो करीब 25 दिन पहले कूनो से निकलकर आरोन और सिमरिया होते हुए ग्वालियर के जंगलों तक पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से इसका मूवमेंट लगातार बदल रहा है, जिससे वन विभाग भी सतर्क मोड में है।
तिघरा से घाटीगांव तक लंबा सफर, खेतों में आराम करता दिखा मेहमान
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पिछले 5 दिनों से चीता KGP-1 तिघरा डैम क्षेत्र के लखनपुरा जंगलों में घूमता रहा। माना जा रहा है कि वह पानी की तलाश में इस इलाके तक पहुंचा था। इसके बाद अब वह फिर से घाटीगांव के ऊआ खेड़ा गांव के खेतों में बैठा नजर आया।
इससे पहले भी उसका मूवमेंट सोनचिरैया अभयारण्य और आसपास के ग्रामीण इलाकों में देखा गया था। यह साफ संकेत है कि चीता इस पूरे इलाके को अपना अस्थायी मूवमेंट ज़ोन बना चुका है।
ग्रामीणों ने जब खेतों के बीच चीते को आराम करते देखा, तो पहले तो डर और हैरानी दोनों का माहौल बन गया। लेकिन जल्द ही कई लोगों ने मोबाइल निकालकर उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में चीता पूरी तरह शांत दिखाई दे रहा है, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि वह फिलहाल आक्रामक मूड में नहीं है।
वन विभाग की कड़ी निगरानी
ग्वालियर वन विभाग और कूनो नेशनल पार्क की टीम लगातार इस चीते की निगरानी कर रही है। उसके गले में लगे ट्रैकिंग कॉलर आईडी के जरिए उसकी लोकेशन पर नजर रखी जा रही है। टीम हर मूवमेंट को ट्रैक कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
अब तक हमला नहीं पर ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी
अब तक राहत की बात यह है कि चीते ने किसी भी ग्रामीण या मवेशी पर हमला नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि घाटीगांव के जंगलों में पर्याप्त शिकार मौजूद है, जिसकी वजह से उसे गांवों की ओर रुख करने की जरूरत नहीं पड़ रही।
वन विभाग ने पहले ही आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं, और चीते को देखने या उसके पास जाने की कोशिश बिल्कुल न करें।
इस पूरे घटनाक्रम ने ग्वालियर और आसपास के इलाकों में एक अलग ही रोमांच पैदा कर दिया है, जहां एक तरफ लोग इस दुर्लभ वन्यजीव को देखने के लिए उत्साहित हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा को लेकर सावधानी भी बरती जा रही है। फिलहाल सबकी नजरें इसी ‘घुमक्कड़’ चीते KGP-1 की अगली लोकेशन पर टिकी हुई हैं।
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ग्वालियर10 मिनट पहले
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ग्वालियर के ऊआ खेड़ा गांव के खेतों में आराम करता चीता KGP-1
ग्वालियर अंचल में इन दिनों एक खास मेहमान ने हलचल मचा रखी है। कूनो नेशनल पार्क से निकला चर्चित चीता KGP-1 एक बार फिर घाटीगांव क्षेत्र में नजर आया है। इस बार उसे ऊआ खेड़ा गांव के खेतों के बीच आराम करते हुए देखा गया, जिसका वीडियो ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
बताया जा रहा है कि यह वही चीता है, जो करीब 25 दिन पहले कूनो से निकलकर आरोन और सिमरिया होते हुए ग्वालियर के जंगलों तक पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से इसका मूवमेंट लगातार बदल रहा है, जिससे वन विभाग भी सतर्क मोड में है।
तिघरा से घाटीगांव तक लंबा सफर, खेतों में आराम करता दिखा मेहमान
पिछले 5 दिनों से चीता KGP-1 तिघरा डैम क्षेत्र के लखनपुरा जंगलों में घूमता रहा। माना जा रहा है कि वह पानी की तलाश में इस इलाके तक पहुंचा था। इसके बाद अब वह फिर से घाटीगांव के ऊआ खेड़ा गांव के खेतों में बैठा नजर आया।
इससे पहले भी उसका मूवमेंट सोनचिरैया अभयारण्य और आसपास के ग्रामीण इलाकों में देखा गया था। यह साफ संकेत है कि चीता इस पूरे इलाके को अपना अस्थायी मूवमेंट ज़ोन बना चुका है।
ग्रामीणों ने जब खेतों के बीच चीते को आराम करते देखा, तो पहले तो डर और हैरानी दोनों का माहौल बन गया। लेकिन जल्द ही कई लोगों ने मोबाइल निकालकर उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में चीता पूरी तरह शांत दिखाई दे रहा है, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि वह फिलहाल आक्रामक मूड में नहीं है।
वन विभाग की कड़ी निगरानी
ग्वालियर वन विभाग और कूनो नेशनल पार्क की टीम लगातार इस चीते की निगरानी कर रही है। उसके गले में लगे ट्रैकिंग कॉलर आईडी के जरिए उसकी लोकेशन पर नजर रखी जा रही है। टीम हर मूवमेंट को ट्रैक कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
अब तक हमला नहीं पर ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी
अब तक राहत की बात यह है कि चीते ने किसी भी ग्रामीण या मवेशी पर हमला नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि घाटीगांव के जंगलों में पर्याप्त शिकार मौजूद है, जिसकी वजह से उसे गांवों की ओर रुख करने की जरूरत नहीं पड़ रही।
वन विभाग ने पहले ही आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं, और चीते को देखने या उसके पास जाने की कोशिश बिल्कुल न करें।
इस पूरे घटनाक्रम ने ग्वालियर और आसपास के इलाकों में एक अलग ही रोमांच पैदा कर दिया है, जहां एक तरफ लोग इस दुर्लभ वन्यजीव को देखने के लिए उत्साहित हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा को लेकर सावधानी भी बरती जा रही है। फिलहाल सबकी नजरें इसी ‘घुमक्कड़’ चीते KGP-1 की अगली लोकेशन पर टिकी हुई हैं।
