खुद के मोबाइल से करना होगी जनगणना की ड्यूटी: टीए-डीए भी नहीं मिलेगा, दो चरणों में काम पूरा होने पर मिलेगा मानदेय – Bhopal News h3>
आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं दी जाएगी। उन्हें अपने निजी मोबाइल से ही पूरा काम करना होगा और टीए-डीए भी नहीं मिलेगा। जनगणना निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश में 1 मई से मकान सूचीकरण और इसके बाद जनसंख्या गणना का काम शुरू होगा। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी, जिसके लिए प्रगणक और सुपरवाइजर को अपने स्वयं के मोबाइल फोन का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है। निर्देशों में साफ किया गया है कि जनगणना कार्य के दौरान कर्मचारियों को यात्रा भत्ता (TA) और दैनिक भत्ता (DA) नहीं दिया जाएगा। यानी फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने संसाधनों के साथ ही जिम्मेदारी निभानी होगी। भोपाल सहित प्रदेश के सभी जिलों में जनगणना की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि डेटा कलेक्शन और अन्य कार्य तय समय पर पूरे हो सकें। संभागायुक्त को मिलेगा सबसे ज्यादा मानदेय सरकार ने इस बार जनगणना से जुड़े सभी स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों का मानदेय भी पहले से तय कर दिया है। इसमें सबसे अधिक मानदेय संभागायुक्त और प्रमुख जनगणना अधिकारी को मिलेगा। दोनों चरण पूरे होने के बाद उन्हें कुल 60 हजार रुपए दिए जाएंगे। जानिये किस अधिकारी-कर्मचारी को कितना मानदेय मिलेगा प्रगणक और पर्यवेक्षक को पहले चरण में मकान सूचीकरण के लिए ₹9,000 और दूसरे चरण में जनसंख्या गणना के लिए ₹16,000 दिए जाएंगे। इस तरह उन्हें कुल ₹25,000 मिलेंगे। राज्य स्तर पर काम करने वाले नोडल अधिकारी और समन्वयक को पहले चरण में ₹30,000 और दूसरे चरण में ₹45,000 मिलेंगे। कुल मिलाकर इन्हें ₹75,000 का मानदेय दिया जाएगा। वहीं, राज्य स्तर के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों (अधिकतम 5) को कुल ₹30,000 दिए जाएंगे। संभागायुक्त, प्रमुख जनगणना अधिकारी और अतिरिक्त प्रमुख अधिकारियों को सबसे ज्यादा मानदेय मिलेगा। इन्हें पहले चरण के बाद ₹25,000 और दूसरे चरण के बाद ₹35,000 दिए जाएंगे। इस तरह कुल ₹60,000 मिलेंगे। जिला और उप जिला स्तर के जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारियों को कुल ₹45,000 दिए जाएंगे। इसी तरह उपखंड अधिकारी, चार्ज अधिकारी और अतिरिक्त चार्ज अधिकारी को भी ₹45,000 का मानदेय मिलेगा। कार्यालय में जनगणना का काम संभालने वाले जनगणना लिपिक को पहले चरण में ₹12,000 और दूसरे चरण में ₹18,000 दिए जाएंगे। इस तरह उनका कुल मानदेय ₹30,000 तय किया गया है।