Advertising
<

क्या JNU टुकड़े-टुकड़े गैंग वाला राष्ट्रविरोधी संस्थान है? VC ने इंटरव्यू में अपने तर्कों से बोलने वालों के मुंह पर लगा दिया ताला

60
क्या JNU टुकड़े-टुकड़े गैंग वाला राष्ट्रविरोधी संस्थान है? VC ने इंटरव्यू में अपने तर्कों से बोलने वालों के मुंह पर लगा दिया ताला

क्या JNU टुकड़े-टुकड़े गैंग वाला राष्ट्रविरोधी संस्थान है? VC ने इंटरव्यू में अपने तर्कों से बोलने वालों के मुंह पर लगा दिया ताला

JNU VC Interview: जवाहर लाल यूनिवर्सिटी की पहली महिला वीसी शांतिश्री धुलीपुड़ी ने इंडियन एक्सप्रेस को ताजा इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू में उन्होंने जेएनयू की देशविरोधी संस्थान वाली छवि, टुकड़े-टुकड़े गैंग संबंधी सवालों पर बेबाकी से जवाब दिया। शांतिश्री ने कहा कि मुझे खुद मौजूदा सरकार ने चुन कर भेजा है इसलिए वह मझे टुकड़े-टुकड़े नहीं कह सकते।

 

जेएनयू वीसी शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित
नई दिल्ली: जवाहर लाल यूनिवर्सिटी के देश का नामी संस्थान है। इस यूनिवर्सिटी से निकले लोगों ने देश-विदेश में अपना नाम किया है। मोदी सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में तीन मंत्री भी जेएनयू के छात्र रह चुके हैं। इन सबके बीच कुछ लोग ऐसे हैं जो हमेशा से यह आरोप लगाते आ रहे हैं कि यह एक देशविरोधी संस्थान है। यहां टुकड़े-टुकड़े गैंग मानसिकता के लोग हैं लेकिन जेएनयू की मौजूदा वीसी ऐसा नहीं मानतीं। इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में जवाहरलाल यूनिवर्सिटी की पहली महिला वाइस चांसलर शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित इन्हीं सवालों पर बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब जेएनयू से निकले लोग देश के लिए अपना योगदान दे रहे हैं तो एंटी नैशनल कैसे हो सकते हैं।

‘देश के लिए अपना योगदान दे रहे हैं तो एंटी नैशनल कैसे’

वीसी धुलीपुड़ी पंडित ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में टुकड़े-टुकडें गैंग के सवाल पर जवाब दिया। उनसे पूछा गया कि केंद्र सरकार के ही कई सीनियर लीडरों ने जेएनयू की ऐसी छवि बनाई है कि इसमें टुकड़े-टुकड़े गैंग और देशविरोधी लोग पढ़ते हैं। इस पर शांतिश्री ने कहा कि मुझे खुद मौजूदा सरकार ने चुन कर भेजा है इसलिए वह मझे टुकड़े-टुकड़े नहीं कह सकते। हमें इस छवि को बदलन होगा। उन्होंने कहा कि, देखिए जेएनयू को ऐसा दिखाया गया कि की यहां अर्बन नक्सल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और देशविरोधी छवि वाले लोग पढ़ते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मैं एक चीज स्पष्ट कर देना चाहती हूं। मौजूदा मोदी सरकार में 3 मंत्री ऐसे हैं जो इसी जेएनयू के छात्र रह चुके हैं। ब्यूरोक्रेसी में मौजूद 70 फीसदी लोग जेएनयू से पढ़े हुए हैं और एकेडमिक्स में 50 फीसदी लोग यहीं से निकले हुए हैं। जब जेएनयू से निकले लोग देश के लिए अपना योगदान दे रहे हैं तो एंटी नैशनल कैसे हो सकते हैं।

मैं भी इसी संस्थान से पढ़ी हूं- जेएयू वीसी
एक सवाल के जवाब में वीसी शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित ने कहा कि मेरा यह कर्तव्य है कि मैं यूनिवर्सिटी की सकारात्मक छवि पेश करूं। मैं भी जेएनयू की ही प्रोडक्ट हूं। ऐसे में अगर मुझे वह एंटी नैशनल या देश विरोधी कहेंगे तो मुझे भी दुख होगा। आज जो मैं हूं वह केवल और केवल इस संस्थान की वजह से हूं। मैं सरकार को दोष नहीं दे रही हूं। जेएनयू में ज्यादातर फैकल्टी ऐसी हैं जिनका काम बहुत अच्छा है। वह उतने ही देशभक्त हैं जितने बाकी लोग हैं।

Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐप

लेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें

Advertising
Web Title : Hindi News from Navbharat Times, TIL Network

दिल्ली की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Delhi News

Source link